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Fatehabad News: चार माह से नहीं हो सकी जिला परिषद की बैठक
Fri, 19 Jan 2024 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 19 Jan 2024 11:13 PM IST
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फतेहाबाद जिला परिषद का कार्यालय।
फतेहाबाद। जिला परिषद की विशेष बैठक सितंबर 2023 के बाद से नहीं हो सकी है। इस कारण जिला परिषद के कई काम अब भी अटके हैं। पिछली बैठक में पारित हुए कई प्रस्तावों में से किसी भी बड़े प्रस्ताव पर काम शुरू नहीं हो सका है। केवल पीलीमंदौरी में शहीद स्मारक बनने समेत छोटे-मोटे काम ही पूरे हो सके हैं।
फतेहाबाद जिले में नवंबर 2022 में जिला परिषद का गठन हुआ था। फरवरी और अगस्त 2022 में जिला परिषद की सामान्य बैठक हुई। सुमन खिचड़ 14 जनवरी 2023 को जिला परिषद की चेयरपर्सन और कैलाशो रानी उपाध्यक्ष चुनी गईं। इसके बाद मई और सितंबर में ही जिला परिषद की विशेष बैठक हुई।
इनमें विभिन्न एजेंडों को पास किया गया लेकिन 28 सितंबर 2023 को हुई जिला परिषद की बैठक के बाद विशेष बैठक नहीं हो सकी है, जिस कारण जिला परिषद के कई कार्य अटक गए हैं और नए एजेंडों पर भी चर्चा नहीं हो पा रही है। जिला परिषद को वित्त आयोग से करीब 16 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन इनमें से मात्र दो करोड़ रुपये के टेंडर ही जारी हो पाए हैं। अगर शेष राशि को जल्द खर्च नहीं किया गया तो यह लैप्स हो सकती है।
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120 कामों का भेजा प्रस्ताव, 36 के हुए टेंडर
जिला परिषद की ओर से एक साल बाद 120 कामों का प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को भेजा गया था, लेकिन इनके टेंडर नहीं हो पा रहे हैं। गांवों में स्ट्रीट लाइटें नहीं पहुंची हैं। केवल पानी के टैंक और लोहे के शेड लगाने संबंधी 36 कामों के टेंडर लगाए गए हैं।
सरकार ने इस बार पंचायती राज की शक्तियों को बांट दिया है। जिला परिषद के पास गांवों में काम के लिए अधिक शक्तियां हैं। इसके बाद पंचायती राज विभाग के पास से टेंडर निकलते हैं। पंचायती एवं विकास विभाग की शक्तियां काफी कम हो गईं हैं। जिला परिषद को अलग से कार्यकारी अभियंता और एसडीओ भी मिल चुके हैं। फिर भी काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं। अब जिला परिषद का आयुक्त भी सरकार की ओर से नियुक्त किया जा रहा है।
-- -- कोट
जिला परिषद की बैठक बुलाने के लिए अधिकारियों से बातचीत हुई है। विभिन्न एजेंडों पर जिला परिषद की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। -
सुमन खिचड़, चेयरपर्सन, जिला परिषद, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद जिले में नवंबर 2022 में जिला परिषद का गठन हुआ था। फरवरी और अगस्त 2022 में जिला परिषद की सामान्य बैठक हुई। सुमन खिचड़ 14 जनवरी 2023 को जिला परिषद की चेयरपर्सन और कैलाशो रानी उपाध्यक्ष चुनी गईं। इसके बाद मई और सितंबर में ही जिला परिषद की विशेष बैठक हुई।
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इनमें विभिन्न एजेंडों को पास किया गया लेकिन 28 सितंबर 2023 को हुई जिला परिषद की बैठक के बाद विशेष बैठक नहीं हो सकी है, जिस कारण जिला परिषद के कई कार्य अटक गए हैं और नए एजेंडों पर भी चर्चा नहीं हो पा रही है। जिला परिषद को वित्त आयोग से करीब 16 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन इनमें से मात्र दो करोड़ रुपये के टेंडर ही जारी हो पाए हैं। अगर शेष राशि को जल्द खर्च नहीं किया गया तो यह लैप्स हो सकती है।
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120 कामों का भेजा प्रस्ताव, 36 के हुए टेंडर
जिला परिषद की ओर से एक साल बाद 120 कामों का प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को भेजा गया था, लेकिन इनके टेंडर नहीं हो पा रहे हैं। गांवों में स्ट्रीट लाइटें नहीं पहुंची हैं। केवल पानी के टैंक और लोहे के शेड लगाने संबंधी 36 कामों के टेंडर लगाए गए हैं।
सरकार ने इस बार पंचायती राज की शक्तियों को बांट दिया है। जिला परिषद के पास गांवों में काम के लिए अधिक शक्तियां हैं। इसके बाद पंचायती राज विभाग के पास से टेंडर निकलते हैं। पंचायती एवं विकास विभाग की शक्तियां काफी कम हो गईं हैं। जिला परिषद को अलग से कार्यकारी अभियंता और एसडीओ भी मिल चुके हैं। फिर भी काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं। अब जिला परिषद का आयुक्त भी सरकार की ओर से नियुक्त किया जा रहा है।
जिला परिषद की बैठक बुलाने के लिए अधिकारियों से बातचीत हुई है। विभिन्न एजेंडों पर जिला परिषद की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। -
सुमन खिचड़, चेयरपर्सन, जिला परिषद, फतेहाबाद।