भिरड़ाना में ठाकुरों की हवेली पर नया दावा : जयपुर की महिला ने खुद को बताया अजीत सिंह की पत्नी

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Sat, 22 Aug 2020 11:27 PM IST
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गांव भिरड़ाना स्थित ठाकुर बागसिंह की हवेली।
गांव भिरड़ाना स्थित ठाकुर बागसिंह की हवेली। - फोटो : Fatehabad

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सुरेंद्र असीजा
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फतेहाबाद। गांव भिरड़ाना में ठाकुरों की हवेली पर दावेदारी जताते हुए जयपुर निवासी हरसिमरन कौर ने खुद को ठाकुर अजीत सिंह की पत्नी बताया है। यही नहीं, वर्ष 2011 में शादी का प्रमाण दिखाते हुए उन्होंने बताया कि उनके दो बच्चे भी हैं। मालूम हो कि अमर उजाला ने शनिवार के अंक में गांव भिरड़ाना में ठाकुरों की हवेली मामले में समाचार को प्रकाशित किया था, जिसमें राजपुरोहित राधेश्याम ने अजीत सिंह के देहांत के बाद उनकी कोई संतान न होने की बात कही थी। उसके बाद हरसिमरन ने दावा किया कि वह और उनके दोनों बच्चे ठाकुर बाग सिंह के वंशज हैं।
इस संबंध में जयपुर के दशरथ मार्ग, हनुमान नगर निवासी हरसिमरन कौर ने अमर उजाला को बताया कि वह मूलरूप से गोगजी बाग, श्रीनगर, कश्मीर की निवासी हैं। उनका ठाकुर अजीत सिंह से 11 मार्च 2011 को प्रेम विवाह हुआ था। शादी के बाद वह 209 दशरथ मार्ग हनुमान नगर, जयपुर में साथ रहने लगे। उनके दो बच्चे आठ वर्षीय मेहर सिंह (पुत्री) व 7 वर्षीय कबीर सिंह (पुत्र) है। अजीत सिंह का 20 दिसंबर 2019 को देहांत हो गया। हरसिमरन का दावा है कि पति के देहांत के बाद वह और उनके दोनों बच्चे ठाकुर बाग सिंह के वंशज हैं। उन्होंने भिरड़ाना निवासी पुरोहित राधेश्याम के उस बयान को झूठा बताया कि अजीत सिंह के बाद उसकी कोई संतान नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इसी साल जनवरी महीने में भिरड़ाना आई थीं, जहां पर वह पुराने जानकार जगदीश नाई के अलावा पुरोहित राधेश्याम से भी मिली थीं। उन्होंने कहा कि पुरोहित राधेश्याम उनकी शादी व पति के देहांत के बाद भी जयपुर आए थे। पुरोहित राधेश्याम को हमारे परिवार के बारे में पूरी जानकारी है। हरसिमरन कौर ने कहा कि गढ़ (हवेली) व उसके साथ लगते पुरोहित राधेश्याम और जगदीश नाई के मकान की जगह भी उनकी सास रानी रतनकंवर के नाम है। इसके अलावा गढ़ के पीछे छतरियों वाली जमीन में 8 मरले जगह भी उनके नाम है। गांव के खरीद केंद्र के पास भी कुछ जगहों के नाम हैं।
हरसिमरन कौर ने बताया कि गढ़ के सामने स्कूल के लिए कुछ जगह को भी उनके परिवार ने दिया था और इन लोगों ने गढ़ को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने इस मामले में बाकायदा विवाह प्रमाणपत्र और बच्चों के फोटो भी प्रस्तुत किए हैं। उधर, गांव के सरपंच सुभाष ने दावा किया कि हवेली के मामले में ग्राम पंचायत ने सेशन कोर्ट में केस जीत लिया था, हालांकि वह केस संबंधी कोई कागजात नहीं दिए सके। मालूम हो कि अमर उजाला की खबर में ठाकुरों के पुरोहित आचार्य राधेश्याम ने बताया था कि ठाकुर अजीत सिंह के देहांत के बाद उनकी कोई संतान नहीं है, जबकि इसे हरसिमरन कौर ने गलत बताते हुए साजिश करार दिया।
ठाकुर अजीत सिंह की पत्नी हरसिमरन कौर द्वारा दिया गया शादी का प्रमाणपत्र।
ठाकुर अजीत सिंह की पत्नी हरसिमरन कौर द्वारा दिया गया शादी का प्रमाणपत्र।- फोटो : Fatehabad
ठाकुर अजीत सिंह की पत्नी हरसिमरन कौर अपनी बेटी मेहर सिंह व बेटे कबीर सिंह के साथ।
ठाकुर अजीत सिंह की पत्नी हरसिमरन कौर अपनी बेटी मेहर सिंह व बेटे कबीर सिंह के साथ। - फोटो : Fatehabad
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