फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   मलेशिया में शोरूम में अच्छी नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से ठगे सवा दो लाख

मलेशिया में शोरूम में अच्छी नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से ठगे सवा दो लाख

Thu, 10 Jan 2019 12:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jan 2019 12:58 AM IST
विज्ञापन
मलेशिया में शोरूम में अच्छी नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से ठगे सवा दो लाख
विदेश में अच्छी नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से ठगे सवा दो लाख
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना। मलेशिया में शोरूम में अच्छी नौकरी के चक्कर में एक युवक सवा दो लाख रुपये गवा बैठा। नौकरी तो अलग उसे विदेश में अनेक प्रताड़नाओं से गुजरना पड़ा। वापस भारत आकर उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने युवक की शिकायत पर 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में सचिन जुलाहा निवासी टोहाना ने बताया कि वह विदेश जाकर नौकरी करने का इच्छुक था। इस दौरान उसकी मुलाकात सचिन व उसके पिता राजकुमार निवासी बीघड़ रोड फतेहाबाद तथा रतिया के लाली के गांव के अंकित चोपड़ा व कर्ण चोपड़ा से हुई। उक्त लोगों ने उसे आश्वस्त किया कि मलेशिया में उसे शोरूम में 2500 मलयेशिया की करंसी रिंगित प्रति माह के तहत नौकरी दिलवा देंगे। इसी एवज में उसने उक्त लोगों को 2 लाख 17 हजार रुपये दिए थे। इस दौरान अंकित का उसके पास फोन आया कि उसकी नौकरी पक्की हो गई है और 6 जनवरी 2018 को उसकी फ्लाइट मलेशिया के लिए भुवनेश्वर से है। 6 जनवरी को वह भुवनेश्वर पहुंचा तो पता चला कि उसकी कोई फ्लाइट नहीं है। इसके बाद उक्त लोगों ने उसे 13 जनवरी की बात कही और उसके साथ अंकित का भाई कर्ण भी मलेशिया गया। कुआलालंपुर के हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन ऑफिसर ने उसे मनी शो करने को कहा तो उसके पास पैसे नहीं थे। जबकि उपरोक्त आरोपियों ने कहा था कि मलेशिया पहुंचने पर कर्ण उसकी मनी शो करेगा, लेकिन कर्ण ने नहीं की। इस पर उसे 12 घंटे तक इमिग्रेशन जेल में रखा गया और बाद में वापिस इंडिया डिपोर्ट कर दिया गया। जब वह वापिस आकर उपरोक्त लोगों से मिला तो उसे दोबारा 17 जनवरी को जॉब के लिए भेज दिया गया। यहां पर अंकित उसके साथ गया और उसे कहा कि उसे 1200 रिंगित में नौकरी करनी होगी। जबकि बात शोरूम में 2500 रिंगित के हिसाब से हुई थी। इसके बाद अंकित उसे वहां पर एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति अली के पास छोड़ आया।

आरोप है कि इस दौरान अली व उसके साथियों ने उससे दो माह लेबर का काम करवाया और कई बार शराब के नशे में उससे मारपीट की जाती थी और उसे प्रताड़ित किया जाता था। उसका वर्क परमिट भी मलयेशिया में नहीं बना। मार्च 2018 में उसके परिजन उसे किसी तरह से वापिस इंडिया लेकर आए। टोहाना पुलिस ने सचिन की शिकायत पर उपरोक्त लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed