{"_id":"6883c614c369aa490e00e2a3","slug":"five-year-old-pipeline-under-investigation-acb-excavated-it-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-137496-2025-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: पांच साल पुरानी पाइपलाइन जांच के घेरे में, एसीबी ने करवाई खोदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: पांच साल पुरानी पाइपलाइन जांच के घेरे में, एसीबी ने करवाई खोदाई
Fri, 25 Jul 2025 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:29 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बारिश के पानी की निकासी के लिए धर्मशाला रोड पर करीब पांच साल पहले डाली गई पाइपलाइन जांच के घेरे में आ गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो चंडीगढ़ की तकनीकी शाखा की टीम ने शिकायत के बाद शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
टीम ने करीब 15 फुट गहराई तक खोदाई का काम शुरू करवाया। दोपहर 12 बजे खोदाई का काम शुरू किया गया, जो कि शाम तक जारी रहा। खोदाई पूरी होने के बाद एसीबी पाइपलाइन की बनावट और गुणवत्ता की जांच करेगी। ये खोदाई पीएनबी बैंक के पास की जा रही है। टीम ने धर्मशाला रोड पर बनी दुकान के मालिकों के बयान भी दर्ज किए।
इस मामले में शहर की ठाकर बस्ती निवासी राधेश्याम ने शिकायत दी थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि विभागीय आदेशों की अवहेलना कर सीवरेज लाइन की पाइप डाल दी गईं, जबकि यहां आवश्यकता बारिश के पानी की निकासी की थी। बताया गया कि बारिश की लाइन की जगह सीवरेज लाइन डालने से जलभराव और बदबू की समस्या पहले से ज्यादा बन चुकी है।
विज्ञापन
-- -
एसीबी के मुख्यालय से आए अधिकारी
एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय से तकनीकी शाखा से कार्यकारी अभियंता जयसिंह, फतेहाबाद एसीबी से एएसआई कुलदीप व जनस्वास्थ्य विभाग के जेई बलविंद्र सिंह मौके पर मौजूद रहे। टीम ने निर्माण स्थल पर खोदाई कर पाइप की बनावट, आकार और फिटिंग का निरीक्षण किया। इससे पहले टीम ने धर्मशाला रोड पर बने स्वर्णकार धर्मशाला में स्थानीय दुकानदारों के बयान भी दर्ज किए। लोगों ने टीम को बताया कि बारिश में यहां सड़कें लबालब भर जाती हैं और पानी की निकासी नहीं हो पाती। ऐसे में पानी की निकासी के लिए मोटर चलानी पड़ती है। पहले जब यहां मोटरें नहीं लगी हुई थी, तब भी पानी कम समय में ही निकल जाता था।
-- --
नगर परिषद ने पाइप लाइन के लिए दिए करीब 62 लाख रुपये
नगर परिषद ने धर्मशाला रोड पर बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को करीब 62 लाख रुपये दिए थे। इन पैसों से विभाग को बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालनी थी, यह काम दो फेज में होना था, लेकिन पाइप लाइन डालने के मामले में लगे भष्ट्राचार के आरोप के बाद सिर्फ एक फेज का काम ही किया गया। दूसरे फेज में वाल्मिकी चौक से मॉडल टाउन होते हुए शिवालय मार्केट तक पाइप लाइन डाली जानी थी लेकिन ये प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हुआ।
-- --
पाइप लाइन के डालने के दौरान नियमों की अवहेलना
शिकायतकर्ता राधेश्याम का कहना है कि विभाग की ओर से पाइप लाइन डालने के दौरान पाइप लाइन के नीचे बजरी व सीमेंट से एक बेड का निर्माण किया जाना था, वो विभाग की ओर से नहीं किया। जब इसका विरोध किया गया तो विभाग ने कुछ जगह पर ये बेड बनाए थे। वहीं पाइप लाइन के जोड़ भी ठीक से नहीं किए गए और लेवल को लेकर काफी दिक्कत रही।
-- -
इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से कार्रवाई की गई। अपनी टीम के साथ पहुंचकर मौके पर खोदाई शुरू करवाई गई है। खोदाई के बाद जांच की जाएगी कि नियम के अनुसार काम हुआ है या नहीं हुआ है।
- जयसिंह, कार्यकारी अभियंता, एंटी करप्शन ब्यूरो।
विज्ञापन
टीम ने करीब 15 फुट गहराई तक खोदाई का काम शुरू करवाया। दोपहर 12 बजे खोदाई का काम शुरू किया गया, जो कि शाम तक जारी रहा। खोदाई पूरी होने के बाद एसीबी पाइपलाइन की बनावट और गुणवत्ता की जांच करेगी। ये खोदाई पीएनबी बैंक के पास की जा रही है। टीम ने धर्मशाला रोड पर बनी दुकान के मालिकों के बयान भी दर्ज किए।
विज्ञापन
इस मामले में शहर की ठाकर बस्ती निवासी राधेश्याम ने शिकायत दी थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि विभागीय आदेशों की अवहेलना कर सीवरेज लाइन की पाइप डाल दी गईं, जबकि यहां आवश्यकता बारिश के पानी की निकासी की थी। बताया गया कि बारिश की लाइन की जगह सीवरेज लाइन डालने से जलभराव और बदबू की समस्या पहले से ज्यादा बन चुकी है।
विज्ञापन
एसीबी के मुख्यालय से आए अधिकारी
एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय से तकनीकी शाखा से कार्यकारी अभियंता जयसिंह, फतेहाबाद एसीबी से एएसआई कुलदीप व जनस्वास्थ्य विभाग के जेई बलविंद्र सिंह मौके पर मौजूद रहे। टीम ने निर्माण स्थल पर खोदाई कर पाइप की बनावट, आकार और फिटिंग का निरीक्षण किया। इससे पहले टीम ने धर्मशाला रोड पर बने स्वर्णकार धर्मशाला में स्थानीय दुकानदारों के बयान भी दर्ज किए। लोगों ने टीम को बताया कि बारिश में यहां सड़कें लबालब भर जाती हैं और पानी की निकासी नहीं हो पाती। ऐसे में पानी की निकासी के लिए मोटर चलानी पड़ती है। पहले जब यहां मोटरें नहीं लगी हुई थी, तब भी पानी कम समय में ही निकल जाता था।
नगर परिषद ने पाइप लाइन के लिए दिए करीब 62 लाख रुपये
नगर परिषद ने धर्मशाला रोड पर बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को करीब 62 लाख रुपये दिए थे। इन पैसों से विभाग को बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालनी थी, यह काम दो फेज में होना था, लेकिन पाइप लाइन डालने के मामले में लगे भष्ट्राचार के आरोप के बाद सिर्फ एक फेज का काम ही किया गया। दूसरे फेज में वाल्मिकी चौक से मॉडल टाउन होते हुए शिवालय मार्केट तक पाइप लाइन डाली जानी थी लेकिन ये प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हुआ।
पाइप लाइन के डालने के दौरान नियमों की अवहेलना
शिकायतकर्ता राधेश्याम का कहना है कि विभाग की ओर से पाइप लाइन डालने के दौरान पाइप लाइन के नीचे बजरी व सीमेंट से एक बेड का निर्माण किया जाना था, वो विभाग की ओर से नहीं किया। जब इसका विरोध किया गया तो विभाग ने कुछ जगह पर ये बेड बनाए थे। वहीं पाइप लाइन के जोड़ भी ठीक से नहीं किए गए और लेवल को लेकर काफी दिक्कत रही।
इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से कार्रवाई की गई। अपनी टीम के साथ पहुंचकर मौके पर खोदाई शुरू करवाई गई है। खोदाई के बाद जांच की जाएगी कि नियम के अनुसार काम हुआ है या नहीं हुआ है।
- जयसिंह, कार्यकारी अभियंता, एंटी करप्शन ब्यूरो।