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Fatehabad News: फतेहाबाद में भारी वाहन लाइसेंस के लिए युवाओं को करना पड़ रहा तीन महीने तक इंतजार
Tue, 03 Sep 2024 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 03 Sep 2024 12:20 AM IST
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फतेहाबाद। भारी वाहन चलाना सीखने वाले युवाओं को रोडवेज डिपो के ट्रेनिंग स्कूल में लाइसेंस बनवाने के लिए 3-3 माह तक की वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल जिले के 434 के करीब युवा ट्रेनिंग लेने के लिए प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं। युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए डिपो में एक ही बैच चल रहा है।
युवा राजेंद्र, संदीप, मनीष व गौरव ने बताया कि मौजूदा समय में भारी वाहन चलाने का लाइसेंस बनवाने के लिए तीन महीने से अधिक की प्रतीक्षा सूची चल रही है। युवाओं का कहना है कि विभाग को बैच बढ़ा देने चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा ट्रेनिंग लेकर हैवी लाइसेंस बनवा सकें। 2015 से पहले युवाओं को हैवी लाइसेंस के लिए हिसार, मुरथल व कैथल जाना पड़ता था। वहीं उसके बाद सरकार ने हर जिले में ट्रेनिंग स्कूल खोले गए। फतेहाबाद जिले के भूना में ट्रेनिंग स्कूल बनाया गया।
एक बैच में 140 प्रशिक्षणार्थियों को दी जाती है ट्रेनिंग
जिले के ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग देने के लिए रोजाना 7 बसें चलती है। एक बैच में हैवी लाइसेंस बनवाने 140 प्रशिक्षणार्थियों को ही ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षु को रोजाना 8 किलोमीटर बस चलाकर दिखानी होती है। 35 दिनों की ट्रेनिंग के बाद टेस्ट लिया जाता है। अगर प्रशिक्षु उस टेस्ट काे पास करता है तो उसे हैवी लाइसेंस प्रदान कर दिया जाता है।
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वर्ष 2017 में शुरू हुआ था ऑनलाइन पंजीकरण
- रोडवेज डिपो के ड्राइविंग स्कूल में पंजीकरण के लिए पहले कागजी कार्रवाई में काफी समय लगता था। 2017 में रोडवेज ने ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया। इसकी फीस भी ऑनलाइन ही भरी जाती है। जनरल श्रेणी के प्रशिक्षणार्थियों की 3000 रुपये फीस है वहीं अनुसूचित श्रेणी के युवाओं की 1500 रुपये है।
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युवा राजेंद्र, संदीप, मनीष व गौरव ने बताया कि मौजूदा समय में भारी वाहन चलाने का लाइसेंस बनवाने के लिए तीन महीने से अधिक की प्रतीक्षा सूची चल रही है। युवाओं का कहना है कि विभाग को बैच बढ़ा देने चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा ट्रेनिंग लेकर हैवी लाइसेंस बनवा सकें। 2015 से पहले युवाओं को हैवी लाइसेंस के लिए हिसार, मुरथल व कैथल जाना पड़ता था। वहीं उसके बाद सरकार ने हर जिले में ट्रेनिंग स्कूल खोले गए। फतेहाबाद जिले के भूना में ट्रेनिंग स्कूल बनाया गया।
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एक बैच में 140 प्रशिक्षणार्थियों को दी जाती है ट्रेनिंग
जिले के ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग देने के लिए रोजाना 7 बसें चलती है। एक बैच में हैवी लाइसेंस बनवाने 140 प्रशिक्षणार्थियों को ही ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षु को रोजाना 8 किलोमीटर बस चलाकर दिखानी होती है। 35 दिनों की ट्रेनिंग के बाद टेस्ट लिया जाता है। अगर प्रशिक्षु उस टेस्ट काे पास करता है तो उसे हैवी लाइसेंस प्रदान कर दिया जाता है।
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वर्ष 2017 में शुरू हुआ था ऑनलाइन पंजीकरण
- रोडवेज डिपो के ड्राइविंग स्कूल में पंजीकरण के लिए पहले कागजी कार्रवाई में काफी समय लगता था। 2017 में रोडवेज ने ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया। इसकी फीस भी ऑनलाइन ही भरी जाती है। जनरल श्रेणी के प्रशिक्षणार्थियों की 3000 रुपये फीस है वहीं अनुसूचित श्रेणी के युवाओं की 1500 रुपये है।