{"_id":"59e24b434f1c1b79548b75b6","slug":"51508002627-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिस पैकेट से मिले थे लाखों रुपये, उसी पैकेट के अंदर से मिले सॉस के सैशे, शक गहराया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिस पैकेट से मिले थे लाखों रुपये, उसी पैकेट के अंदर से मिले सॉस के सैशे, शक गहराया
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिस पैकेट से मिले थे लाखों रुपये, उसी पैकेट के अंदर से मिले सॉस के पाउच, शक गहराया
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। सेक्टर-3 में स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के कमरा नंबर-107 में फोटोस्टेट मशीन के पीछे मिले 2 लाख 8 हजार रुपयों के मामले की जांच अब तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। डीसी हरदीप सिंह के आदेश पर सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने जांच कमेटी गठित कर दी है। इस जांच कमेटी में डॉ. संगीता मेहता, डॉ. राजेेंद्र सोखी एवं जिला आशा को-ऑर्डिनेटर डॉ. नरेंद्र खर्ब को शामिल किया गया है। कमेटी सोमवार तक मामले की सारी जांच करके अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उधर जिस पैकेट में रुपये मिले थे, उसी पैकेट में सॉस के कुछ सैशे मिलने से इस सारा मामला भ्रष्टाचार की ओर भी मुड़ता नजर आ रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार तक अगर कोई कर्मचारी इन पैसों पर अपना दावा करता है तो उसे इसके लिए पर्याप्त सबूत देने होंगे। इसके साथ ही रिश्वत के आरोपों के चलते हटाई गई पूर्व महिला कर्मचारी आस्था को भी इस संदर्भ में नोटिस भेजा गया है। गौरलतब है कि आस्था ने ही बीते दिन सिविल सर्जन कार्यालय में पेश होकर दफ्तर में अपने 2 लाख 30 हजार रुपये होने की बात कहकर हड़कंप मचा दिया था। बाद में उसके कमरे की तलाशी के दौरान फोटोस्टेट मशीन के पीछे से 2 लाख 8 हजार 850 रुपये बरामद हुए थे।
ये था मामला
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के दफ्तर में कार्यरत रही एक पूर्व महिला कर्मचारी आस्था ने शुक्रवार शाम सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के सामने पेश होकर कहा कि उसके दो लाख रुपये इसी दफ्तर में रखे हुए हैं। ये वही कर्मचारी है जिसे रिश्वत मांगने के आरोप लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा था लेकिन महिलाकर्मी द्वारा ना तो कोई जवाब दिया गया। यहां तक की विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस तक को रिसीव नहीं किया था। इस दौरान उसकी शादी हो गई। लेकिन जवाब ना मिलने पर विभाग ने उक्त महिलाकर्मी को हटा दिया। हटाए जाने के लगभग 15-20 दिन बाद उक्त महिला कर्मी ने अब दो लाख रुपयों पर अपना दावा ठोका तो सिविल सर्जन ने सारे दफ्तर में रुपये तलाशने के निर्देश दिए। तलाशी के दौरान सीएमओ दफ्तर के कमरा नंबर 107 में फोटोस्टेट मशीन के पीछे एक कागज में लिपटे 2 लाख 8 हजार 880 रुपये मिले। रुपये मिलते ही सारे दफ्तर में हड़कंप मच गया। मामला डीसी के संज्ञान में आने के बाद इस मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी को सौंपी गई है।
विज्ञापन
जिस पैकेट से 2 लाख रुपये की रकम मिली है, उसी पैकेट के अंदर एक और पैकेट में सॉस के भी कुछ सैशे मिले हैं। इस संदर्भ में प्रशासन को सूचित कर दिया गया है। इसके अलावा तीन सदस्यों की एक कमेटी भी बनाइ गई है जो रुपयों की जांच करेगी।’
डा. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन, फतेहाबाद ।
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। सेक्टर-3 में स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के कमरा नंबर-107 में फोटोस्टेट मशीन के पीछे मिले 2 लाख 8 हजार रुपयों के मामले की जांच अब तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। डीसी हरदीप सिंह के आदेश पर सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने जांच कमेटी गठित कर दी है। इस जांच कमेटी में डॉ. संगीता मेहता, डॉ. राजेेंद्र सोखी एवं जिला आशा को-ऑर्डिनेटर डॉ. नरेंद्र खर्ब को शामिल किया गया है। कमेटी सोमवार तक मामले की सारी जांच करके अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उधर जिस पैकेट में रुपये मिले थे, उसी पैकेट में सॉस के कुछ सैशे मिलने से इस सारा मामला भ्रष्टाचार की ओर भी मुड़ता नजर आ रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार तक अगर कोई कर्मचारी इन पैसों पर अपना दावा करता है तो उसे इसके लिए पर्याप्त सबूत देने होंगे। इसके साथ ही रिश्वत के आरोपों के चलते हटाई गई पूर्व महिला कर्मचारी आस्था को भी इस संदर्भ में नोटिस भेजा गया है। गौरलतब है कि आस्था ने ही बीते दिन सिविल सर्जन कार्यालय में पेश होकर दफ्तर में अपने 2 लाख 30 हजार रुपये होने की बात कहकर हड़कंप मचा दिया था। बाद में उसके कमरे की तलाशी के दौरान फोटोस्टेट मशीन के पीछे से 2 लाख 8 हजार 850 रुपये बरामद हुए थे।
विज्ञापन
ये था मामला
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के दफ्तर में कार्यरत रही एक पूर्व महिला कर्मचारी आस्था ने शुक्रवार शाम सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के सामने पेश होकर कहा कि उसके दो लाख रुपये इसी दफ्तर में रखे हुए हैं। ये वही कर्मचारी है जिसे रिश्वत मांगने के आरोप लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा था लेकिन महिलाकर्मी द्वारा ना तो कोई जवाब दिया गया। यहां तक की विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस तक को रिसीव नहीं किया था। इस दौरान उसकी शादी हो गई। लेकिन जवाब ना मिलने पर विभाग ने उक्त महिलाकर्मी को हटा दिया। हटाए जाने के लगभग 15-20 दिन बाद उक्त महिला कर्मी ने अब दो लाख रुपयों पर अपना दावा ठोका तो सिविल सर्जन ने सारे दफ्तर में रुपये तलाशने के निर्देश दिए। तलाशी के दौरान सीएमओ दफ्तर के कमरा नंबर 107 में फोटोस्टेट मशीन के पीछे एक कागज में लिपटे 2 लाख 8 हजार 880 रुपये मिले। रुपये मिलते ही सारे दफ्तर में हड़कंप मच गया। मामला डीसी के संज्ञान में आने के बाद इस मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी को सौंपी गई है।
विज्ञापन
जिस पैकेट से 2 लाख रुपये की रकम मिली है, उसी पैकेट के अंदर एक और पैकेट में सॉस के भी कुछ सैशे मिले हैं। इस संदर्भ में प्रशासन को सूचित कर दिया गया है। इसके अलावा तीन सदस्यों की एक कमेटी भी बनाइ गई है जो रुपयों की जांच करेगी।’
डा. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन, फतेहाबाद ।