Hariyali Teej 2023: हरियाणा के कई जिलों में बारिश; लोगों को गर्मी से राहत, धान की फसल को मिली संजीवनी
हरियाणा में मौसम बदलने से हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं, लोगों को गर्मी से राहत मिली है। कृषि विभाग के अनुसार इस समय धान की फसल को सिंचाई की काफी जरूरत होती है। यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।
विस्तार
हरियाणा में एक फिर मौसम बदला है। जिसके चलते कई जिलों में बारिश हुई है। इस कड़ी में फतेहाबाद में भी कई दिनों बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला। शनिवार सुबह पहले काली घटाएं छाई रही। इसके बाद करीब सवा 9 बजे बारिश शुरू हुई। 15 मिनट तक तेज बारिश हुई, इसके बाद तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई।
लोगों को गर्मी से मिली राहत
कई दिनों से तपती गर्मी झेल रहे लोगों को बारिश ने राहत प्रदान की। वहीं, धान की फसल के लिए भी संजीवनी का काम किया है। बारिश के अभाव में धान की फसल सूखने लगी थी। इस समय धान उत्पादकों किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार था। अब बारिश होने से किसानों को राहत मिली है और चेहरे पर खुशी की झलक देखने को मिली है।
पहले ही जताई गई थी संभावना
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग की ओर से पहले ही शनिवार से मौसम में बदलाव के साथ बारिश की संभावना जताई गई थी। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ राजेश सिहाग ने बताया कि इस समय धान की फसल को सिंचाई की काफी जरूरत होती है। यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। किसानों को ट्यूबवेल से सिंचाई करने की फिलहाल जरूरत नहीं पड़ेगी।
नारनौल में झमाझम बरसे बदरा
नारनौल में आज सुबह से ही बूंदाबांदी जारी हैं। लोग तीज के अवसर पर पतंगबाजी कर रहे थे। सैकड़ों की संख्या में पतंगे नारनौल के आसमान में नजर आई। वहीं, बरसात ने पतंगबाजी में खलल डाल दिया। साथ ही लोगों का कहना है कि बारिश होने गर्मी से राहत मिली है और इस समय फसलों के लिए बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
कैथल तेज में बारिश
कैथल के किसानों का कहना है यह बारिश धान की फसलों के लिए रामबाण है। पछेती धान की फसलों में फुटाव होगा। जो धान पानी की कमी के चलते सूखने के कगार पर थे, बारिश होने से वह दोबारा हरी हो गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि आगामी दो दिनों तक बारिश होने की संभावना है। धान की फसलों के लिए बारिश लाभदायक है।
सीजन में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश
अंबाला में शुक्रवार दिन का अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, अभी तक मानसून सीजन की बात करें तो सामान्य 586.5 मिलीमीटर बारिश होनी थी, जबकि अभी तक 710.7 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से 21 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ कई दिनों से बारिश न होने से बिजली खपत भी लगातार बढ़ रही है। जिससे बिजली कट लग रहे हैं।
आज भी बादलवाई दे रही गर्मी से राहत
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ की अक्षय रेखा का पश्चिमी छोर अब भी सामान्य स्थिती से उत्तर की और हिमालय की तलहटियों की तरफ बना हुआ है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना से 19 अगस्त से हवाओं में बदलाव की संभावना है।
पश्चिमी से पुरवाई नमी वाली हवाओं के प्रभाव से हरियाणा राज्य में 19 अगस्त रात से 22 अगस्त के दौरान मौसम परिवर्तनशील और उत्तरी जिलों (पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल) में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश परंतु दक्षिण पश्चिमी जिलों (महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत) में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। परंतु पश्चिमी जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखीदादरी में आंशिक बादलवाई व बीच बीच में कुछ एक स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी की ही संभावना है। इस दौरान राज्य में दिन के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है।
जींद में कई दिनों बाद लगभग 20 मिनट तक बारिश चली। इस दौरान कई स्थानों पर तेज तो कहीं पर धीमी बरसात हुई। शहर के नरवाना रोड पर इस नाममात्र बरसात से ही पानी खड़ा हो गया। जिसके कारण यहां पर लोगों का आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। बारिश से लोगों को गर्मी से जरूर राहत मिली है।
इसके अलावा यह बरसात धान, बाजरा व कपास की फसल के लिए कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार लाभदायक है। बरसात नहीं होने के कारण धान की फसल जिले में कई स्थानों पर सूखने लगी थी, लेकिन अब किसानों को उम्मीद है कि बारिश ज्यादा होगी और उनकी फसल बेहतर बनेंगी।