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3 साल की बच्ची ने मानसिक परेशानी के चलते की सुसाइड, फांसी लगाकर दी जान
Updated Sat, 04 Nov 2017 01:10 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
स्थानीय स्वामीनगर में मानसिक परेशानी के चलते वीरवार रात 13 साल की किशोरी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान कक्षा आठ की छात्रा स्नेहा के रूप में हुई है। छात्रा की मानसिक परेशानी के बारे में परिजन और पुलिस खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। घटना के समय मृतका घर पर अकेली थी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। महज 13 साल की किशोरी द्वारा फांसी लगाकर जान देने पर हर कोई हैरान है। पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, स्नेहा के माता-पिता फतेहाबाद के निजी अस्पताल में सफाई कर्मचारी का काम करते हैं और स्नेहा तीन भाई-बहनों में मंझली थी। वीरवार रात को परिवार के सभी लोग किसी काम से बाहर गए हुए थे और रात को ही वापस लौटे। स्नेहा ने काफी देर तक पुकारने पर दरवाजा नहीं खोला तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने दीवार की झिरी से देखा तो उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ।
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इस बीच आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा खोला गया। देखा तो स्नेहा का शव कमरे के अंदर छत पर लगे फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। बेटी को इस अवस्था में देखकर परिवार के सभी लोगों में हड़कंप मच गया और विलाप शुरू हो गया। इसके बाद गांव के सरपंच संजय रुखाया ने इस संदर्भ में पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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फतेहाबाद।
स्थानीय स्वामीनगर में मानसिक परेशानी के चलते वीरवार रात 13 साल की किशोरी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान कक्षा आठ की छात्रा स्नेहा के रूप में हुई है। छात्रा की मानसिक परेशानी के बारे में परिजन और पुलिस खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। घटना के समय मृतका घर पर अकेली थी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। महज 13 साल की किशोरी द्वारा फांसी लगाकर जान देने पर हर कोई हैरान है। पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
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पुलिस के अनुसार, स्नेहा के माता-पिता फतेहाबाद के निजी अस्पताल में सफाई कर्मचारी का काम करते हैं और स्नेहा तीन भाई-बहनों में मंझली थी। वीरवार रात को परिवार के सभी लोग किसी काम से बाहर गए हुए थे और रात को ही वापस लौटे। स्नेहा ने काफी देर तक पुकारने पर दरवाजा नहीं खोला तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने दीवार की झिरी से देखा तो उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ।
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इस बीच आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा खोला गया। देखा तो स्नेहा का शव कमरे के अंदर छत पर लगे फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। बेटी को इस अवस्था में देखकर परिवार के सभी लोगों में हड़कंप मच गया और विलाप शुरू हो गया। इसके बाद गांव के सरपंच संजय रुखाया ने इस संदर्भ में पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।