{"_id":"5c364b4ebdec2256a931cccc","slug":"121547062094-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलेशिया में शोरूम में अच्छी नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से ठगे सवा दो लाख","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मलेशिया में शोरूम में अच्छी नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से ठगे सवा दो लाख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश में अच्छी नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से ठगे सवा दो लाख
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना। मलेशिया में शोरूम में अच्छी नौकरी के चक्कर में एक युवक सवा दो लाख रुपये गवा बैठा। नौकरी तो अलग उसे विदेश में अनेक प्रताड़नाओं से गुजरना पड़ा। वापस भारत आकर उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने युवक की शिकायत पर 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में सचिन जुलाहा निवासी टोहाना ने बताया कि वह विदेश जाकर नौकरी करने का इच्छुक था। इस दौरान उसकी मुलाकात सचिन व उसके पिता राजकुमार निवासी बीघड़ रोड फतेहाबाद तथा रतिया के लाली के गांव के अंकित चोपड़ा व कर्ण चोपड़ा से हुई। उक्त लोगों ने उसे आश्वस्त किया कि मलेशिया में उसे शोरूम में 2500 मलयेशिया की करंसी रिंगित प्रति माह के तहत नौकरी दिलवा देंगे। इसी एवज में उसने उक्त लोगों को 2 लाख 17 हजार रुपये दिए थे। इस दौरान अंकित का उसके पास फोन आया कि उसकी नौकरी पक्की हो गई है और 6 जनवरी 2018 को उसकी फ्लाइट मलेशिया के लिए भुवनेश्वर से है। 6 जनवरी को वह भुवनेश्वर पहुंचा तो पता चला कि उसकी कोई फ्लाइट नहीं है। इसके बाद उक्त लोगों ने उसे 13 जनवरी की बात कही और उसके साथ अंकित का भाई कर्ण भी मलेशिया गया। कुआलालंपुर के हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन ऑफिसर ने उसे मनी शो करने को कहा तो उसके पास पैसे नहीं थे। जबकि उपरोक्त आरोपियों ने कहा था कि मलेशिया पहुंचने पर कर्ण उसकी मनी शो करेगा, लेकिन कर्ण ने नहीं की। इस पर उसे 12 घंटे तक इमिग्रेशन जेल में रखा गया और बाद में वापिस इंडिया डिपोर्ट कर दिया गया। जब वह वापिस आकर उपरोक्त लोगों से मिला तो उसे दोबारा 17 जनवरी को जॉब के लिए भेज दिया गया। यहां पर अंकित उसके साथ गया और उसे कहा कि उसे 1200 रिंगित में नौकरी करनी होगी। जबकि बात शोरूम में 2500 रिंगित के हिसाब से हुई थी। इसके बाद अंकित उसे वहां पर एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति अली के पास छोड़ आया।
आरोप है कि इस दौरान अली व उसके साथियों ने उससे दो माह लेबर का काम करवाया और कई बार शराब के नशे में उससे मारपीट की जाती थी और उसे प्रताड़ित किया जाता था। उसका वर्क परमिट भी मलयेशिया में नहीं बना। मार्च 2018 में उसके परिजन उसे किसी तरह से वापिस इंडिया लेकर आए। टोहाना पुलिस ने सचिन की शिकायत पर उपरोक्त लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना। मलेशिया में शोरूम में अच्छी नौकरी के चक्कर में एक युवक सवा दो लाख रुपये गवा बैठा। नौकरी तो अलग उसे विदेश में अनेक प्रताड़नाओं से गुजरना पड़ा। वापस भारत आकर उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने युवक की शिकायत पर 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में सचिन जुलाहा निवासी टोहाना ने बताया कि वह विदेश जाकर नौकरी करने का इच्छुक था। इस दौरान उसकी मुलाकात सचिन व उसके पिता राजकुमार निवासी बीघड़ रोड फतेहाबाद तथा रतिया के लाली के गांव के अंकित चोपड़ा व कर्ण चोपड़ा से हुई। उक्त लोगों ने उसे आश्वस्त किया कि मलेशिया में उसे शोरूम में 2500 मलयेशिया की करंसी रिंगित प्रति माह के तहत नौकरी दिलवा देंगे। इसी एवज में उसने उक्त लोगों को 2 लाख 17 हजार रुपये दिए थे। इस दौरान अंकित का उसके पास फोन आया कि उसकी नौकरी पक्की हो गई है और 6 जनवरी 2018 को उसकी फ्लाइट मलेशिया के लिए भुवनेश्वर से है। 6 जनवरी को वह भुवनेश्वर पहुंचा तो पता चला कि उसकी कोई फ्लाइट नहीं है। इसके बाद उक्त लोगों ने उसे 13 जनवरी की बात कही और उसके साथ अंकित का भाई कर्ण भी मलेशिया गया। कुआलालंपुर के हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन ऑफिसर ने उसे मनी शो करने को कहा तो उसके पास पैसे नहीं थे। जबकि उपरोक्त आरोपियों ने कहा था कि मलेशिया पहुंचने पर कर्ण उसकी मनी शो करेगा, लेकिन कर्ण ने नहीं की। इस पर उसे 12 घंटे तक इमिग्रेशन जेल में रखा गया और बाद में वापिस इंडिया डिपोर्ट कर दिया गया। जब वह वापिस आकर उपरोक्त लोगों से मिला तो उसे दोबारा 17 जनवरी को जॉब के लिए भेज दिया गया। यहां पर अंकित उसके साथ गया और उसे कहा कि उसे 1200 रिंगित में नौकरी करनी होगी। जबकि बात शोरूम में 2500 रिंगित के हिसाब से हुई थी। इसके बाद अंकित उसे वहां पर एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति अली के पास छोड़ आया।
आरोप है कि इस दौरान अली व उसके साथियों ने उससे दो माह लेबर का काम करवाया और कई बार शराब के नशे में उससे मारपीट की जाती थी और उसे प्रताड़ित किया जाता था। उसका वर्क परमिट भी मलयेशिया में नहीं बना। मार्च 2018 में उसके परिजन उसे किसी तरह से वापिस इंडिया लेकर आए। टोहाना पुलिस ने सचिन की शिकायत पर उपरोक्त लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
विज्ञापन