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रि-साइक्लिंग और रि-यूज पॉलिसी के तहत जिले में घरेलू पानी ट्रीटमेंट प्लांट शुरू

Fri, 11 Sep 2020 10:00 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2020 10:00 PM IST
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Housing water treatment plant started in the district
पपीहा पार्क में वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट और रि-साइक्लिंग प्लांट का निरीक्षण करते डीसी डॉ. नरहरि सिंह - फोटो : Fatehabad
रि-साइक्लिंग और रि-यूज की पॉलिसी के तहत जिले में डाईकी एक्सिस इंडिया द्वारा घरेलू पानी ट्रीटमेंट प्लांट स्थानीय पपीहा पार्क में निशुल्क लगाया है। इस तरह की देश में पहली मशीन है। इस प्लांट का डीसी डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने आरंभ करवाकर पायलट प्रोजेक्ट शहरवासियों को सौंपा। डीसी ने बताया कि यह प्लांट प्रतिदिन दस हजार लीटर शहर के गंदे पानी को साफ करेगा जिससे बड़ी मात्रा में पानी की बचत होगी। जिले के विभिन्न स्थानों पर डाईकी एक्सिस इंडिया द्वारा ऐसे प्लांट लगाए जाएंगे। ज्ञात रहे कि प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष ही रि-साइक्लिंग और रि-यूज की पॉलिसी को अनिवार्य किया है जिसके तहत इस योजना की शुरूआत जिला में पपीहा पार्क से की गई है।
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ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को ट्रीट करके इसका रि-यूज किया जाएगा : डीसी डॉ. बांगड़ ने बताया कि अब स्वच्छ भारत मिशन भी घरों के गंदे पानी के लिए इसको अनिवार्य करता है। यह पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए अनोखी पहल है। उन्होंने बताया कि व्यर्थ तथा सीवरेज में जा रहे घरेलू पानी का सदुपयोग करने के लिए शहर फतेहाबाद में ट्रीटमेेंट प्लांट (एसटीपी/एमएलडी) की नींव गत माह रखी गई थी। एक माह में यह कार्य संपन्न कर जनता को समर्पित किया है। डीसी ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट के बाद स्थिति अनुसार पूरे जिला में इसको विस्तार दिया जाएगा। इस ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को ट्रीट करके इसका रि-यूज किया जाएगा। पानी को बागवानी और गार्डन में इस्तेमाल किया जाएगा। यह ट्रीटमेंट प्लांट छोटे होते हैं जो घरेलू पानी के जल को ट्रीट करते हैं। इनमें जगह की बचत भी होती है। जिला ने इस कंपनी के साथ मिलकर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह प्लांट लगाया गया है। इस प्लांट में एनजीटी के सभी दिशा निर्देशों की पालना की गई है और प्रदेश सरकार की रि-यूज पॉलिसी को भी ध्यान में रखा गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद आवश्यकतानुसार गांवों, कस्बों व शहरों में भी प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे।
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हर महीने तीन लाख लीटर गंदे पानी को साफ करेगी मशीन : कंपनी के डीजीएम सुनील सहगल ने कहा कि यह मशीन हर महीने तीन लाख लीटर गंदे पानी को साफ करेगी जिससे इतने ही भूजल और पीने के पानी की बचत होगी। यह मशीन पूर्णरूप से आटोमेटिक है और सोलर एनर्जी से भी चल सकती है।इस तरह की देश में पहली मशीन है। यह मशीन जोकासू तकनीकी पर आधारित है जोकि जापान में गंदे पानी को साफ करने की मुख्य तकनीक है।
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