{"_id":"575c50024f1c1b8d239c570e","slug":"fraud-7-laks-government-job-fatehaba-fir-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम सचिव की नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख ठगे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्राम सचिव की नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख ठगे
fatehabad
Updated Sat, 11 Jun 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भूमि विकास बैंक के एक कर्मचारी पर बैंक के अधिकारी के भांजे को सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर रतिया पुलिस ने ग्राम सचिव लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में भूमि विकास बैंक रतिया के एक कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में दड़बा कलां जिला सिरसा निवासी राम कुमार ने बताया की कुछ वर्ष पूर्व वह रतिया के भूमि विकास बैंक में अधिकारी के तौर पर कार्यरत था और सुखदेख सिंह भी बैंक में क्लर्क के तौर पर कार्यरत था। राम कुमार ने आरोप लगाया कि वह अपने भांजे सुखदेव पुत्र धनी राम के लिए सरकारी नौकरी की तलाश में था।
इसी दौरान क्लर्कसुखदेव ने बताया कि उसकी सरकार और उच्च नेताओं के साथ काफी जान पहचान है। ग्राम सचिव की पोस्ट निकली है, वह उसके भांजे को ग्राम सचिव के पद पर लगवा सकता है। इसके लिए सात लाख रुपये लगेंगे। राम कुमार के अनुसार वह क्लर्क के झांसे में आ गया और अपने भांजे की नौकरी लगवाने के लिए तैयार हो गया।
विज्ञापन
उसने आरोप लगाया कि इसी दौरान दो फरवरी 2011 से लेकर 21 मार्च 2011 तक क्लर्क सुखदेव ने उनसे ग्राम सचिव की नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये ले लिए। बाद में काफी समय बाद भी उसने नौकरी नहीं लगवाई और टालमटोल करता रहा। राम कुमार ने आरोप लगाया कि जब भी वह उससे अपने पैसों की तो वह टालमटोल करता रहा और उसने पैसे देने से इंकार कर दिया। पुलिस ने राम कुमार की शिकायत पर बैंक के क्लर्क सुखदेव के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब इस बारे में चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि राम कुमार की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी ।
पुलिस को दी शिकायत में दड़बा कलां जिला सिरसा निवासी राम कुमार ने बताया की कुछ वर्ष पूर्व वह रतिया के भूमि विकास बैंक में अधिकारी के तौर पर कार्यरत था और सुखदेख सिंह भी बैंक में क्लर्क के तौर पर कार्यरत था। राम कुमार ने आरोप लगाया कि वह अपने भांजे सुखदेव पुत्र धनी राम के लिए सरकारी नौकरी की तलाश में था।
विज्ञापन
इसी दौरान क्लर्कसुखदेव ने बताया कि उसकी सरकार और उच्च नेताओं के साथ काफी जान पहचान है। ग्राम सचिव की पोस्ट निकली है, वह उसके भांजे को ग्राम सचिव के पद पर लगवा सकता है। इसके लिए सात लाख रुपये लगेंगे। राम कुमार के अनुसार वह क्लर्क के झांसे में आ गया और अपने भांजे की नौकरी लगवाने के लिए तैयार हो गया।
विज्ञापन
उसने आरोप लगाया कि इसी दौरान दो फरवरी 2011 से लेकर 21 मार्च 2011 तक क्लर्क सुखदेव ने उनसे ग्राम सचिव की नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये ले लिए। बाद में काफी समय बाद भी उसने नौकरी नहीं लगवाई और टालमटोल करता रहा। राम कुमार ने आरोप लगाया कि जब भी वह उससे अपने पैसों की तो वह टालमटोल करता रहा और उसने पैसे देने से इंकार कर दिया। पुलिस ने राम कुमार की शिकायत पर बैंक के क्लर्क सुखदेव के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब इस बारे में चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि राम कुमार की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी ।