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पहले 258 सरपंचों के हाथ में थी गांवों की चौधर, अब सिर्फ 7 चौधरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 09:45 PM IST
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Earlier, 258 sarpanches were in the hands of the Chaudhars of the villages, now only 7 Chaudharys
फतेहाबाद। जिले में गांवों की सरकार का कार्यकाल खत्म होने से पहले 258 हाथों में गांव की चौधर रही। मगर अब एक साल एक महीने और आठ दिनों से यह चौधर सिमट कर सात बीडीपीओ के पास रह गई है। इनमें से भी एक अब सेवानिवृत्त हो चुका है। सरपंचों की मुहर भी लाचार हो गई है। पंचायत चुनावों में लगातार हो रही देरी आम जनता पर भारी पड़ रही है। गांवों में हालात ऐसे हो चुके हैं कि एक नाली की सफाई करवाने के लिए भी सीधे बीडीपीओ को शिकायत देनी पड़ती है। ऐसे में बीडीपीओ से वापस शिकायत ग्राम सचिव और फिर ग्रामीण सफाईकर्मी तक पहुंचती है, तब तक समस्या नासूर बन चुकी होती है। ग्राम सचिव भी मनमानी करते हैं, कुछ समस्याएं तो दो-दो महीनों तक ठीक नहीं होती है।
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गौरतलब है कि 23 फरवरी 2021 को प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया था। उसके बाद से दोबारा से पंचायतों के चुनाव नहीं हो पाए हैं।
बिना सरपंच के गांवों की हालत कैसी है, इसका अंदाजा फतेहाबाद जिला मुख्यालय से मात्र सात किलोमीटर दूर स्थित गांव बीघड़ प्रथम में फैली अव्यवस्था से लग सकता है। गांव के मुख्य रास्ते पर कूड़े के ढेर लगे हैं, जहां से रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है। करीब पांच हजार की आबादी वाले गांव में मात्र चार सफाईकर्मी हैं। इस कारण नियमित रूप से सफाई भी नहीं हो पा रही है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 108 मकान बनाने की दी थी मंजूरी, अब तक लटकी
गांव बीघड़ प्रथम में निवर्तमान सरपंच चंद्रकला के कार्यकाल के दौरान ग्राम सभा की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 108 नए मकान बनाने की मंजूरी दी गई थी। मगर बाद में कार्यकाल खत्म हो गया। अभी तक यह प्रोजेक्ट कागजों में ही अटका हुआ है। न ग्राम सचिव ने सुध ली है तो न ही बीडीपीओ ने प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाने का प्रयास किया है। डीडीपीओ को तो मामले की जानकारी ही नहीं है।
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तालाब के पानी की निकासी का काम भी अधर में
सरपंच प्रतिनिधि मदन हंस ने बताया कि गांव में बोरवेल कामयाब नहीं हो रहे हैं, इसलिए गंदा पानी तालाब में एकत्रित होता है। इस तालाब की पानी निकासी के लिए एक करोड़ 54 लाख रुपये का एस्टीमेट पास हुआ था। पाइप लाइन दबाई जा रही है। मगर काम अधर में छोड़ा हुआ है। कहीं सड़क पर ही पाइपें पड़ी हैं। समय पर काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। कुछ महीनों बाद फिर से बारिश का मौसम आ जाएगा।
ग्राम सचिव के भी 34 पद खाली, पांच-छह गांव संभाल रहा एक सचिव
जिले में ग्राम सचिवों के भी 34 पद खाली हैं। हालात ऐसे हैं कि एक ग्राम सचिव पांच से छह गांवों की जिम्मेदारी संभाल रहा है। ऐसे में विकास कार्यों की मॉनिटरिंग भी बेहतर तरीके से नहीं हो पा रही है। जिले में ग्राम सचिव के कुल 94 पद हैं। मगर सिर्फ 60 ग्राम सचिव ही कार्यरत हैं। ग्राम सचिवों का ही काम ग्राम सभा की बैठकों का संचालन करना और गांवों के विकास के प्रोजेक्ट तैयार करना होता है।
सीएम विंडों पर 5 से 7 शिकायतें आ रही हर महीने
जिले में पंचायत विभाग से जुड़ी हर महीने पांच से सात शिकायतें आ रही हैं। इन शिकायतों में नालियां बनाने, टूटी पुलिया ठीक करवाने, गंदे पानी की निकासी के प्रबंध करवाने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने से संबंधित शिकायतें प्रमुख होती हैं।
:: हमारे गांव में काफी समस्याएं हैं, जिनके समाधान की जरूरत है। तालाब के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालने का काम पूरा नहीं हुआ है। मकान बनाने के लिए पैसा नहीं आया है। एक साल से ज्यादा समय में तो पंचायत अपने स्तर पर सारे काम निपटा देती।
चंद्रकला हंस, निवर्तमान सरपंच, गांव बीघड़
:: गांवों में पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्रामीण शिकायतों का समाधान करवाने के लिए तंग हो रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में उन्हें चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सरकार को जल्द चुनाव करवाने चाहिए।
पवन मेहला, निवर्तमान सरपंच, गांव पारता
:: एक ग्राम सचिव पांच से छह गांवों को संभाल रहा है। विकास कार्य भी बाधित हो रहे हैं। शिकायतों का भी समय पर निपटान करने के लिए जूझना पड़ता है। पंचायत चुनाव करवाने के साथ-साथ ग्राम सचिवों के पद भी बढ़ाने की जरूरत है।

नरेंद्र कुंडू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन
:: यह सही है कि पहले गांवों को संभालने के लिए 258 लोग सरपंचों के रूप में काम कर रहे थे। मगर अब जिम्मा सिर्फ सात बीडीपीओ पर है। मॉनिटरिंग प्रभावित तो होती ही है। चुनाव करवाने को लेकर सरकार के स्तर पर ही फैसला होना है।
बलजीत सिंह चहल, डीडीपीओ, फतेहाबाद
जिले में खंड अनुसार पंचायतों का ब्योरा
खंड पंचायतों की संख्या
फतेहाबाद 49
टोहाना 49
रतिया 49
नागपुर 34
भूना 29
जाखल 24
भट्टू 24
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