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भाजपा ने पुराने नेताओं पर जताया विश्वास, 3 पार्षद मनोनीत
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद
Updated Sat, 27 May 2017 11:35 PM IST
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भाजपा नेता शम्मी ढींगड़ा, महेश सलोदिया और राधेश्याम टांटिया अब फतेहाबाद नगर परिषद के मनोनीत पार्षद होंगे। प्रदेश सरकार ने जिले की तीन स्थानीय निकायों में मनोनीत पार्षदों की घोषणा कर दी है। टोहाना में मनोनीत पार्षदों का ऐलान छह माह पहले ही किया जा चुका है। ताजा ऐलान में फतेहाबाद के अलावा रतिया और भूना नगर पालिका के लिए भी दो-दो पार्षदों के नामों की घोषणा की गई है।
स्थानीय निकायों में मनोनीत पार्षदों के नामों के ऐलान में साफ तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां की पसंद को पूरी तरजीह मिली है। इस लिस्ट पर नजर डालने से स्पष्ट है कि भाजपा हाईकमान ने इसमें पार्टी के पुराने नेताओं को ही मौका मिला है। भाजपा लहर के दौरान बीजेपी में शामिल होने वाले किसी भी नेता को मनोनीत पार्षद नहीं बनाया गया है। हालांकि इस लिस्ट के जारी होने से कई पूर्व पार्षदों की उम्मीदों को झटका जरूर लगा है।
भाजपा के मुश्किल दिनों में दरी बिछाने वाले नेता हैं तीनों मनोनीत पार्षद
फतेहाबाद नगर परिषद में मनोनीत किए गए तीनों पार्षद भाजपा के मुश्किल दिनों में दरी बिछाने वाले नेताओं में शामिल हैं। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले शम्मी ढींगड़ा शुरू से ही बीजेपी के साथ जुड़े रहे हैं। हमेशा पर्दे के पीछे से व्यवस्था संभालने वाले शम्मी ढींगड़ा को बीजेपी पहली बार पर्दे से बाहर लेकर आई है। दूसरी ओर एक सामान्य नाई का काम करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता महेश सलोदिया को बीजेपी ने मनोनीत पार्षद बनाकर ये संदेश दिया गया है कि सत्ता में आने के बावजूद वे बीजेपी के मुश्किल दिनों के साथियों को भूले नहीं हैं। इसके बाद जवाहर चौक में आयुर्वेदिक दवाइयों के काम से जुड़े हुए डॉ. राधेश्याम टांटियां भी पार्टी और संघ के प्रति पुरानी वफादारी का फल मिला है। शांत स्वभाव के डॉ. टांटियां कई संगठनों से भी जुड़े हुए हैं।
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भूना से मदन लाल और खट्टर को मिला मौका तो रतिया से वधवा और सुनील जाएंगे नगर पालिका
सरकार द्वारा जारी की गई लिस्ट के अनुसार भूना नगर पालिका में मदन लाल और जोनी खट्टर को मनोनीत पार्षद बनाया गया है तो रतिया में पुराने भाजपाइयों में शुमार नरेंद्र वधवा और सुनील कुमार को मौका दिया गया है। ये पार्षद अब बाकी पार्षदों के साथ मिलकर अपने-अपने क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करेंगे। इन दोनों स्थानीय निकाय में भी भाजपा संगठन को ही तरजीह मिली है। हालांकि पहले दावे किए जा रहे थे कि बीजेपी पूर्व पार्षदों को ही मौका देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। भूना में वर्तमान चेयरपर्सन के खिलाफ पार्षदों में असंतोष है, ऐसे में मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति उनके लिए भी राहत ला सकती है।
मनोनयन से स्पष्ट, चुनावों को लेकर नहीं, संगठन को मजबूत करने पर बीजेपी का ध्यान
तीनों स्थानीय निकायों में पार्षदों के मनोनयन लिस्ट से साफ संदेश मिला है कि बीजेपी अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखने की बजाए संगठन को मजबूत करने में जुटी है। फतेहाबाद नगर परिषद में भेजे गए तीनों मनोनीत पार्षदों में से महज शम्मी ढींगड़ा ही इन दिनों बीजेपी में एक्टिव हैं, लेकिन राधेश्याम टांटियां और महेश सलोदिया कभी-कभार ही कार्यक्रम में दिखते हैं। लेकिन फिर भी उन्हें पार्षद बनाए पुराने नेताओं फिर से जोड़ने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
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स्थानीय निकायों में मनोनीत पार्षदों के नामों के ऐलान में साफ तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां की पसंद को पूरी तरजीह मिली है। इस लिस्ट पर नजर डालने से स्पष्ट है कि भाजपा हाईकमान ने इसमें पार्टी के पुराने नेताओं को ही मौका मिला है। भाजपा लहर के दौरान बीजेपी में शामिल होने वाले किसी भी नेता को मनोनीत पार्षद नहीं बनाया गया है। हालांकि इस लिस्ट के जारी होने से कई पूर्व पार्षदों की उम्मीदों को झटका जरूर लगा है।
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भाजपा के मुश्किल दिनों में दरी बिछाने वाले नेता हैं तीनों मनोनीत पार्षद
फतेहाबाद नगर परिषद में मनोनीत किए गए तीनों पार्षद भाजपा के मुश्किल दिनों में दरी बिछाने वाले नेताओं में शामिल हैं। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले शम्मी ढींगड़ा शुरू से ही बीजेपी के साथ जुड़े रहे हैं। हमेशा पर्दे के पीछे से व्यवस्था संभालने वाले शम्मी ढींगड़ा को बीजेपी पहली बार पर्दे से बाहर लेकर आई है। दूसरी ओर एक सामान्य नाई का काम करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता महेश सलोदिया को बीजेपी ने मनोनीत पार्षद बनाकर ये संदेश दिया गया है कि सत्ता में आने के बावजूद वे बीजेपी के मुश्किल दिनों के साथियों को भूले नहीं हैं। इसके बाद जवाहर चौक में आयुर्वेदिक दवाइयों के काम से जुड़े हुए डॉ. राधेश्याम टांटियां भी पार्टी और संघ के प्रति पुरानी वफादारी का फल मिला है। शांत स्वभाव के डॉ. टांटियां कई संगठनों से भी जुड़े हुए हैं।
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भूना से मदन लाल और खट्टर को मिला मौका तो रतिया से वधवा और सुनील जाएंगे नगर पालिका
सरकार द्वारा जारी की गई लिस्ट के अनुसार भूना नगर पालिका में मदन लाल और जोनी खट्टर को मनोनीत पार्षद बनाया गया है तो रतिया में पुराने भाजपाइयों में शुमार नरेंद्र वधवा और सुनील कुमार को मौका दिया गया है। ये पार्षद अब बाकी पार्षदों के साथ मिलकर अपने-अपने क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करेंगे। इन दोनों स्थानीय निकाय में भी भाजपा संगठन को ही तरजीह मिली है। हालांकि पहले दावे किए जा रहे थे कि बीजेपी पूर्व पार्षदों को ही मौका देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। भूना में वर्तमान चेयरपर्सन के खिलाफ पार्षदों में असंतोष है, ऐसे में मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति उनके लिए भी राहत ला सकती है।
मनोनयन से स्पष्ट, चुनावों को लेकर नहीं, संगठन को मजबूत करने पर बीजेपी का ध्यान
तीनों स्थानीय निकायों में पार्षदों के मनोनयन लिस्ट से साफ संदेश मिला है कि बीजेपी अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखने की बजाए संगठन को मजबूत करने में जुटी है। फतेहाबाद नगर परिषद में भेजे गए तीनों मनोनीत पार्षदों में से महज शम्मी ढींगड़ा ही इन दिनों बीजेपी में एक्टिव हैं, लेकिन राधेश्याम टांटियां और महेश सलोदिया कभी-कभार ही कार्यक्रम में दिखते हैं। लेकिन फिर भी उन्हें पार्षद बनाए पुराने नेताओं फिर से जोड़ने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।