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Fatehabad News: काली पट्टी बांधकर कर्मचारियों ने जताया विरोध, 12 अक्तूबर को हैफेड मुख्यालय का घेराव करेंगे
Thu, 08 Oct 2026 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 08 Oct 2026 10:56 PM IST
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भट्टूकलां में को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी एम्प्लॉइज यूनियन के सदस्य काली पट्टी बांधकर सेवाएं
भट्टूकलां। दी हरियाणा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी एम्प्लॉइज यूनियन के प्रचार सचिव मेनपाल ने बताया कि यूनियन के सर्वसम्मत निर्णय के अनुसार प्रदेशभर की सभी सहकारी विपणन समितियों के कर्मचारी 5 से 11 अक्टूबर तक अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार और हैफेड प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज करवा रहे हैं।
मेनपाल ने बताया कि यूनियन ने 11 सितंबर को सामूहिक मांग-पत्र के माध्यम से हैफेड प्रबंधन के समक्ष कर्मचारियों की मांगें रखी थीं। इनमें धान की खरीद पर समितियों को मिलने वाले कमीशन की दर को दोबारा 0.25 प्रतिशत किए जाने की मांग प्रमुख है। उन्होंने बताया कि पहले समितियों को 5.97 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता था।
इसके अलावा गेहूं की खरीद पर वर्ष 2011 से मिल रहे 1.33 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन को महंगाई को देखते हुए बढ़ाने की मांग भी की गई है। उन्होंने कहा कि मांग-पत्र सौंपे जाने के बाद पर्याप्त समय बीत चुका है, लेकिन प्रबंधन की ओर से मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है।
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मेनपाल ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे प्रदेशभर के कर्मचारी हैफेड मुख्यालय, पंचकूला का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कारण फसल खरीद, खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों तथा अन्य कृषि साधनों के वितरण सहित समितियों के कामकाज पर असर पड़ सकता है।
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मेनपाल ने बताया कि यूनियन ने 11 सितंबर को सामूहिक मांग-पत्र के माध्यम से हैफेड प्रबंधन के समक्ष कर्मचारियों की मांगें रखी थीं। इनमें धान की खरीद पर समितियों को मिलने वाले कमीशन की दर को दोबारा 0.25 प्रतिशत किए जाने की मांग प्रमुख है। उन्होंने बताया कि पहले समितियों को 5.97 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता था।
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इसके अलावा गेहूं की खरीद पर वर्ष 2011 से मिल रहे 1.33 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन को महंगाई को देखते हुए बढ़ाने की मांग भी की गई है। उन्होंने कहा कि मांग-पत्र सौंपे जाने के बाद पर्याप्त समय बीत चुका है, लेकिन प्रबंधन की ओर से मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है।
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मेनपाल ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे प्रदेशभर के कर्मचारी हैफेड मुख्यालय, पंचकूला का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कारण फसल खरीद, खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों तथा अन्य कृषि साधनों के वितरण सहित समितियों के कामकाज पर असर पड़ सकता है।