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हत्या करने के दोषी को अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, 60 हजार का जुर्माना भी ठोका
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:39 AM IST
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- अदालत ने 60 हजार का जुर्माना भी किया
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। फतेहाबाद की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने हत्या के एक मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 60 हजार रुपये जुर्माने भी किया गया है। जुर्माने के 60 हजार रुपये में से 50 हजार रुपये मृतक जीताराम के बच्चों को बराबर हिस्से में दिए जाने के आदेश भी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने दिए हैं। हत्या अवैध संबंधों के चलते हुई थी।
मामले के अनुसार रतिया पुलिस थाना ने 11 अगस्त 2018 को मृतक जीताराम के भाई मलकीत सिंह की शिकायत पर अलीका निवासी जेलाराम के खिलाफ धारा 302,279 के तहत मामला दर्ज किया था। लेकिन बाद में जांच पड़ताल के दौरान मृतक के भाई मलकीत सिंह ने शक जताया था कि जीताराम के सुखविंद्र सिंह की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे और इसके चलते उसी ने जीताराम की हत्या की है। इसके बाद पुलिस ने सुखविन्द्र सिंह उर्फ माघी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सुखविन्द्र सिंह से मृतक का मोबाइल व हत्या में प्रयोग किया गया कुल्हाड़ा भी बरामद किया था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात आरोपित सुखविन्द्र सिंह को 26 अक्टूबर को इस मामले में दोषी करार दिया था। अदालत ने इसके साथ ही दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। फतेहाबाद की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने हत्या के एक मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 60 हजार रुपये जुर्माने भी किया गया है। जुर्माने के 60 हजार रुपये में से 50 हजार रुपये मृतक जीताराम के बच्चों को बराबर हिस्से में दिए जाने के आदेश भी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने दिए हैं। हत्या अवैध संबंधों के चलते हुई थी।
मामले के अनुसार रतिया पुलिस थाना ने 11 अगस्त 2018 को मृतक जीताराम के भाई मलकीत सिंह की शिकायत पर अलीका निवासी जेलाराम के खिलाफ धारा 302,279 के तहत मामला दर्ज किया था। लेकिन बाद में जांच पड़ताल के दौरान मृतक के भाई मलकीत सिंह ने शक जताया था कि जीताराम के सुखविंद्र सिंह की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे और इसके चलते उसी ने जीताराम की हत्या की है। इसके बाद पुलिस ने सुखविन्द्र सिंह उर्फ माघी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सुखविन्द्र सिंह से मृतक का मोबाइल व हत्या में प्रयोग किया गया कुल्हाड़ा भी बरामद किया था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात आरोपित सुखविन्द्र सिंह को 26 अक्टूबर को इस मामले में दोषी करार दिया था। अदालत ने इसके साथ ही दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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