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Fatehabad News: हेपेटाइटिस सी जांच की पहुंची किट, आज से शुरू होगा ट्रायल
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नागरिक अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक में जांच करवाने आए मरीज।
- फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। जिले में हेपेटाइटिस सी के सैंपल एक बार फिर से शुरू होने जा रहे हैं। हालांकि हेपेटाइटिस बी के सैंपल के लिए इंतजार करना होगा। जिले के गांव बड़ोपल स्थित आरटीपीसीआर लैब में हेपेटाइटिस सी जांच को लेकर किट आ गई है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग पांच सैंपलों पर ट्रायल करेगा। अगर ट्रायल सफल रहता है तो हेपेटाइटिस सी की जांच शुरू हो जाएगी। अहम बात यह है कि जिला मुख्यालय की आरटीपीसीआर लैब में जांच होगी और रिपोर्ट भी जल्द मिलेगी। जिले में पिछले चार माह से हेपेटाइटिस सी और बी की जांच बंद थी।
हेपेटाइटिस बी की पंचकूला में ही किट नहीं उपलब्ध
हेपेटाइटिस बी की जांच अभी शुरू नहीं होगी। पंचकूला मुख्यालय में ही किट नहीं है। विभाग फिलहाल सी पर ही जांच को लेकर काम शुरू कर रहा है। बताया जा रहा है कि काला पीलिया की जांच का काम सिरे चढ़ने के बाद ही हेपेटाइटिस बी की जांच शुरू की जाएगी।
जिला मुख्यालय पर शुरू हुआ उपचार : वर्ष 2017
अब तक जिले में हेपेटाइटिस सी मरीजों का पंजीकरण : 6310
जांच में हेपेटाइटिस सी मरीजों की पुष्टि : 4850
उपचार ले चुके मरीज : 4510
हेपेटाइटिस बी के मरीजों की हुई पुष्टि : 385
पहले रोहतक पीजीआई के लगाने पड़ते थे चक्कर
उपचार के लिए जिले के हजारों मरीजों को वर्ष 2017 से पहले कभी रोहतक पीजीआई के चक्कर काटने पड़ रहे थे तो कभी महंगी दवाइयां लेकर उपचार करवाना पड़ रहा था। जिलास्तर पर फरवरी 2017 में हेपेटाइटिस सी उपचार की सुविधा शुरू हुई। वर्ष 2020 से हेपेटाइटिस बी का उपचार भी शुरू हो गया है।
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रतिया क्षेत्र रेड जोन में शामिल
डाक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी वायरस के लक्षण पांच से लेकर सात सालों के बाद नजर आते हैं। क्षेत्र में सर्वे के दौरान सामने आया था कि आरएमपी डॉक्टरों ने इलाके में कई लोगों को एक ही सिरिंज से टीके लगाए, जिससे हेपेटाइटिस सी वायरस (एससीवी) एक से दूसरे में चला गया। रतिया व उसके आसपास के क्षेत्र में करीब 11 साल पहले काला-पीलिया के आशंकित मरीज सामने आने लगे थे। रतिया में सर्वे के दौरान करीब 1500 मरीज सामने आए और बढ़ते चले गए। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रतिया, हमजापुर, बुर्ज, बीराबदी, टोहाना, कुलां, अकांवाली, झलनियां, एमपी सोतर, टिब्बी, अयाल्की, नहेड़ी, समैन, चिम्मो, इंदाछुई, बिलासपुर, हिजरावां खुर्द, अहरवां, घासवां, नागपुर, बहबलपुर, नथवान, रत्ताखेड़ा, भिरड़ाना, धीड़, हसंगा, जमालपुर, जल्लोपुर, कमाना समेत जिले के कई गांवों में हेपेटाइटिस सी के मरीज पाए गए। संवाद
निजी लैब से खत्म कर दिया था अनुबंध
जिला मुख्यालय में हेपेटाइटिस सी का उपचार शुरू होने के बाद जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब से जांच के लिए अनुबंध किया था। 28 जुलाई को ये अनुबंध खत्म हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने आरपीसीआर लैब में जांच शुरू करने के निर्देश दिए। लैब में किट न होने के चलते अभी तक सैंपल जांच शुरू नहीं हो पाई।
कोट
हेपेटाइटिस सी जांच के लिए लैब में किट आ गई है। सोमवार को पांच सैंपल पर ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल अगर सफल रहता है तो जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अभी फिलहाल हेपेटाइटिस बी की किट नहीं आई है।
-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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हेपेटाइटिस बी की पंचकूला में ही किट नहीं उपलब्ध
हेपेटाइटिस बी की जांच अभी शुरू नहीं होगी। पंचकूला मुख्यालय में ही किट नहीं है। विभाग फिलहाल सी पर ही जांच को लेकर काम शुरू कर रहा है। बताया जा रहा है कि काला पीलिया की जांच का काम सिरे चढ़ने के बाद ही हेपेटाइटिस बी की जांच शुरू की जाएगी।
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जिला मुख्यालय पर शुरू हुआ उपचार : वर्ष 2017
अब तक जिले में हेपेटाइटिस सी मरीजों का पंजीकरण : 6310
जांच में हेपेटाइटिस सी मरीजों की पुष्टि : 4850
उपचार ले चुके मरीज : 4510
हेपेटाइटिस बी के मरीजों की हुई पुष्टि : 385
पहले रोहतक पीजीआई के लगाने पड़ते थे चक्कर
उपचार के लिए जिले के हजारों मरीजों को वर्ष 2017 से पहले कभी रोहतक पीजीआई के चक्कर काटने पड़ रहे थे तो कभी महंगी दवाइयां लेकर उपचार करवाना पड़ रहा था। जिलास्तर पर फरवरी 2017 में हेपेटाइटिस सी उपचार की सुविधा शुरू हुई। वर्ष 2020 से हेपेटाइटिस बी का उपचार भी शुरू हो गया है।
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रतिया क्षेत्र रेड जोन में शामिल
डाक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी वायरस के लक्षण पांच से लेकर सात सालों के बाद नजर आते हैं। क्षेत्र में सर्वे के दौरान सामने आया था कि आरएमपी डॉक्टरों ने इलाके में कई लोगों को एक ही सिरिंज से टीके लगाए, जिससे हेपेटाइटिस सी वायरस (एससीवी) एक से दूसरे में चला गया। रतिया व उसके आसपास के क्षेत्र में करीब 11 साल पहले काला-पीलिया के आशंकित मरीज सामने आने लगे थे। रतिया में सर्वे के दौरान करीब 1500 मरीज सामने आए और बढ़ते चले गए। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रतिया, हमजापुर, बुर्ज, बीराबदी, टोहाना, कुलां, अकांवाली, झलनियां, एमपी सोतर, टिब्बी, अयाल्की, नहेड़ी, समैन, चिम्मो, इंदाछुई, बिलासपुर, हिजरावां खुर्द, अहरवां, घासवां, नागपुर, बहबलपुर, नथवान, रत्ताखेड़ा, भिरड़ाना, धीड़, हसंगा, जमालपुर, जल्लोपुर, कमाना समेत जिले के कई गांवों में हेपेटाइटिस सी के मरीज पाए गए। संवाद
निजी लैब से खत्म कर दिया था अनुबंध
जिला मुख्यालय में हेपेटाइटिस सी का उपचार शुरू होने के बाद जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब से जांच के लिए अनुबंध किया था। 28 जुलाई को ये अनुबंध खत्म हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने आरपीसीआर लैब में जांच शुरू करने के निर्देश दिए। लैब में किट न होने के चलते अभी तक सैंपल जांच शुरू नहीं हो पाई।
कोट
हेपेटाइटिस सी जांच के लिए लैब में किट आ गई है। सोमवार को पांच सैंपल पर ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल अगर सफल रहता है तो जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अभी फिलहाल हेपेटाइटिस बी की किट नहीं आई है।
-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।