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फतेहाबाद: फैक्टरी संचालक से वसूली के लिए दोस्त ने ही भेजी थी फर्जी CIA टीम, पुलिस ने किया काबू

Tue, 23 Aug 2022 02:33 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 23 Aug 2022 02:33 AM IST
सार

सीआईए टीम बताकर फैक्टरी संचालक से तीन लाख रुपये मांगे थे। 2.40 लाख ऐंठे थे। सीआईए पुलिस ने आरोपी दोस्त को काबू किया है। दो दिन के रिमांड पर भेजा गया है। महम निवासी दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।   

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Friend had sent fake CIA team for recovery from factory operator in Fatehabad
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

हरियाणा के फतेहाबाद के गांव बड़ोपल में फर्जी सीआईए पुलिस बनकर इंटरलॉक फैक्टरी संचालक प्रदीप से दो लाख 40 हजार रुपये की वसूली करने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी हिसार के गांव दहमा निवासी जितेंद्र उर्फ लंबू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। पुलिस नेे अदालत के आदेश पर आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया है।  

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पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि जितेंद्र उर्फ लंबू इंटरलॉक फैक्टरी संचालक प्रदीप का दोस्त है। उसने ही साजिश रचकर वसूली के लिए फर्जी सीआईए टीम भेजी थी। वारदात से 10 मिनट पहले जितेंद्र उर्फ लंबू फैक्टरी में आया था। वहां के हालात देखकर गया था। इसके बाद फर्जी सीआईए टीम को वसूली के लिए भेजा था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपी महम निवासी आनंद और परमवीर को काबू कर चुकी है। इस मामले में दो अन्य लोग फरार चल रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास में जुटी है। 
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एसपी ने सीआईए को सौंपी थी मामले की जांच  
सदर पुलिस को नौ अगस्त को प्रदीप ने शिकायत देकर बताया था कि उसकी गांव बड़ोपल में इंटरलॉक टाइल की फैक्टरी है। पांच अगस्त को उसकी फैक्टरी में गाड़ी पर चार लोग आए। इस दौरान वह अपने दो साथियों के साथ मौजूद था। गाड़ी पर आए युवकों ने कहा कि सीआईए स्टाफ से आए है और तलाशी लेनी है। टीम ने सामान बिखेर दिया और कहा कि तुझे झूठे केस में फंसाकर ले जाएंगे।
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आरोपियों ने तीन लाख रुपये की डिमांड की। इसके बाद उसने डर से 2 लाख 40 हजार रुपये दे दिए और बाकी के 60 हजार रुपये नौ अगस्त को देने थे। 9 अगस्त को गाड़ी पर दो युवक आए और उन्होंने बाकी के 60 हजार रुपये मांगे। इस दौरान जब उसने उनसे पूछा तो वह घबरा गए और गाड़ी समेत भाग गए। सदर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस मामले की जांच एसपी आस्था मोदी ने सीआईए को सौंपी थी। सीआईए ने जांच के दौरान मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपी पकड़ लिए। 


इंटरलॉक फैक्टरी संचालक से वसूली करने के मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार किया है। जितेंद्र उर्फ लंबू के हिस्से 30 हजार रुपये आए थे। मामले में दो आरोपी पहले पकड़े जा चुके हैं। जल्द ही अन्य आरोपी पकड़ लिए जाएंगे।  - कुलदीप सिंह, इंचार्ज, सीआईए

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