{"_id":"5866a4984f1c1b047feeb703","slug":"fatehabad-temprature-falls-6-degree-in-fatehabad-fatehabad-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यूनतम पारा 6 तक लुढ़का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यूनतम पारा 6 तक लुढ़का
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
अलाव पर हाथ सेंकते लोग ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
शुक्रवार का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। कोहरे की चादर में लिपटे फतेहाबादवासी सारा दिन ठंड के चलते ठिठुरते रहे। बुजुर्ग और बच्चे घरों में दुबके रहे। नेशनल हाइवे पर कोहरे के प्रकोप के चलते वाहन रेंगते नजर आए। पूरा दिन वाहनों की लाइटें जगती रही। शुक्रवार को यहां का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री एवं अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री कम है। मौसम की पहली ठंडक से जनजीवन ठहर सा गया वहीं यह धुंध गेहूं के लिए फायदेमंद है। पूर्वा हवाएं चलने से कुछ किसान फसल को लेकर आशंकित भी हैं।
मौसम में शुक्रवार को अत्यधिक ठंड रही। सुबह लोग उठे तो बर्फीली हवाएं चल रही थी, धीरे-धीरे हवाएं कम हुई तो पूरा क्षेत्र कोहरे की चपेट में आ गया। कोहरे के कारण बुजुर्ग और बच्चे घरों में ही दुबके रहे। नेशनल हाइवे पर हिसार रोड़, दिल्ली रोड, सिरसा रोड़ पर दृश्यता महज पचास मीटर ही रही। धुंध और हलके बादलों का ये आलम था कि सारा दिन सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हुए। मौसम में हुए अचानक बदलाव से यात्री अपने गंतव्य को जाने के लिए घंटों साधनों का इंतजार करते देखे गए। जयपुर, दिल्ली व चंडीगढ़ जाने वाली बसें तय समय से लगभग डेढ़ से दो घंटे देरी से चली। सुबह यहां आने वाली दूध, सब्जियां और अखबार की गाड़ियां भी दो घंटे की देरी से पहुंची जिस कारण लोगों की दिनचर्या अस्तव्यस्त हो गई। फतेहाबाद के थाना रोड़, धर्मशाला रोड़, तहसील रोड़ और भट्टू रोड़ पर बिजली भी बाधित रही जिसके कारण भी लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। आज से पहले फतेहाबाद का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के पास चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को न्यूनतम छह तो अधिकतम 8 डिग्री तक गिर गया। ठंड से राहगीर भी ठिठुरते देखे गए। ================
सब्जियों की फसल के लिए नुकसानदेह धुंध
मौसम की पहली धुंध गेहं की फसल के लिए फायदेमंद बताई गई है। यहां अब तक एक लाख 86 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की जा चुकी है। गांव धांगड़ के किसान चिरंजीलाल ने बताया कि इस समय पूर्वा चल रही है जिससे जमीन सूखती है। अगर पूर्वा हवा बंद नहीं हुई तो गेहूं की फसल में बीमारी लग सकती है। ये धुंध सब्जियों की फसल के लिए नुकसानदेह बताई जा रही है। फुलां के किसान रामकुमार के अनुसार अगर पाला पड़ गया तो टमाटर, पालक सहित बेल वाली फसलें सड़ सकती हैं।
विज्ञापन
धुंध और ठंड से बढ़वार और फुटाव जल्द होगा
कृषि उपनिदेशक बलवंत सिंह सहारण ने बताया कि अब तक मौसम गेहूं की फसल के बहुत अनुकूल चल रहा है। इस समय ठंड व धुंध की बहुत जरूरत है। ताकि फसल में बढ़वार और फुटाव जल्दी हो। उन्होंने कहा कि मौसम धुंध का रहने से गेहूं की फसल अच्छी होगी।
मौसम में शुक्रवार को अत्यधिक ठंड रही। सुबह लोग उठे तो बर्फीली हवाएं चल रही थी, धीरे-धीरे हवाएं कम हुई तो पूरा क्षेत्र कोहरे की चपेट में आ गया। कोहरे के कारण बुजुर्ग और बच्चे घरों में ही दुबके रहे। नेशनल हाइवे पर हिसार रोड़, दिल्ली रोड, सिरसा रोड़ पर दृश्यता महज पचास मीटर ही रही। धुंध और हलके बादलों का ये आलम था कि सारा दिन सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हुए। मौसम में हुए अचानक बदलाव से यात्री अपने गंतव्य को जाने के लिए घंटों साधनों का इंतजार करते देखे गए। जयपुर, दिल्ली व चंडीगढ़ जाने वाली बसें तय समय से लगभग डेढ़ से दो घंटे देरी से चली। सुबह यहां आने वाली दूध, सब्जियां और अखबार की गाड़ियां भी दो घंटे की देरी से पहुंची जिस कारण लोगों की दिनचर्या अस्तव्यस्त हो गई। फतेहाबाद के थाना रोड़, धर्मशाला रोड़, तहसील रोड़ और भट्टू रोड़ पर बिजली भी बाधित रही जिसके कारण भी लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। आज से पहले फतेहाबाद का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के पास चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को न्यूनतम छह तो अधिकतम 8 डिग्री तक गिर गया। ठंड से राहगीर भी ठिठुरते देखे गए। ================
विज्ञापन
सब्जियों की फसल के लिए नुकसानदेह धुंध
मौसम की पहली धुंध गेहं की फसल के लिए फायदेमंद बताई गई है। यहां अब तक एक लाख 86 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की जा चुकी है। गांव धांगड़ के किसान चिरंजीलाल ने बताया कि इस समय पूर्वा चल रही है जिससे जमीन सूखती है। अगर पूर्वा हवा बंद नहीं हुई तो गेहूं की फसल में बीमारी लग सकती है। ये धुंध सब्जियों की फसल के लिए नुकसानदेह बताई जा रही है। फुलां के किसान रामकुमार के अनुसार अगर पाला पड़ गया तो टमाटर, पालक सहित बेल वाली फसलें सड़ सकती हैं।
विज्ञापन
धुंध और ठंड से बढ़वार और फुटाव जल्द होगा
कृषि उपनिदेशक बलवंत सिंह सहारण ने बताया कि अब तक मौसम गेहूं की फसल के बहुत अनुकूल चल रहा है। इस समय ठंड व धुंध की बहुत जरूरत है। ताकि फसल में बढ़वार और फुटाव जल्दी हो। उन्होंने कहा कि मौसम धुंध का रहने से गेहूं की फसल अच्छी होगी।