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Fatehabad News: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने रतिया के पुराना बाजार गुरुद्वारे का संभाला प्रबंधन
Thu, 16 Mar 2023 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 16 Mar 2023 11:24 PM IST
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रतिया में जानकारी देते हुए पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल
रतिया। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों ने पूर्व अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल और संत गुरमीत सिंह की अगुवाई में पुराना बाजार स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का प्रबंधन संभाल लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल गुरुद्वारा परिसर के आसपास तैनात रहा।
वहीं, एसडीएम जगदीश चंद्र, डीएसपी शुक्रपाल सिंह, नायब तहसीलदार परमजीत सिंह, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार व अन्य अधिकारी भी मौके पर रहे। हरियाणा कमेटी ने गुरुद्वारा साहिब की देखभाल के लिए बलदेव सिंह, सुख सागर सिंह व मलक सिंह कंग के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो आगामी आदेशों तक गुरुद्वारे की संभाल रखेगी।
दरअसल, हरियाणा के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के हक में फैसला आया। इसके बाद कमेटी पूरे प्रदेश में गुरुद्वारों का प्रबंधन अपने हाथ में लेने में लगी है। इसी के चलते वीरवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल, गुरमीत सिंह, बलदेव सिंह, मोहन सिंह पानीपत, मलकीत सिंह, प्रकाश सिंह साहूवाला, सुख सागर सिंह, परमजीत सिंह, स्वर्ण सिंह के नेतृत्व में करीब 25 सदस्य गुरुद्वारा प्रबंधन लेने के लिए पुराना बाजार स्थित गुरुद्वारा में पहुंचे। मौके पर लोकल गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य और प्रबंधक भी पहुंचे हुए थे। कमेटी द्वारा गुरुद्वारा की संपूर्ण चल व अचल संपत्ति का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया गया। गुरुद्वारा से संबंधित सभी दस्तावेज व चाबी पुरानी कमेटी से मांगें गए। सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त होने के चलते इस दौरान कोई विवाद नहीं हुआ और संपूर्ण कार्य शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
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अब सिरसा में भी गुरुद्वारा प्रबंधन लेगी कमेटी
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में पूर्व प्रधान बलजीत दादूवाल ने कहा कि हरियाणा कमेटी का उदय 2014 से पूर्व हो गया था। उस समय हरियाणा कमेटी द्वारा चार गुरुद्वारों का प्रबंधन हाथ में लिया गया था जबकि प्रदेश के 52 ऐतिहासिक गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर कोर्ट केस चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा कमेटी के हक में फैसला दिया गया। इसके बाद हरियाणा कमेटी द्वारा कुरुक्षेत्र और अन्य जिलों में गुरुद्वारों का प्रबंधन ले लिया गया है और सिरसा में भी गुरद्वारा का प्रबंधन अपने हाथ में लिया जाएगा। गुरुद्वारा कमेटी द्वारा गुरुद्वारा में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा और आगामी संचालन के लिए तीन सदस्य कमेटी गठित कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर बयान जारी कर लगाए धक्केशाही के आरोप
वहीं, लोकल गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान व अन्य सदस्यों ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर धक्केशाही करने और मर्यादा भंग करने का आरोप भी लगाया। लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान रणजीत भानीखेड़ा, उपाध्यक्ष बलदेव बीराबदी, प्यारा सिंह व जंगीर सिंह रायपुर सहित अन्य सदस्यों ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि कमेटी द्वारा चार्ज लेने के बजाय अपने स्तर पर ही ताले तोड़कर कब्जा किया गया। गुल्लक के ताले तोड़ते समय भी कटर का प्रयोग किया गया, जिससे रूमाला साहिब पर आग के छींटे पड़ने से मर्यादा भंग हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिखों में आपसी फूट डालकर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।
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वहीं, एसडीएम जगदीश चंद्र, डीएसपी शुक्रपाल सिंह, नायब तहसीलदार परमजीत सिंह, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार व अन्य अधिकारी भी मौके पर रहे। हरियाणा कमेटी ने गुरुद्वारा साहिब की देखभाल के लिए बलदेव सिंह, सुख सागर सिंह व मलक सिंह कंग के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो आगामी आदेशों तक गुरुद्वारे की संभाल रखेगी।
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दरअसल, हरियाणा के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के हक में फैसला आया। इसके बाद कमेटी पूरे प्रदेश में गुरुद्वारों का प्रबंधन अपने हाथ में लेने में लगी है। इसी के चलते वीरवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल, गुरमीत सिंह, बलदेव सिंह, मोहन सिंह पानीपत, मलकीत सिंह, प्रकाश सिंह साहूवाला, सुख सागर सिंह, परमजीत सिंह, स्वर्ण सिंह के नेतृत्व में करीब 25 सदस्य गुरुद्वारा प्रबंधन लेने के लिए पुराना बाजार स्थित गुरुद्वारा में पहुंचे। मौके पर लोकल गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य और प्रबंधक भी पहुंचे हुए थे। कमेटी द्वारा गुरुद्वारा की संपूर्ण चल व अचल संपत्ति का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया गया। गुरुद्वारा से संबंधित सभी दस्तावेज व चाबी पुरानी कमेटी से मांगें गए। सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त होने के चलते इस दौरान कोई विवाद नहीं हुआ और संपूर्ण कार्य शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
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अब सिरसा में भी गुरुद्वारा प्रबंधन लेगी कमेटी
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में पूर्व प्रधान बलजीत दादूवाल ने कहा कि हरियाणा कमेटी का उदय 2014 से पूर्व हो गया था। उस समय हरियाणा कमेटी द्वारा चार गुरुद्वारों का प्रबंधन हाथ में लिया गया था जबकि प्रदेश के 52 ऐतिहासिक गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर कोर्ट केस चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा कमेटी के हक में फैसला दिया गया। इसके बाद हरियाणा कमेटी द्वारा कुरुक्षेत्र और अन्य जिलों में गुरुद्वारों का प्रबंधन ले लिया गया है और सिरसा में भी गुरद्वारा का प्रबंधन अपने हाथ में लिया जाएगा। गुरुद्वारा कमेटी द्वारा गुरुद्वारा में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा और आगामी संचालन के लिए तीन सदस्य कमेटी गठित कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर बयान जारी कर लगाए धक्केशाही के आरोप
वहीं, लोकल गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान व अन्य सदस्यों ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर धक्केशाही करने और मर्यादा भंग करने का आरोप भी लगाया। लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान रणजीत भानीखेड़ा, उपाध्यक्ष बलदेव बीराबदी, प्यारा सिंह व जंगीर सिंह रायपुर सहित अन्य सदस्यों ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि कमेटी द्वारा चार्ज लेने के बजाय अपने स्तर पर ही ताले तोड़कर कब्जा किया गया। गुल्लक के ताले तोड़ते समय भी कटर का प्रयोग किया गया, जिससे रूमाला साहिब पर आग के छींटे पड़ने से मर्यादा भंग हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिखों में आपसी फूट डालकर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।