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ऋण नहीं मिलने पर बैंक में काटा बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Tue, 10 Nov 2015 09:09 PM IST
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किसानों ने बैंक में जमकर हंगामा किया वहीं सहकारी समिति के प्रबंधक व बैंक प्रबंधक के बीच भी तीखी नोक झोंक भी हुई।
किसानों ने अधिकारी पर उनकी ऋण सीमा अनुसार राशि उपलब्ध न करवाने का आरोप लगाया वहीं प्रबंधक पर अपने चहेतों को ऋण सीमा से भी अधिक देने की बात कही।
किसानों ने बैंक प्रबंधक की कार्यप्रणाली पर खफा होकर नारेबाजी भी की। मामले को लेकर सहकारी समिति प्रबंधक ने किसानों की बात को जायज माना तो वहीं बैंक प्रबंधक ने विभाग से आए आदेशों का हवाला देते हुए किसानों के पास बुक में दर्ज तय सीमा से अधिक राशि उपलब्ध कराने से साफ इंकार किया।
खंड के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने बताया कि वह हर छ: माह पर आढ़ती व अन्य साधनों से राशि एकत्रित कर बैंक से लिए गए कर्जे को उतारते हैं।
लेकिन इस बार उन्हें पुरानी कर्ज राशि भरवाने के बावजूद आगे न तो राशि दी जा रही है और न ही उन्हें खाद मिल रही है। दर्जन भर गांवों से पहुंचे किसान अमरीक सिंह जाखल गांव, बलराज सिंह म्योंद कलां, औमप्रकाश शक्करपुरा, महेंद्र सिंह, जसकरण सिंह जाखल गांव, सुनाम चंद, बलविंद्र सिंह के अलावा पैक्स सोसायटी प्रधान जरनैल सिंह सरोए ने कहा कि कर्जा भरने के बावजूद पिछले कई दिनों से किसान बैंक में बनी अपनी लिमिट की राशि के लिए आ रहे हैं लेकिन उन्हें न तो लिमिट अनुसार राशि उपलब्ध कराई जा रही है ओर न ही खाद अथवा जिंस इत्यादि ही दी जा रही है।
इसको लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त हो गया व गुस्साए किसानों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
क्या कहते हैं बैंक प्रबंधक
बैंक प्रबंधक शाम सुंदर ने कहा कि उन्हें बैंक की ओर से स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि 17 सितंबर से सभी प्रकार के नए ऋणों पर रोक लगा दी गई है। किसी भी किसान को नया ऋण उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
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यही नहीं विभाग के आदेशानुसार यदि कोई प्रबंधक अथवा विकास अधिकारी नियमों का उल्लंघन कर किसान को नया ऋण जारी करने की मांग मुख्यालय को भेजता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने का भी प्रावधान रखा गया है।
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किसानों ने अधिकारी पर उनकी ऋण सीमा अनुसार राशि उपलब्ध न करवाने का आरोप लगाया वहीं प्रबंधक पर अपने चहेतों को ऋण सीमा से भी अधिक देने की बात कही।
किसानों ने बैंक प्रबंधक की कार्यप्रणाली पर खफा होकर नारेबाजी भी की। मामले को लेकर सहकारी समिति प्रबंधक ने किसानों की बात को जायज माना तो वहीं बैंक प्रबंधक ने विभाग से आए आदेशों का हवाला देते हुए किसानों के पास बुक में दर्ज तय सीमा से अधिक राशि उपलब्ध कराने से साफ इंकार किया।
खंड के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने बताया कि वह हर छ: माह पर आढ़ती व अन्य साधनों से राशि एकत्रित कर बैंक से लिए गए कर्जे को उतारते हैं।
लेकिन इस बार उन्हें पुरानी कर्ज राशि भरवाने के बावजूद आगे न तो राशि दी जा रही है और न ही उन्हें खाद मिल रही है। दर्जन भर गांवों से पहुंचे किसान अमरीक सिंह जाखल गांव, बलराज सिंह म्योंद कलां, औमप्रकाश शक्करपुरा, महेंद्र सिंह, जसकरण सिंह जाखल गांव, सुनाम चंद, बलविंद्र सिंह के अलावा पैक्स सोसायटी प्रधान जरनैल सिंह सरोए ने कहा कि कर्जा भरने के बावजूद पिछले कई दिनों से किसान बैंक में बनी अपनी लिमिट की राशि के लिए आ रहे हैं लेकिन उन्हें न तो लिमिट अनुसार राशि उपलब्ध कराई जा रही है ओर न ही खाद अथवा जिंस इत्यादि ही दी जा रही है।
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इसको लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त हो गया व गुस्साए किसानों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
क्या कहते हैं बैंक प्रबंधक
बैंक प्रबंधक शाम सुंदर ने कहा कि उन्हें बैंक की ओर से स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि 17 सितंबर से सभी प्रकार के नए ऋणों पर रोक लगा दी गई है। किसी भी किसान को नया ऋण उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
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यही नहीं विभाग के आदेशानुसार यदि कोई प्रबंधक अथवा विकास अधिकारी नियमों का उल्लंघन कर किसान को नया ऋण जारी करने की मांग मुख्यालय को भेजता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने का भी प्रावधान रखा गया है।