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Fatehabad News: भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल से किसानों ने किया सवाल क्या बॉर्डर पर बैठे किसान नकली हैं
Wed, 02 Oct 2024 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 02 Oct 2024 12:18 AM IST
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गांव लांबा में भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल से सवाल करते किसान
फतेहाबाद। रतिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल को एक बार फिर गांव लांबा में किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। तीन घंटे तक किसान सुनीता दुग्गल से बातचीत करने के लिए इंतजार करते रहे। मगर दुग्गल दूसरे रास्ते से कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं। इस पर किसानों ने उनसे कहा कि हम तीन घंटे से शांतिपूर्वक सवाल करने के लिए इंतजार कर रहे थे, लेकिन आप चोर गली से कार्यक्रम स्थल तक आ गए। किसानों ने कहा कि आप हमारे सवालों से भाग रहे हैं।
हो सकता है, हम आपको मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहें, लेकिन आपको सवालों का जवाब तो देना होगा। इसके बाद एक-एक करके किसानों ने सुनीता दुग्गल से सवाल पूछने शुरू कर दिए।
किसानों ने सवाल किया कि आपकी पार्टी के नेता कहते रहे हैं कि बॉर्डर पर बैठे किसान नकली हैं, क्या आप भी ऐसा मानती हैं। इस पर सुनीता दुग्गल ने माना कि बॉर्डर पर बैठे हुए किसान असली थे। किसानों का रास्ता रोकना गलत था। किसान शुभकरण की मौत की तफ्तीश करवाई जानी चाहिए। किसानों ने पूछा कि कौन करवाएगा। सुनीता दुग्गल ने कहा कि हम करवाएंगे। किसानों ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई जांच होगी। इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों के कत्ल हुए आज तक उसकी भी जांच नहीं हुई।
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किसान बोले- सांसद रहते भी नजर नहीं आई
किसानों ने कहा कि सांसद रहते हुए पांच सालों में आपने कभी चेहरा नहीं दिखाया। अब विधानसभा चुनाव लड़ने आ गए। इस पर जवाब देते हुए सुनीता दुग्गल ने कहा कि सांसद के कार्यक्षेत्र में 9 विधानसभा क्षेत्र हैं। 1200 गांव आते हैं। दो साल में 700 दिन होते हैं, वो कोरोना में निकल गए। 100 दिन संसद में उपस्थिति दर्ज करवाई। 100 दिन तक पार्टी ने कभी ओडिशा, कभी पंजाब में ड्यूटी लगा दी। 500 दिनों में सारे गांवों में जाना संभव नहीं हो पाया क्योंकि मैं भी इंसान ही हूं। इसके बाद किसानों ने उलाहना दिया कि आपके कार्यकर्ता हमें गालियां निकालते हैं। गुंडागर्दी करते हैं। इस पर दुग्गल ने जवाब दिया कि आपके साथ कोई ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। हालांकि सवाल-जवाब होने के बाद मामला शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया। इस दौरान सदर थाना प्रभारी ओमप्रकाश सहित काफी पुलिस बल भी मौजूद रहा।
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हो सकता है, हम आपको मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहें, लेकिन आपको सवालों का जवाब तो देना होगा। इसके बाद एक-एक करके किसानों ने सुनीता दुग्गल से सवाल पूछने शुरू कर दिए।
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किसानों ने सवाल किया कि आपकी पार्टी के नेता कहते रहे हैं कि बॉर्डर पर बैठे किसान नकली हैं, क्या आप भी ऐसा मानती हैं। इस पर सुनीता दुग्गल ने माना कि बॉर्डर पर बैठे हुए किसान असली थे। किसानों का रास्ता रोकना गलत था। किसान शुभकरण की मौत की तफ्तीश करवाई जानी चाहिए। किसानों ने पूछा कि कौन करवाएगा। सुनीता दुग्गल ने कहा कि हम करवाएंगे। किसानों ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई जांच होगी। इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों के कत्ल हुए आज तक उसकी भी जांच नहीं हुई।
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किसान बोले- सांसद रहते भी नजर नहीं आई
किसानों ने कहा कि सांसद रहते हुए पांच सालों में आपने कभी चेहरा नहीं दिखाया। अब विधानसभा चुनाव लड़ने आ गए। इस पर जवाब देते हुए सुनीता दुग्गल ने कहा कि सांसद के कार्यक्षेत्र में 9 विधानसभा क्षेत्र हैं। 1200 गांव आते हैं। दो साल में 700 दिन होते हैं, वो कोरोना में निकल गए। 100 दिन संसद में उपस्थिति दर्ज करवाई। 100 दिन तक पार्टी ने कभी ओडिशा, कभी पंजाब में ड्यूटी लगा दी। 500 दिनों में सारे गांवों में जाना संभव नहीं हो पाया क्योंकि मैं भी इंसान ही हूं। इसके बाद किसानों ने उलाहना दिया कि आपके कार्यकर्ता हमें गालियां निकालते हैं। गुंडागर्दी करते हैं। इस पर दुग्गल ने जवाब दिया कि आपके साथ कोई ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। हालांकि सवाल-जवाब होने के बाद मामला शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया। इस दौरान सदर थाना प्रभारी ओमप्रकाश सहित काफी पुलिस बल भी मौजूद रहा।