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Fatehabad News: दुकान पर बेहोश हुआ बुजुर्ग, अस्पताल ले जाते समय मौत
Tue, 27 Jan 2026 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 27 Jan 2026 11:17 PM IST
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आत्मप्रकाश नारंगफाइल फोटो
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में लाजपत नगर निवासी बुजुर्ग आत्मप्रकाश की मौत के बाद परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची और अस्पताल ले जाते समय प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया। इससे बुजुर्ग की जान चली गई।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और मामले की जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। मृतक के बेटे जितेंद्र ने बताया कि उसके पिता सुबह जवाहर चौक स्थित दुकान पर पहुंचे थे, वहां अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी।
जितेंद्र का आरोप है कि एंबुलेंस करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची। एंबुलेंस कर्मियों ने मौके पर कोई प्राथमिक उपचार नहीं किया और मरीज को सीधे बैठाकर अस्पताल लाया गया। रास्ते में ऑक्सीजन नहीं दी गई और इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते ही चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में न तो सीपीआर दी गई और न ही कोई दवा या इंजेक्शन लगाया गया।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग के फ्लीट मैनेजर कुलदीप सिंह ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि डायल 112 कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची थी। मरीज को एंबुलेंस में सीपीआर दी गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जा रही है।
-
मामले में शिकायत नहीं आई है लेकिन वीडियो संज्ञान में आने के बाद प्राथमिक तौर पर जांच की गई है। इसमें सामने आया है कि एंबुलेंस कंट्रोल रूम में 9 बजकर 38 मिनट पर सूचना आई थी और 9 बजकर 44 मिनट पर एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी। ईएमटी ने पैरामीटर लगाकर जांच की है और इसके बाद सीपीआर भी दी गई है। आपातकालीन विभाग में भी सीपीआर दी गई है लेकिन हार्ट ने काम नहीं किया। परिजनों ने टीम को बताया था कि मरीज को पहले से ही स्टंट डले हुए थे।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और मामले की जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। मृतक के बेटे जितेंद्र ने बताया कि उसके पिता सुबह जवाहर चौक स्थित दुकान पर पहुंचे थे, वहां अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी।
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जितेंद्र का आरोप है कि एंबुलेंस करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची। एंबुलेंस कर्मियों ने मौके पर कोई प्राथमिक उपचार नहीं किया और मरीज को सीधे बैठाकर अस्पताल लाया गया। रास्ते में ऑक्सीजन नहीं दी गई और इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते ही चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में न तो सीपीआर दी गई और न ही कोई दवा या इंजेक्शन लगाया गया।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग के फ्लीट मैनेजर कुलदीप सिंह ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि डायल 112 कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची थी। मरीज को एंबुलेंस में सीपीआर दी गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जा रही है।
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मामले में शिकायत नहीं आई है लेकिन वीडियो संज्ञान में आने के बाद प्राथमिक तौर पर जांच की गई है। इसमें सामने आया है कि एंबुलेंस कंट्रोल रूम में 9 बजकर 38 मिनट पर सूचना आई थी और 9 बजकर 44 मिनट पर एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी। ईएमटी ने पैरामीटर लगाकर जांच की है और इसके बाद सीपीआर भी दी गई है। आपातकालीन विभाग में भी सीपीआर दी गई है लेकिन हार्ट ने काम नहीं किया। परिजनों ने टीम को बताया था कि मरीज को पहले से ही स्टंट डले हुए थे।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन