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Fatehabad News: कबड्डी के मैदान में सपनों की उड़ान भर रही शकीना
Sun, 27 Sep 2026 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:16 PM IST
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फतेहाबाद। कबड्डी खिलाड़ी शकिना।
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। गांव हसंगा की शकीना (14) के लिए कबड्डी सिर्फ खेल नहीं बल्कि सपनों तक पहुंचने की राह है। गांव के खिलाड़ियों को देखकर शुरू हुआ सफर अब राज्य स्तर तक पहुंच चुका है। शकीना की नजर अब पदक और राष्ट्रीय मंच पर है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हसंगा की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली शकीना ने अंडर-17 स्कूली खेल प्रतियोगिता में खंड और जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी वह अपनी प्रतिभा दिखा चुकी है। वहां पदक नहीं मिला लेकिन पर शकीना का हौसला कम नहीं हुआ।
दो साल पहले तक शकीना गांव के खिलाड़ियों को मैदान में खेलते देखती थी। इसी से उसके मन में कबड्डी खेलने की इच्छा जगी। उसने नियमित अभ्यास शुरू किया। अब वह कोच विकास खिचड़ से प्रशिक्षण ले रही है। अभ्यास में शकीना खेल की तकनीक के साथ अपनी फिटनेस पर भी मेहनत करती है।
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पिता हरपाल बेटी के सपने को आगे बढ़ाने में उसका हौसला बढ़ाते हैं। परिवार का साथ और लगातार अभ्यास उसकी ताकत बन रहा है। शकीना का कहना है कि राज्य स्तर पर खेलना उसके लिए बड़ी उपलब्धि रही लेकिन पदक नहीं जीत सकी। अब अगली प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए वह पहले से अधिक मेहनत कर रही है।
उसका अगला सपना राष्ट्रीय स्तर पर खेलना है। शकीना मानती है कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत से मंजिल हासिल की जा सकती है। वह आने वाले समय में अपने स्कूल और गांव का नाम रोशन करना चाहती है।
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फतेहाबाद। गांव हसंगा की शकीना (14) के लिए कबड्डी सिर्फ खेल नहीं बल्कि सपनों तक पहुंचने की राह है। गांव के खिलाड़ियों को देखकर शुरू हुआ सफर अब राज्य स्तर तक पहुंच चुका है। शकीना की नजर अब पदक और राष्ट्रीय मंच पर है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हसंगा की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली शकीना ने अंडर-17 स्कूली खेल प्रतियोगिता में खंड और जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी वह अपनी प्रतिभा दिखा चुकी है। वहां पदक नहीं मिला लेकिन पर शकीना का हौसला कम नहीं हुआ।
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दो साल पहले तक शकीना गांव के खिलाड़ियों को मैदान में खेलते देखती थी। इसी से उसके मन में कबड्डी खेलने की इच्छा जगी। उसने नियमित अभ्यास शुरू किया। अब वह कोच विकास खिचड़ से प्रशिक्षण ले रही है। अभ्यास में शकीना खेल की तकनीक के साथ अपनी फिटनेस पर भी मेहनत करती है।
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पिता हरपाल बेटी के सपने को आगे बढ़ाने में उसका हौसला बढ़ाते हैं। परिवार का साथ और लगातार अभ्यास उसकी ताकत बन रहा है। शकीना का कहना है कि राज्य स्तर पर खेलना उसके लिए बड़ी उपलब्धि रही लेकिन पदक नहीं जीत सकी। अब अगली प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए वह पहले से अधिक मेहनत कर रही है।
उसका अगला सपना राष्ट्रीय स्तर पर खेलना है। शकीना मानती है कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत से मंजिल हासिल की जा सकती है। वह आने वाले समय में अपने स्कूल और गांव का नाम रोशन करना चाहती है।