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Fatehabad News: खेतों से पानी निकासी खाद की कमी पर इनेलो का प्रदर्शन
Mon, 03 Nov 2025 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 03 Nov 2025 11:49 PM IST
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फतेहाबाद। प्रदर्शन के दौरान किसानों व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते सुनैना चौटालासंवाद
फतेहाबाद। खेतों से पानी की निकासी, मुआवजा और खाद की समस्या के समाधान को लेकर इनेलो ने सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और उपायुक्त डॉ. विवेक भारती को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अगुवाई इनेलो महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला ने की।
इस अवसर पर सुनैना चौटाला ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसानों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। भारी बरसात और सेम के कारण जिले सहित प्रदेशभर में फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन सरकार मुआवजा देने से पीछे हट रही है। जुलाई से सितंबर के बीच आई अधिक वर्षा से 12 जिलों में भारी नुकसान हुआ है। करीब साढ़े चार लाख किसानों की 19 लाख एकड़ फसलें खराब हुई हैं और हजारों गांव प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक राहत राशि जारी नहीं की है।
उन्होंने कहा कि खेतों में जलभराव के कारण किसान रबी फसलों की बिजाई करने में असमर्थ हैं। वहीं जिन किसानों की थोड़ी बहुत फसल बची है, उन्हें मंडियों में उचित दाम नहीं मिल रहा। धान की खरीद में नमी के नाम पर 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कटौती की जा रही है। उन्होंने मांग की कि जलभराव से प्रभावित फसलों का मुआवजा तुरंत दिया जाए और बीमा कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए।
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इस मौके पर इनेलो जिलाध्यक्ष बीकर सिंह हड़ौली, प्रदेश सचिव बलविंद्र कैरो, हरि सिंह डांगरा, अजीत गिलांखेड़ा, बलदेव दरियापुर, प्रियंका सिहाग, अंगद ढिंगसरा, प्रेम सिंह कन्हड़ी और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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इस अवसर पर सुनैना चौटाला ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसानों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। भारी बरसात और सेम के कारण जिले सहित प्रदेशभर में फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन सरकार मुआवजा देने से पीछे हट रही है। जुलाई से सितंबर के बीच आई अधिक वर्षा से 12 जिलों में भारी नुकसान हुआ है। करीब साढ़े चार लाख किसानों की 19 लाख एकड़ फसलें खराब हुई हैं और हजारों गांव प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक राहत राशि जारी नहीं की है।
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उन्होंने कहा कि खेतों में जलभराव के कारण किसान रबी फसलों की बिजाई करने में असमर्थ हैं। वहीं जिन किसानों की थोड़ी बहुत फसल बची है, उन्हें मंडियों में उचित दाम नहीं मिल रहा। धान की खरीद में नमी के नाम पर 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कटौती की जा रही है। उन्होंने मांग की कि जलभराव से प्रभावित फसलों का मुआवजा तुरंत दिया जाए और बीमा कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए।
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इस मौके पर इनेलो जिलाध्यक्ष बीकर सिंह हड़ौली, प्रदेश सचिव बलविंद्र कैरो, हरि सिंह डांगरा, अजीत गिलांखेड़ा, बलदेव दरियापुर, प्रियंका सिहाग, अंगद ढिंगसरा, प्रेम सिंह कन्हड़ी और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।