{"_id":"58bb095f4f1c1b1c5e830988","slug":"fatehabad-vidhan-shabha-city-bulls-in-road-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"विस में उछला मसला तो नप और पुलिस की टीमों ने शहर से खदेड़े लावारिस सांड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विस में उछला मसला तो नप और पुलिस की टीमों ने शहर से खदेड़े लावारिस सांड़
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:07 AM IST
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नेशनल हाइवे से सांडों को खदेड़ते नप कर्मचारी ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रशासन द्वारा जिले को लावारिस सांड़ों की समस्या से मुक्त करने के ऐलान और इसके बाद इस ऐलान की बखिया उधेड़ती अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट के विधानसभा में उछलने के बाद अगले ही दिन जिला प्रशासन एकाएक हरकत में आ गया।
नगर परिषद के कर्मचारियों और पुलिस की टीमों ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर शहर से आवारा सांड़ों को खदेड़ने का कार्यक्रम एक बार फिर से शुरू किया। नप के ईओ ओपी सिहाग की मानें तो शनिवार को तकरीबन 150 से 200 सांड शहर से खदेड़कर नंदीशाला में छोड़े गए। इस बीच एडीसी ने आवारा सांड़ों की समस्या से निबटने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है। नगर परिषद ईओ ओपी सिहाग ने इस मामले में आशंका जताई है कि आसपास के गांवों से भी कुछ सांड़ों के शहर में छोड़े जाने की सूचना मिली है। अगर पुलिस प्रशासन शहर के इंट्री प्वाइंट पर नाके लगवा दे तो भी काफी हद तक समस्या कम हो जाएगी।
सुबह 10 बजे शुरु हुआ अभियान,
आमतौर पर अलसुबह सांड खदेड़ने का अभियान चलाने वाली नगर परिषद के कर्मचारियों ने शनिवार को सुबह 10 बजे के करीब ये अभियान शुरू किया। इस मामले में पुलिस विभाग की भी मदद ली गई। ट्रैफिक पुलिस ने आवारा सांड़ों को पकड़ने के के लिए पहले नेशनल हाइवे की एक साइड की सड़क को बंदकर ट्रैफिक को दूसरी ओर डायवर्ट कर दिया गया। इस पूरे अभियान में नगर परिषद के 50 से अधिक कर्मचारी एवं पुलिस की लगभग तीन टीमें जुटी थी। सिरसा रोड पर सेतिया पैलेस से नगर परिषद कर्मचारी आवारा सांड़ों को खदेड़ते हुए मताना की नंदीशाला तक ले गए।
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कइयों के वाहन क्षतिग्रस्त
नगर परिषद प्रशासन ने अभियान की कोई पूर्व सूचना नेशनल हाइवे के दुकानदारों को नहीं दी। इसके चलते दुकानदारों और आम नागरिकों ने अपने वाहन दुकानों के बाहर खड़े किए थे। एकाएक ही नप कर्मचारी सैकड़ों की संख्या में सांड़ों को खदेड़ते हुए आए। इस दौरान कई सांड बिफर कर दुकानों के बाहर खड़े वाहनों को टक्कर मारते निकल गए। जिसके चलते दुर्गा मंदिर के पास खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। दरअसल इससे पहले नप कर्मचारी सांड पकड़ने या खदेड़ने का कार्यक्रम अलसुबह करते थे जिसके चलते सड़क सुनसान होती थी लेकिन शनिवार को ये अभियान सुबह 10 बजे शुरू हुआ।
आशंका है कि बाहर से सांड़ शहर में भेजे जा रहे हैं। हमने पुलिस प्रशासन से भी सहयोगी अपील की है और हमें सहयोग मिला भी है। फिलहाल हमने 15 लोगों की एक विशेष टीम बना दी है, जिसका काम सिर्फ शहर से लावारिस सांड़ों को पकड़कर बाहर ले जाने का रहेगा। शनिवार को भी काफी संख्या में सांड नंदीशाला भेजे हैं। -ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद ।
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नगर परिषद के कर्मचारियों और पुलिस की टीमों ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर शहर से आवारा सांड़ों को खदेड़ने का कार्यक्रम एक बार फिर से शुरू किया। नप के ईओ ओपी सिहाग की मानें तो शनिवार को तकरीबन 150 से 200 सांड शहर से खदेड़कर नंदीशाला में छोड़े गए। इस बीच एडीसी ने आवारा सांड़ों की समस्या से निबटने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है। नगर परिषद ईओ ओपी सिहाग ने इस मामले में आशंका जताई है कि आसपास के गांवों से भी कुछ सांड़ों के शहर में छोड़े जाने की सूचना मिली है। अगर पुलिस प्रशासन शहर के इंट्री प्वाइंट पर नाके लगवा दे तो भी काफी हद तक समस्या कम हो जाएगी।
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सुबह 10 बजे शुरु हुआ अभियान,
आमतौर पर अलसुबह सांड खदेड़ने का अभियान चलाने वाली नगर परिषद के कर्मचारियों ने शनिवार को सुबह 10 बजे के करीब ये अभियान शुरू किया। इस मामले में पुलिस विभाग की भी मदद ली गई। ट्रैफिक पुलिस ने आवारा सांड़ों को पकड़ने के के लिए पहले नेशनल हाइवे की एक साइड की सड़क को बंदकर ट्रैफिक को दूसरी ओर डायवर्ट कर दिया गया। इस पूरे अभियान में नगर परिषद के 50 से अधिक कर्मचारी एवं पुलिस की लगभग तीन टीमें जुटी थी। सिरसा रोड पर सेतिया पैलेस से नगर परिषद कर्मचारी आवारा सांड़ों को खदेड़ते हुए मताना की नंदीशाला तक ले गए।
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कइयों के वाहन क्षतिग्रस्त
नगर परिषद प्रशासन ने अभियान की कोई पूर्व सूचना नेशनल हाइवे के दुकानदारों को नहीं दी। इसके चलते दुकानदारों और आम नागरिकों ने अपने वाहन दुकानों के बाहर खड़े किए थे। एकाएक ही नप कर्मचारी सैकड़ों की संख्या में सांड़ों को खदेड़ते हुए आए। इस दौरान कई सांड बिफर कर दुकानों के बाहर खड़े वाहनों को टक्कर मारते निकल गए। जिसके चलते दुर्गा मंदिर के पास खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। दरअसल इससे पहले नप कर्मचारी सांड पकड़ने या खदेड़ने का कार्यक्रम अलसुबह करते थे जिसके चलते सड़क सुनसान होती थी लेकिन शनिवार को ये अभियान सुबह 10 बजे शुरू हुआ।
आशंका है कि बाहर से सांड़ शहर में भेजे जा रहे हैं। हमने पुलिस प्रशासन से भी सहयोगी अपील की है और हमें सहयोग मिला भी है। फिलहाल हमने 15 लोगों की एक विशेष टीम बना दी है, जिसका काम सिर्फ शहर से लावारिस सांड़ों को पकड़कर बाहर ले जाने का रहेगा। शनिवार को भी काफी संख्या में सांड नंदीशाला भेजे हैं। -ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद ।