फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Grain markets started getting filled with paddy due to non-commencement of procurement

Fatehabad News: खरीद शुरू नहीं होने से धान से अटने लगीं अनाज मंडियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2024 12:05 AM IST
विज्ञापन
Grain markets started getting filled with paddy due to non-commencement of procurement
फतेहाबाद। फतेहाबाद की अनाज मंडियों में सरकार द्वारा सरकारी खरीद शुरू करने के निर्देश जारी होने के सात दिनों बाद भी परमल धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी। इस कारण किसानों को अनाज मंडी में फसल रखकर सरकारी खरीदारों का इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार उनके पास पिछले सात दिनों से न तो कोई खरीद एजेंसी पहुंच रही है और न ही राइस मिलर खरीद करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसानों का धान की खरीद शुरू होने का इंतजार अभी तक पूरा नहीं हो सका है। मंडी में खरीद नहीं होने के कारण अनाज मंडी धान की ढेरियों से पूरी तरह अट चुकी है। किसानों को मंडी में धान की फसल रखने में परेशानी होनी शुरू हो गई है।
विज्ञापन

राइस मिलरों के अनुसार सरकार प्रति क्विंटल धान में से 67 किलाेग्राम चावल की मांग करती है। मगर इतना चावल एक क्विंटल धान में नहीं निकलता है। ऐसे में प्रति क्विंटल धान की मात्रा को 67 किलोग्राम के बजाय 62 किलोग्राम किया जाना चाहिए। पिछले वर्ष राइस मिलरों को सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार 67 किलोग्राम धान देने के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए सरकार ने स्पष्ट मना कर दिया है। इस कारण राइस मिलर अपनी मांगें पूरी नहीं होने तक धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन


मैं पिछले 10 दिनों से फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद के इंतजार में बैठा हूं। मंडी में सरकारी खरीदार तो कोई आया नहीं है। निजी व्यापारी सरकारी खरीद शुरू नहीं होने का फायदा उठाते हुए मेरी परमल धान की फसल का 1600 रुपये प्रति क्विंटल भाव लगाया है। सरकार को जल्द से जल्द सरकारी खरीद शुरू करवानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

-बलजीत, किसान गांव नागपुर

मैं पिछले एक सप्ताह से मंडी में ही रातें गुजार रहा हूं। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण मैं अपने घर नहीं जा पा रहा हूं। मेरे खेत का काम बाकी है और आगे की फसलों की बिजाई के खाद बीज का भी प्रबंध करना है।

-रामकरण किसान,गांव मोहम्मद रोही।

:: मंडी में पहुंची धान की ढेरियों में नमी की मात्रा ज्यादा है। जिसके कारण खरीद नहीं की जा रही है। सरकार के तय मानकों के अनुसार 17 प्रतिशत तक की नमी वाली परमल धान की फसल की सरकारी खरीद की जाएगी।
-राजकुमार, सहायक सचिव मार्केट कमेटी फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed