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Fatehabad News: खसरा-रूबेला टीकाकरण से वंचित बच्चों को ढूंढेगा स्वास्थ्य विभाग, 10 फीसदी ने नहीं लगवाई डोज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2023 10:09 PM IST
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Health department to find children deprived of measles-rubella vaccination, 10% not vaccinated
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में आयुष्मान मित्र केंद्र पर लगी भीड़। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। खसरा-रूबेला बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब बच्चों के टीकाकरण पर जोर देने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने वंचित बच्चों के टीकाकरण को लेकर रोड मैप तैयार करने के निर्देश दिए है। जिले में करीब 10 फीसदी बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। अब इन 10 फीसदी बच्चों को ढूंढकर स्वास्थ्य विभाग खसरा-रूबेला टीके की पहली और दूसरी खुराक देगा।
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अहम बात यह है कि दो वर्ष से अधिक उम्र के दूसरी खुराक से छूटे हुए बच्चों का टीका खसरा-रूबेला उन्मूूलन कार्यक्रम के तहत पांच वर्ष तक की उम्र तक लगवाया जा सकता है। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे कि किन बच्चो को खसरा-रूबेला वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज नहीं लगी है। ये डोज बच्चों को पहली 9 माह और दूसरी 16 से 24 माह पर दी जाती है। 31 जनवरी तक वंचित बच्चों की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास जो आंकड़ा है उसके मुताबिक 90 फीसदी बच्चों का पूरा टीकाकरण हो चुका है।
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जिले में पिछले साल ये हुआ था टीकाकरण
बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य : 16500
बच्चों का हुआ टीकाकरण : 15953
ये है खसरे के लक्षण
डॉक्टरों के मुताबिक खसरा एक जानलेवा बीमारी होती है। यह एक संक्रामक रोग है और यह एक प्रभावित व्यक्ति द्वारा खांसने और छींकने से फैलता है। खसरे से बच्चे को निमोनिया, दस्त और दिमागी संक्रमण हो सकता है। खसरा के आम लक्षण तेज बुखार के साथ त्वचा पर लाल दाने व चकत्ते, खांसी, बहती नाक और लाल आंखें होना है। रूबेला वायरस के कारण बच्चे कई तरह की शारीरिक विसंगतियों का शिकार हो जाते है जैसे अंधापन, बहरापन, जन्मजात दिल की बीमारियां होना आदि शामिल है।
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बच्चों को ये लगाई जाती है वैक्सीन
जन्म पर : बीसीजी, ओपीवी, हेपेटाइटिस बी
6 सप्ताह पर : ओपीवी एक, पेंटावेलेंट एक, रोटा एक, और पीसीवी एक
10 सप्ताह पर : ओपीवी दो, पेंटावेंलेंट दो और रोटा दो
14 सप्ताह पर : ओपीवी तीन, पेंटावेलेंट तीन, एफआईपीवी, रोटा तीन और पीसीवी दो
9 से 12 माह पर : एमआर एक, पीसीवी बूस्टर
16 से 24 माह पर : एमआर दो, डीपीटी बी, ओपीवी-बी
5 से 6 साल पर : डीपीटी-बी टू
10 साल पर : टीडी
16 साल पर : टीडी
कोट
खसरा-रूबेला उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोड मैप तैयार किया जा रहा है। खसरा-रूबेला टीकाकरण जिन बच्चों का नहीं हुआ है उनका किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी वंचित बच्चों का आंकड़ा तैयार करेंगे और टीकाकरण करवाएंगे। इसको लेकर स्पेशल अभियान चलाया जाएगा।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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