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हिंदी हमारे स्वाभिमान की भाषा, गर्व से बोलें : कृष्णा
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निबंध एवं कहानी लेखन में भाग लेते अहरवां स्कूल के विद्यार्थी।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गांव अहरवां स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हिंदी हैं हम अभियान के तहत आओ मनाएं उत्सव अपनी भाषा का कार्यक्रम हुआ। इसके तहत निबंध एवं कहानी लेखन और कविता गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता की अध्यक्षता वरिष्ठ प्राध्यापिका कृष्णा देवी ने की, जबकि संचालन हिंदी प्राध्यापक देवेंद्र सोनी ने किया। कक्षा 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए हिंदी विषय के प्रति अपने उद्गार प्रकट किए।
कृष्णा देवी ने कहा कि हिंदी हमारे स्वाभिमान की भाषा है। हर नागरिक को पूरे गर्व के साथ हिंदी बोलनी चाहिए। हिंदी बोलने में किसी तरह की झिझक नहीं रखनी चाहिए। यह जरूरी है कि हर व्यक्ति हिंदी के महत्व को समझें। बेशक रोजगार के मामले में अंग्रेजी को तवज्जो मिलती है, लेकिन अपनी भाषा हिंदी का भी पूरा ज्ञान होना चाहिए। स्कूलों में भी विद्यार्थियों को हिंदी में ही बातचीत करनी चाहिए।
हिंदी हैं हम अभियान से मिलेगी प्रेरणा
हिंदी प्रवक्ता देवेंद्र सोनी ने कहा कि हिंदी हैं हम अभियान से विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी। उनमें हिंदी भाषा की गूढ़ता को जानने की उत्सुकता बढ़ेगी। आजकल बच्चों को अंग्रेजों सीखने के लिए ज्यादा प्रेरित किया जाता है, लेकिन हिंदी भाषा भी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसलिए इसके महत्व को कम नहीं समझना चाहिए।
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निबंध एवं कहानी लेखन में महकदीप रही प्रथम
प्राध्यापिका रेखा रानी ने बताया कि निबंध एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता में महकदीप कौर ने प्रथम, अंजलि ने द्वितीय व ज्योति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा विकास, रंगीता यादव, शैलजा, संजय कुमार, वीरपाल कौर, रजनी, नीलम, अक्षय, करण, रविंद्र, अजय, टीना, वीनस, मनीषा ने भागीदारी की। कविता गायन में किरण ने प्रथम व रीना ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। इसलिए इसका पूरा सम्मान होना जरूरी है। सरकार को हर सरकारी कामकाज और रोजगार के साधनों में हिंदी को ही अनिवार्यता देनी चाहिए। हिंदी हैं हम अभियान काफी प्रेरणादायक रहा। इससे विद्यार्थियों की हिंदी के प्रति उत्सुकता बढ़ेगी।
किरण, छात्रा, कक्षा 11वीं
सरकारी व निजी कंपनियों की नौकरियों में केंद्र सरकार को हिंदी को प्रमुखता दिलानी चाहिए। इससे हर विद्यार्थी स्कूली स्तर से ही हिंदी के प्रति गंभीर रहेगा। रोजगारपरक मामलों में अंग्रेजी को प्राथमिकता मिलने से अभिभावक भी बच्चों को अंग्रेजी सीखाने में लगे रहते हैं। यह बदलाव जरूरी है।
रीना, छात्रा, कक्षा 11वीं
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कृष्णा देवी ने कहा कि हिंदी हमारे स्वाभिमान की भाषा है। हर नागरिक को पूरे गर्व के साथ हिंदी बोलनी चाहिए। हिंदी बोलने में किसी तरह की झिझक नहीं रखनी चाहिए। यह जरूरी है कि हर व्यक्ति हिंदी के महत्व को समझें। बेशक रोजगार के मामले में अंग्रेजी को तवज्जो मिलती है, लेकिन अपनी भाषा हिंदी का भी पूरा ज्ञान होना चाहिए। स्कूलों में भी विद्यार्थियों को हिंदी में ही बातचीत करनी चाहिए।
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हिंदी हैं हम अभियान से मिलेगी प्रेरणा
हिंदी प्रवक्ता देवेंद्र सोनी ने कहा कि हिंदी हैं हम अभियान से विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी। उनमें हिंदी भाषा की गूढ़ता को जानने की उत्सुकता बढ़ेगी। आजकल बच्चों को अंग्रेजों सीखने के लिए ज्यादा प्रेरित किया जाता है, लेकिन हिंदी भाषा भी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसलिए इसके महत्व को कम नहीं समझना चाहिए।
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निबंध एवं कहानी लेखन में महकदीप रही प्रथम
प्राध्यापिका रेखा रानी ने बताया कि निबंध एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता में महकदीप कौर ने प्रथम, अंजलि ने द्वितीय व ज्योति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा विकास, रंगीता यादव, शैलजा, संजय कुमार, वीरपाल कौर, रजनी, नीलम, अक्षय, करण, रविंद्र, अजय, टीना, वीनस, मनीषा ने भागीदारी की। कविता गायन में किरण ने प्रथम व रीना ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। इसलिए इसका पूरा सम्मान होना जरूरी है। सरकार को हर सरकारी कामकाज और रोजगार के साधनों में हिंदी को ही अनिवार्यता देनी चाहिए। हिंदी हैं हम अभियान काफी प्रेरणादायक रहा। इससे विद्यार्थियों की हिंदी के प्रति उत्सुकता बढ़ेगी।
किरण, छात्रा, कक्षा 11वीं
सरकारी व निजी कंपनियों की नौकरियों में केंद्र सरकार को हिंदी को प्रमुखता दिलानी चाहिए। इससे हर विद्यार्थी स्कूली स्तर से ही हिंदी के प्रति गंभीर रहेगा। रोजगारपरक मामलों में अंग्रेजी को प्राथमिकता मिलने से अभिभावक भी बच्चों को अंग्रेजी सीखाने में लगे रहते हैं। यह बदलाव जरूरी है।
रीना, छात्रा, कक्षा 11वीं