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गेट पर पालन, कक्षाओं में कोविड नियमों की अनदेखी
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स्कूल पहुंचने पर शिक्षक थर्मल स्क्रीनिंग करते हुए।
- फोटो : Fatehabad
कोरोना महामारी के चलते बंद स्कूल सोमवार को पूरी तरह से खुल गए। कक्षा पहली से लेकर तीसरी तक के विद्यार्थी 162 दिनों बाद स्कूल पहुंचे। नन्हें छात्रों में स्कूल जाने को लेकर पहले दिन उत्साह देखने को मिला। जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की हाजिरी 60 फीसदी रही। इस दौरान कई स्कूलों में मुख्य गेट पर तो कोविड 19 के नियमों का पालन तो किया गया लेकिन कक्षाओं में कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सरकारी और निजी स्कूलों में 50 फीसदी विद्यार्थियों को बुलाने के नियमों का पालन नहीं हुआ। स्कूलों ने फार्मूला ही नहीं तय किया। यहां पर सभी विद्यार्थियों को बुलाया गया। वहीं सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के आने को लेकर अभिभावकों से सहमति पत्र नहीं लिया गया। शिक्षा विभाग ने कक्षाएं शुरू करने से पहले कोरोना महामारी को लेकर गाइडलाइन जारी की थी। लेकिन स्कूलों में इसको लेकर अनदेखी सामने आई। सरकारी स्कूलों में गेट पर विद्यार्थियों का तापमान और ऑक्सीजन स्तर जांचा गया लेकिन कक्षाओं में जाने के बाद नियमों की पालना नहीं हुई। कक्षाओं में विद्यार्थी बिना मास्क मिले और न ही सामाजिक दूरी की पालना हुई।
निजी स्कूलों में नहीं हुई थर्मल स्क्रीनिंग
शिक्षा विभाग ने कक्षा चौथी से लेकर बारहवीं तक पहले से शुरू कर दी थी। अब कक्षा पहली से तीसरी शुरू की गई है। कक्षाएं शुरू करने को लेकर विभाग सख्त गाइडलाइन जारी कर रखी है लेकिन निजी स्कूलों में नियमों की पालना नहीं हो रही है। निजी स्कूलों में गेट पर न ही थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है और न ही कक्षाओं में मास्क जरूरी कर रखा है।
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पहले दिन सरकारी स्कूलों में पहुंचे विद्यार्थी
कक्षा विद्यार्थी पहुंचे
पहली 9332 5221
दूसरी 10638 6310
तीसरी 10505 5708
कोट
स्कूलों में करीब 60 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे है। विद्यार्थियों में काफी उत्साह है। 50 फीसदी का फार्मूला नहीं बनाया गया है। विद्यार्थी स्कूल आ रहे हैं तो उन्हें रोका नहीं जा सकता है। स्कूल इंचार्ज को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- अनीता सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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सरकारी और निजी स्कूलों में 50 फीसदी विद्यार्थियों को बुलाने के नियमों का पालन नहीं हुआ। स्कूलों ने फार्मूला ही नहीं तय किया। यहां पर सभी विद्यार्थियों को बुलाया गया। वहीं सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के आने को लेकर अभिभावकों से सहमति पत्र नहीं लिया गया। शिक्षा विभाग ने कक्षाएं शुरू करने से पहले कोरोना महामारी को लेकर गाइडलाइन जारी की थी। लेकिन स्कूलों में इसको लेकर अनदेखी सामने आई। सरकारी स्कूलों में गेट पर विद्यार्थियों का तापमान और ऑक्सीजन स्तर जांचा गया लेकिन कक्षाओं में जाने के बाद नियमों की पालना नहीं हुई। कक्षाओं में विद्यार्थी बिना मास्क मिले और न ही सामाजिक दूरी की पालना हुई।
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निजी स्कूलों में नहीं हुई थर्मल स्क्रीनिंग
शिक्षा विभाग ने कक्षा चौथी से लेकर बारहवीं तक पहले से शुरू कर दी थी। अब कक्षा पहली से तीसरी शुरू की गई है। कक्षाएं शुरू करने को लेकर विभाग सख्त गाइडलाइन जारी कर रखी है लेकिन निजी स्कूलों में नियमों की पालना नहीं हो रही है। निजी स्कूलों में गेट पर न ही थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है और न ही कक्षाओं में मास्क जरूरी कर रखा है।
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पहले दिन सरकारी स्कूलों में पहुंचे विद्यार्थी
कक्षा विद्यार्थी पहुंचे
पहली 9332 5221
दूसरी 10638 6310
तीसरी 10505 5708
कोट
स्कूलों में करीब 60 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे है। विद्यार्थियों में काफी उत्साह है। 50 फीसदी का फार्मूला नहीं बनाया गया है। विद्यार्थी स्कूल आ रहे हैं तो उन्हें रोका नहीं जा सकता है। स्कूल इंचार्ज को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- अनीता सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।

फतेहाबाद में स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों का ऑक्सीजन स्तर जांचते शिक्षक।- फोटो : Fatehabad

फतेहाबाद के राजकीय स्कूल में पढ़ते विद्यार्थी।- फोटो : Fatehabad