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Fatehabad News: टीबी मुक्त पंचायत को महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर स्वास्थ्य विभाग करेगा सम्मानित
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फतेहाबाद। टीबी मुक्त भारत को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब पंचायतों की मदद लेने जा रहा है। जो पंचायत टीबी मुक्त हो जाएगी उसे स्वास्थ्य विभाग सम्मानित करेगा। विभाग पंचायत को प्रमाण पत्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित करेगा। अगर पंचायत लगातार तीन साल तक टीबी मुक्त रहती है तो उसे स्वर्ण रंग की प्रतिमा के साथ सम्मानित किया जाएगा। जिले में 259 पंचायतें है। पंचायतों को विकास एवं पंचायती विभाग के साथ मिलकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त पंचायत को लेकर शर्तें तय की हैं। इन शर्तों को पूरा करने बाद ही टीबी मुक्त पंचायत को दर्जा दिया जाएगा। जिले में इस साल सितंबर माह तक टीबी के 1818 केस मिल चुके हैं। टीबी मुक्त पंचायत का चयन होने पर विश्व क्षयरोग दिवस पर 24 मार्च को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। जो कि अगले एक वर्ष तक मान्य होगा। टीबी मुक्त पंचायत को प्रमाण पत्र के साथ महात्मा गांधी एक प्रतिमा प्रदान की जाएगी। टीबी मुक्त पंचायत बने रहने पर पहले वर्ष कांस्य, लगातार दो वर्षो तक यह दर्जा रहने पर रजत और तीन वर्षो तक यह दर्जा बने रहने पर स्वर्ण रंग की मूर्ति प्रदान की जाएगी। टीबी मुक्त पंचायत पुरस्कार को ग्राम पंचायत के सदन में प्रदर्शित किया जाएगा।
टीबी मुक्त पंचायत का ऐसे होगा चयन
1. प्रत्येक 1000 लोगों पर हर साल में कम से कम 30 संभावित व्यक्तिों में टीबी की जांच की जाए।
2. टीबी की पुष्टि वाले लोगों के सभी निकट संपर्क (उनके साथ उनके घर में रहने वाले लोग, वे लोग जिनके साथ वे काम करते हैं तथा अन्य लोग जिनसे वे नियमित रूप से मिलते हैं आदि) और उच्च जोखिम आबादी में रहने वाले लोगो की भी टीबी की होनी चाहिए।
3. बैक्टीरियोलॉजिकल पुष्टि वाले टीबी रोगियों की दवा संवेदनशील परीक्षण (डीएसटी) कराना सुनिश्चित करें।
4. ऐसे मरीज जिनको टीबी की बीमारी की पृष्टि हुई है उनको सही उपचार शीघ्र, नियमित एवं पूरा करना चाहिए।
5. निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रत्येक क्षय रोगी को इलाज शुरू होने से इलाज पूरा होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता धनराशि का भुगतान किया जाता है ।
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6. सामाजिक संस्थाएं, शैक्षिणक संस्थाएं, औद्योगिक इकाईयों, जनप्रतिनिधियो, नागरिकों आदि के द्वारा निक्षय मित्र बनकर तथा टीबी के मरीज को गोद लेकर उनको अतिरिक्त पोषण सामग्री जांच एवं अन्य प्रकार की सहायता जैसे रोजगार हेतु प्रशिक्षण आदि प्रदान किया जाता है।
जिले में टीबी को लेकर ये रही है स्थिति
वर्ष टीबी मरीज मिले
2017 1347
2018 2034
2019 2429
2020 2096
2021 2113
2022 2216
2023 1818 अब तक
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना, बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना, थकावट होना, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत होना।
कोट
टीबी को लेकर टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। टीबी मुक्त के लिए पंचायतों की मदद ली जाएगी। इसके चलते टीबी मुक्त पंचायत अभियान शुरू किया जा रहा है। जो पंचायत टीबी मुक्त हो जाएगी। उसे सम्मानित किया जाएगा।
-डॉ. अमित सैनी, उप सिविल सर्जन
कोट
टीबी मुक्त भारत को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शुरू की है। टीबी मुक्त पंचायत का चयन किया जाएगा। चयनित पंचायत को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रमाण पत्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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टीबी मुक्त पंचायत का ऐसे होगा चयन
1. प्रत्येक 1000 लोगों पर हर साल में कम से कम 30 संभावित व्यक्तिों में टीबी की जांच की जाए।
2. टीबी की पुष्टि वाले लोगों के सभी निकट संपर्क (उनके साथ उनके घर में रहने वाले लोग, वे लोग जिनके साथ वे काम करते हैं तथा अन्य लोग जिनसे वे नियमित रूप से मिलते हैं आदि) और उच्च जोखिम आबादी में रहने वाले लोगो की भी टीबी की होनी चाहिए।
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3. बैक्टीरियोलॉजिकल पुष्टि वाले टीबी रोगियों की दवा संवेदनशील परीक्षण (डीएसटी) कराना सुनिश्चित करें।
4. ऐसे मरीज जिनको टीबी की बीमारी की पृष्टि हुई है उनको सही उपचार शीघ्र, नियमित एवं पूरा करना चाहिए।
5. निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रत्येक क्षय रोगी को इलाज शुरू होने से इलाज पूरा होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता धनराशि का भुगतान किया जाता है ।
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6. सामाजिक संस्थाएं, शैक्षिणक संस्थाएं, औद्योगिक इकाईयों, जनप्रतिनिधियो, नागरिकों आदि के द्वारा निक्षय मित्र बनकर तथा टीबी के मरीज को गोद लेकर उनको अतिरिक्त पोषण सामग्री जांच एवं अन्य प्रकार की सहायता जैसे रोजगार हेतु प्रशिक्षण आदि प्रदान किया जाता है।
जिले में टीबी को लेकर ये रही है स्थिति
वर्ष टीबी मरीज मिले
2017 1347
2018 2034
2019 2429
2020 2096
2021 2113
2022 2216
2023 1818 अब तक
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना, बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना, थकावट होना, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत होना।
कोट
टीबी को लेकर टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। टीबी मुक्त के लिए पंचायतों की मदद ली जाएगी। इसके चलते टीबी मुक्त पंचायत अभियान शुरू किया जा रहा है। जो पंचायत टीबी मुक्त हो जाएगी। उसे सम्मानित किया जाएगा।
-डॉ. अमित सैनी, उप सिविल सर्जन
कोट
टीबी मुक्त भारत को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शुरू की है। टीबी मुक्त पंचायत का चयन किया जाएगा। चयनित पंचायत को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रमाण पत्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन