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Fatehabad News: एमएसपी पर मात्र 20 फीसदी सरसों ही खरीद पाई है हैफेड
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फतेहाबाद अनाज मंडी के शैड के नीचे पड़ी सरसों की ढेरी।
फतेहाबाद। सरकार की ओर से सरसों की 15 मार्च से सरकारी खरीद करने का ऐलान किया गया था, इसके लिए हैफेड को खरीद के लिए अधिकृत किया गया था। अब तक अनाज मंडी में 10 हजार 714 क्विंटल में से मात्र 2066 क्विंटल सरसों की खरीद ही हैफेड की ओर से की गई है।
खेतों से कटाई के बाद जिले की अनाज मंडी में सरसों की फसल पहुंचने लगी है। मौसम की मार के भय से किसान लगातार सरसों की कटाई में लगे हुए थे और उनको उम्मीद थी कि सरकारी रेट पर ही उनकी सरसों की फसल खरीदी जाएगी। हैफेड ने नैफेड के लिए सरसों की खरीद 15 मार्च से आरंभ की थी, लेकिन शुरुआती दिनों में ही नमी अधिक बताकर किसानों की सरसों की फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी गई।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा सरसों का एमएसपी रेट 5450 निर्धारित किया गया है। मगर निजी खरीदार किसान से पांच हजार रुपये से 5100 तक ही प्रति क्विंटल सरसों की खरीद कर रहे हैं। जबकि उनकी सरसों काफी सूखी हुई है। बड़ोपल के किसान देवधर, धांगड़ के रामसिंह, हरिओम ने बताया कि वह सरसों की फसल लेकर आए हुए हैं। हैफेड के कर्मचारी तीन बजे के बाद आते हैं और सरसों की फसल देखकर नमी अधिक बताकर चले जाते हैं। इस कारण उनको निजी हाथों में सरसों की फसल बेचनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि उनको उम्मीद थी कि इस बार सरसों की फसल के दाम उनको अच्छे मिलेंगे, लेकिन सरसों की सरकारी खरीद काफी कम हो रही है। फसल खरीद के लिए अनेक शर्तें लगाई जा रही हैं। कई बार तो ई-पोर्टल बंद होने का बहाना बनाया जाता है तो कई बार अधिक नमी का। जबकि वह अनाज मंडी में सरसों को सूखाकर लेकर आ रहे हैं। अब मौसम भी खराब है और उनको गेहूं की कटाई भी करनी पड़ रही है, इसलिए जो रेट अनाज मंडी में मिल जाता है, उसी पर बेचकर चले जाते हैं।
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अनाज मंडी मेें वैसे तो सरसों की खरीद सुचारू रूप से हो रही है। सरकारी खरीद के लिए नैफेड के लिए हैफेड सरसों की खरीद कर रहा है। हैफेड के कुछ नियम हैं और वह केवल आठ फीसदी नमी के साथ ही सरसों की खरीद कर रही है। अगर किसान सरसों सूखाकर लाते हैं तो हैफेड इसकी खरीद भी कर रही है।
-विकास सेतिया, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।
फोटो 13
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खेतों से कटाई के बाद जिले की अनाज मंडी में सरसों की फसल पहुंचने लगी है। मौसम की मार के भय से किसान लगातार सरसों की कटाई में लगे हुए थे और उनको उम्मीद थी कि सरकारी रेट पर ही उनकी सरसों की फसल खरीदी जाएगी। हैफेड ने नैफेड के लिए सरसों की खरीद 15 मार्च से आरंभ की थी, लेकिन शुरुआती दिनों में ही नमी अधिक बताकर किसानों की सरसों की फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी गई।
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गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा सरसों का एमएसपी रेट 5450 निर्धारित किया गया है। मगर निजी खरीदार किसान से पांच हजार रुपये से 5100 तक ही प्रति क्विंटल सरसों की खरीद कर रहे हैं। जबकि उनकी सरसों काफी सूखी हुई है। बड़ोपल के किसान देवधर, धांगड़ के रामसिंह, हरिओम ने बताया कि वह सरसों की फसल लेकर आए हुए हैं। हैफेड के कर्मचारी तीन बजे के बाद आते हैं और सरसों की फसल देखकर नमी अधिक बताकर चले जाते हैं। इस कारण उनको निजी हाथों में सरसों की फसल बेचनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि उनको उम्मीद थी कि इस बार सरसों की फसल के दाम उनको अच्छे मिलेंगे, लेकिन सरसों की सरकारी खरीद काफी कम हो रही है। फसल खरीद के लिए अनेक शर्तें लगाई जा रही हैं। कई बार तो ई-पोर्टल बंद होने का बहाना बनाया जाता है तो कई बार अधिक नमी का। जबकि वह अनाज मंडी में सरसों को सूखाकर लेकर आ रहे हैं। अब मौसम भी खराब है और उनको गेहूं की कटाई भी करनी पड़ रही है, इसलिए जो रेट अनाज मंडी में मिल जाता है, उसी पर बेचकर चले जाते हैं।
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अनाज मंडी मेें वैसे तो सरसों की खरीद सुचारू रूप से हो रही है। सरकारी खरीद के लिए नैफेड के लिए हैफेड सरसों की खरीद कर रहा है। हैफेड के कुछ नियम हैं और वह केवल आठ फीसदी नमी के साथ ही सरसों की खरीद कर रही है। अगर किसान सरसों सूखाकर लाते हैं तो हैफेड इसकी खरीद भी कर रही है।
-विकास सेतिया, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।
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