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Fatehabad News: ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर गांव रहनखेड़ी के युवक से 17 लाख ठगे, तीन पर केस दर्ज
Thu, 24 Oct 2024 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 24 Oct 2024 11:33 PM IST
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भूना। ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर गांव रहनखेड़ी के युवक से 17 लाख रुपये ठगने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया है। मामले की पहले आर्थिक अपराध शाखा फतेहाबाद द्वारा जांच की गई। इसके बाद एसपी के आदेश पर भूना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस शिकायत में गांव रहनखेड़ी निवासी हरपाल सिंह ने बताया कि उसके भतीजे गुरपेज सिंह को ऑस्ट्रेलिया जाना था। उसका वर्क वीजा जारी नहीं हो पा रहा था। उनकी मुलाकात रिश्तेदारी में मामा पंजाब के मानसा जिले के गांव आहलुपुर निवासी जसपाल सिंह से हुई।
उसने बताया कि मैंने भी विदेश जाना है। उसने एजेंट अमृतसर के गांव बोधगिलवाली निवासी मनजीत सिंह को 12 लख रुपये दे रखे हैं। इसलिए उसने भी अपने भतीजे गुरपेज सिंह को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए मनजीत सिंह से संपर्क किया और 23 जून 2023 को आरोपी मनजीत सिंह फतेहाबाद में उसके भतीजे से मिलने पहुंचा। उसने कहा कि गुरपेज सिंह को ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलाने के लिए 17 लाख रुपये लेगा।
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मनजीत सिंह ने पांच लाख रुपये नकद व डेढ़ लाख रुपये नेफ्ट करवा कर दे दिए। उसी दिन आरोपी मनजीत सिंह ने कहा कि अब बकाया राशि गुरपेज सिंह का वर्क वीजा मिलने के बाद देनी होगी। इसी साल 15 अप्रैल को आरोपी ने बताया कि गुरपेज सिंह का वीजा आ गया है, जल्दी से बकाया 9 लाख रुपये तीन दिन में उनके पार्टनर बिजेंद्र व रणजीत सिंह के खाते में डाल दो।
मनजीत सिंह के कहने के बाद 2 लाख रुपये बिजेंद्र तथा 4 लाख रुपये दूसरे पार्टनर रणजीत सिंह के खाते में नेफ्ट करवा दिए। 2 लाख रुपये मनजीत सिंह के खाते में ट्रांसफर कर दिए। 20 अप्रैल को मनी ट्रांसफर सेंटर के माध्यम से 99 हजार 996 रुपये जमा करवा दिए। कुल मिलाकर 17 लाख रुपये का बैंक व नकद भुगतान कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने गुरपेज सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट पर बुलाकर फोन बंद कर लिए।
हरपाल सिंह अपने भतीजे गुरपेज सिंह व परिजनों के साथ पूरे दिन उनका इंतजार करते रहे। मगर फोन बंद होने से वे परेशान हो गए और घर लौट आए। शिकायतकर्ता ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए जो वर्क वीजा ऑनलाइन दिखाया गया था, वह फर्जी था। जब गुरपेज सिंह ने आरोपी मनजीत सिंह के गांव जाकर पता किया तो भोले भाले लोगों को बहला- फुसलाकर विदेश भेजने का झांसा देकर पैसे ऐंठने का गिरोह चलाने की जानकारी मिली।
उसके चंगुल में काफी लोग फंस चुके हैं। आरोपी के परिजनों ने मनजीत सिंह को बेदखल कर रखा है। पीड़ित परिवार ने पंजाब से आकर एसपी आस्था मोदी को ठगी का शिकार होने के बारे में जानकारी दी। एसपी ने आर्थिक अपराध शाखा फतेहाबाद से जांच करवाई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी मनजीत सिंह, बिजेंद्र व रणजीत सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
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पुलिस शिकायत में गांव रहनखेड़ी निवासी हरपाल सिंह ने बताया कि उसके भतीजे गुरपेज सिंह को ऑस्ट्रेलिया जाना था। उसका वर्क वीजा जारी नहीं हो पा रहा था। उनकी मुलाकात रिश्तेदारी में मामा पंजाब के मानसा जिले के गांव आहलुपुर निवासी जसपाल सिंह से हुई।
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उसने बताया कि मैंने भी विदेश जाना है। उसने एजेंट अमृतसर के गांव बोधगिलवाली निवासी मनजीत सिंह को 12 लख रुपये दे रखे हैं। इसलिए उसने भी अपने भतीजे गुरपेज सिंह को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए मनजीत सिंह से संपर्क किया और 23 जून 2023 को आरोपी मनजीत सिंह फतेहाबाद में उसके भतीजे से मिलने पहुंचा। उसने कहा कि गुरपेज सिंह को ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलाने के लिए 17 लाख रुपये लेगा।
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मनजीत सिंह ने पांच लाख रुपये नकद व डेढ़ लाख रुपये नेफ्ट करवा कर दे दिए। उसी दिन आरोपी मनजीत सिंह ने कहा कि अब बकाया राशि गुरपेज सिंह का वर्क वीजा मिलने के बाद देनी होगी। इसी साल 15 अप्रैल को आरोपी ने बताया कि गुरपेज सिंह का वीजा आ गया है, जल्दी से बकाया 9 लाख रुपये तीन दिन में उनके पार्टनर बिजेंद्र व रणजीत सिंह के खाते में डाल दो।
मनजीत सिंह के कहने के बाद 2 लाख रुपये बिजेंद्र तथा 4 लाख रुपये दूसरे पार्टनर रणजीत सिंह के खाते में नेफ्ट करवा दिए। 2 लाख रुपये मनजीत सिंह के खाते में ट्रांसफर कर दिए। 20 अप्रैल को मनी ट्रांसफर सेंटर के माध्यम से 99 हजार 996 रुपये जमा करवा दिए। कुल मिलाकर 17 लाख रुपये का बैंक व नकद भुगतान कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने गुरपेज सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट पर बुलाकर फोन बंद कर लिए।
हरपाल सिंह अपने भतीजे गुरपेज सिंह व परिजनों के साथ पूरे दिन उनका इंतजार करते रहे। मगर फोन बंद होने से वे परेशान हो गए और घर लौट आए। शिकायतकर्ता ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए जो वर्क वीजा ऑनलाइन दिखाया गया था, वह फर्जी था। जब गुरपेज सिंह ने आरोपी मनजीत सिंह के गांव जाकर पता किया तो भोले भाले लोगों को बहला- फुसलाकर विदेश भेजने का झांसा देकर पैसे ऐंठने का गिरोह चलाने की जानकारी मिली।
उसके चंगुल में काफी लोग फंस चुके हैं। आरोपी के परिजनों ने मनजीत सिंह को बेदखल कर रखा है। पीड़ित परिवार ने पंजाब से आकर एसपी आस्था मोदी को ठगी का शिकार होने के बारे में जानकारी दी। एसपी ने आर्थिक अपराध शाखा फतेहाबाद से जांच करवाई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी मनजीत सिंह, बिजेंद्र व रणजीत सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।