फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   fight, community, 7 injured, police, fatehabad

बच्चों के विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच जमकर चले लाठी डंडे, सात लोग घायल

Sat, 14 Sep 2019 08:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2019 08:30 PM IST
विज्ञापन
fight, community, 7 injured, police, fatehabad
गांव में पंचायत करते सरपंच व ग्रामीण - फोटो : Fatehabad
रतिया। गांव रत्ताखेड़ा में शुक्रवार देर शाम दो समुदायों के लोगों के बीच झगड़े को लेकर जमकर लाठी डंडे और तेजधार हथियार चले। इसमें दोनों समुदायों के छह महिलाओं सहित कुल 7 लोग घायल हो गए। घायलों को रतिया के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। झगड़े के बाद गांव में शनिवार को मुनियादी करवाकर एक पंचायत बुलाई गई। जिससे में कुछ दिन पहले ही दूसरे गांव से आकर बसे एक समुदाय के लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व गांव रत्ताखेड़ा में गांव के बाहर नहर के समीप गांव अहरवां से आकर एक समुदाय के कुछ परिवार बस्ती बनाकर रह रहे हैं। इस बस्ती से कुछ दूरी पर दूसरे समुदाय की बस्ती है। शुक्रवार देर शाम दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिस पर जमकर लाठी-डंडे और अन्य तेजधार हथियारों का इस्तेमाल हुआ। सूचना मिलने पर थाना अध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस की टीम ने स्थिति को संभाला। उधर, सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन एक पक्ष की घायल 3 महिलाओं गीता, नीलम व रीना ने आरोप लगाया कि उनके समुदाय की लड़कियां व महिलाएं जब नहर पर कपड़े धोने जाती हैं तो साथ लगती समुदाय की बस्ती के युवक उन पर फब्तियां कसते व उन्हें परेशान करते हैं।
विज्ञापन

झगडे़ के बाद शांत हो गया था मामला, फिर किया हमला
शुक्रवार शाम को दोनों समुदायों के बीच बच्चों को लेकर झगड़ा हो गया था और बाद में मामला शांत हो गया। लेकिन शाम को जब वह घर में तीनों महिलाएं अकेली थीं तब इस बस्ती का युवक जसपाल व उसके 2 दर्जन से अधिक साथी लाठी-डंडों व अन्य हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए और उनके घर में तोड़फोड़ कर तीनों महिलाओं को घायल कर दिया। वहीं इस झगड़े में घायल दूसरे पक्ष के जसपाल उसकी भाभी पम्मी, सुखो बाई, दादी महेंद्र आदि ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उनके व दूसरे समुदाय के बच्चों का विवाद हुआ था, दोनों पक्षों में मामला शांत हो गया था। लेकिन शुक्रवार शाम को जसपाल अपने साथी गुरमीत के साथ बाइक पर सवार होकर सामान लेने के लिए जा रहा था तो रास्ते में अरुण, जोगिंद्र, बलजिंदर दो दर्जन से अधिक युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया और उनके साथ मारपीट करने लगे। जब गुरमीत ने फोन से इसकी सूचना जसपाल के परिजनों को दी तो जसपाल के परिजन मौके पर पहुंचे तो उक्त युवकों ने उन पर भी हमला कर उन्हें घायल कर फरार हो गए। उपचाराधीन दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप भी लगाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव में तनाव को लेकर पुलिस तैनात
वहीं इस घटना को लेकर शुक्रवार देर शाम से रत्ताखेड़ा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ था व देर रात को गांव में पुलिस टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया था। वहीं शनिवार सुबह ग्रामीणों ने पूरे गांव में मुनियादी कर चौपाल में एकत्रित होकर गांव की पंचायत किया। जिसमें अहरवां से आकर गांव के बाहर नहर के समीप रह रहे समुदाय के युवकों के खिलाफ रोष जाहिर करते हुए कहा कि उक्त बस्ती के युवकों व लोगों का व्यवहार सही नहीं है। उक्त लोग अक्सर झगड़ा करते हैं तथा शुक्रवार को जब दूसरे समुदाय की तीन महिलाएं अकेली घर में थी तब इन लोगों ने हमला कर महिलाओं को घायल कर दिया। जिसके चलते ग्रामीणों ने गांव के सरपंच सुदेश पपला व अन्य मौजिज लोगों की मौजूदगी में उक्त बस्ती के लोगों का सामाजिक बहिष्कार करते हुए निर्णय लिया कि उक्त बस्ती के लोगों को उनके खेतों में काम करने नहीं दिया जाएगा व गांव के दुकानदार उक्त बस्ती के लोगों लेन देन नहीं करेंगे। उक्त बस्ती के लोगों को गांव की डॉक्टरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी। गांव के सरपंच, नंबरदार, मेंबर किसी तरह से इनका सहयोग नहीं करेंगे। इसके अलावा सभी ग्रामीण एकत्रित होकर प्रशासन को मिल कर उक्त बस्ती के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
यह कहना है थाना प्रभारी का
इस बारे में शहर थाना अध्यक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की झगड़े की शिकायत मिली है। दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। थाना अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा बस्ती के लोगों के सामाजिक बहिष्कार की सूचना या शिकायत उनको अभी तक नहीं मिली।
एसपी को की है सामाजिक बहिष्कार की शिकायत
गांव रत्ता खेड़ा के ग्रामीणों द्वारा गांव के बाहर रहने वाले बस्ती में रहने वाले एक समुदाय के सामाजिक बहिष्कार को लेकर उक्त बस्ती की बिंदिया देवी ने आरोप लगाया कि यह सब गांव के सरपंच सुदेश पपला की साजिश के तहत हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच ने उनके समुदाय के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव ग्राम पंचायत की लेटर पैड पर लिखा है, जिसको लेकर उन्होंने पुलिस कप्तान को भी इसकी शिकायत की है।

यह कहना है सरपंच का
वहीं गांव के सरपंच सुदेश पपला से बात की तो उन्होंने अपने ऊपर लगे साजिश के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह उनका कोई पर्सनल निर्णय नहीं है बल्कि पूरे गांव ने निर्णय लिया है और मौके पर कोई कागज न होने के चलते ग्राम पंचायत की लेटर का प्रयोग किया गया है। उस पर सरपंच की मोहर व क्रमांक नंबर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed