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जनवरी के अंतिम सप्ताह में पीक पर होगा कोरोना, सावधानी बरतें
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डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन।
- फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। कोरोना संक्रमण जिले में बढ़ना शुरू हो गया है और 10 दिनों में ही संक्रमितों का आंकड़ा 250 के करीब पहुंच गया है यहां तक कि दो संक्रमितों की मौत भी हो गई है। जिन दो कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है, उन्होंने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई थी। इसलिए कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूर करवाएं। जिला भी कोरोना संक्रमण को लेकर रेड जोन में आ चुका है इसलिए सावधानी बरतनी जरूरी है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिले में क्या तैयारियां है, इसको लेकर सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण से विशेष बातचीत की गई।
सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण का कहना है कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए ग्रामीण क्षेत्र तक तैयारियां की जा चुकी है। कोरोना के रोजाना नए केस बढ़ रहे और दोगुना हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण का पीक दूर नहीं है, अगले 10 से 15 दिनों में कोरोना संक्रमण पीक पर होगा। अगर कोरोना के लक्षण हैं तो स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं और खुद को आइसोलेट कर लें ताकि दूसरा व्यक्ति चपेट में न आ सके। संवाद
सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण से बातचीत के अंश
सवाल : कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए क्या तैयारियां है।
जवाब : कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तैयारियों की जा चुकी है। फतेहाबाद, रतिया, टोहाना में आईसीयू वार्ड, वेंटिलेटर की सुविधा है। इसके अलावा 8 निजी अस्पताल में भी व्यवस्था है। करीब 350 बेड उपलब्ध है।
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सवाल : कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी मची थी, अब किस स्तर पर व्यवस्था है।
जवाब : ऑक्सीजन की अस्पतालों में कमी नहीं रहेगी। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में 500, रतिया में 250 और टोहाना में 200 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इसके अलावा फतेहाबाद के निजी अस्पताल सद्भावना में 200 एलपीएम का प्लांट शुरू हो चुका है। टोहाना के संगम अस्पताल में एक हजार लीटर का लिक्विड ऑक्सीजन टैंक लगाया गया है।
सवाल : कोरोना संक्रमण का जिले में पीक कब तक होगा, अब क्या स्थिति है।
जवाब : कोरोना संक्रमण का जिले में पीक जनवरी के अंतिम सप्ताह में होगा। जिले में रोजाना कोरोना के केस दोगुना हो रहे है। 10 दिनों में ही कोरोना केस 200 तक पहुंच गए है।
सवाल : कोरोना संक्रमण के क्या लक्षण है, कैसे सावधानी बरतें।
जवाब : बुखार, खांसी, जुकाम, शरीर में दर्द, सांस की तकलीफ होना कोरोना संक्रमण के लक्षण है। इसके अलावा शरीर पर चकते पड़ना भी कोरोना के लक्षण है। अगर इस तरह के लक्षण दिख रहे हैं तो जांच जरूर करवाएं।
सवाल : डॉक्टरों को किस तरह से तैयार किया गया है।
जवाब : डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को वेंटिलेटर चलाने और ऑक्सीजन थैरेपी की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसके अलावा डॉक्टरों को ये भी कहा गया है कि उन्हें दोबारा ट्रेनिंग की जरूरत है तो वह ले लें। 5 डॉक्टरों ने दोबारा ट्रेनिंग के लिए कहा है।
सवाल : डॉक्टरों की जिले में कमी है, खासकर यहां एक ही शिशु रोग विशेषज्ञ है।
जवाब : ये बात सही है कि जिले में डॉक्टरों की कमी है, इस संबंध में मुख्यालय को लिखा गया है। भूना और टोहाना को एसएमओ मिला है। शिशु रोग विशेषज्ञ को लेकर आईएमए से चर्चा हुई है, हमें अगर शिशु रोग विशेषज्ञ की जरूरत पड़ी तो निजी चिकित्सक से मदद ले सकते है।
सवाल : होम आइसोलेट किटों की क्या व्यवस्था है।
जवाब : जिले में 4500 होम आइसोलेट किट उपलब्ध है। अभी हमें और जरूरत नहीं है। अगर जरूरत पड़ती है तो खरीद ली जाएंगी।
सवाल : गांवों में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए क्या तैयारी है।
जवाब : कोरोना संक्रमण को लेकर गांवों में टीमें बनाई गई है। संक्रमित मरीजों से टीमें संपर्क कर रही है, अगर किसी संक्रमित को अस्पताल में दाखिल करने की जरूरत है तो पीएचसी और सीएचसी में दो बेड रिजर्व रखे गए हैं और उन पर ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की व्यवस्था है। प्राथमिक उपचार के बाद यहां से फतेहाबाद, रतिया और टोहाना शिफ्ट कर दिया जाएगा।
सवाल : कोरोना टीकाकरण को लेकर लोग अभी गंभीर नहीं है।
जवाब : कोरोना टीकाकरण को लेकर टीमें डोर टू डोर तक जा रही है। जगह-जगह शिविर लगा रहे हैं। लोगों को उदाहरण देकर जागरूक किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से अभी हाल ही में दो मौतें हुई है, उन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई थी। ऐसे में लोगों को कोरोना टीकाकरण को लेकर गंभीर होना चाहिए।
सवाल : मोबाइल मेडिकल यूनिट कब तक शुरू हो जाएगा।
जवाब : मोबाइल मेडिकल यूनिट को अगले सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा। दो सीएचसी पर एक मोबाइल मेडिकल यूनिट दी जाएगी। इसमें डॉक्टर व टेस्ट की सुविधा होगी।
सवाल : आरटीपीसीआर लैब की क्या स्थिति है, कुछ बदलाव किया जाएगा।
जवाब : गांव बड़ोपल में आरटीपीसीआर लैब में सैंपलों की जांच हो रही है। जिले में जितने भी सैंपल लिए जा रहे हैं सभी को यहीं भेजा जा रहा है। हम इस प्रयास में हैं कि सैंपलों की रिपोर्ट 12 घंटे में मिल जाएं।
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सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण का कहना है कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए ग्रामीण क्षेत्र तक तैयारियां की जा चुकी है। कोरोना के रोजाना नए केस बढ़ रहे और दोगुना हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण का पीक दूर नहीं है, अगले 10 से 15 दिनों में कोरोना संक्रमण पीक पर होगा। अगर कोरोना के लक्षण हैं तो स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं और खुद को आइसोलेट कर लें ताकि दूसरा व्यक्ति चपेट में न आ सके। संवाद
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सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण से बातचीत के अंश
सवाल : कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए क्या तैयारियां है।
जवाब : कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तैयारियों की जा चुकी है। फतेहाबाद, रतिया, टोहाना में आईसीयू वार्ड, वेंटिलेटर की सुविधा है। इसके अलावा 8 निजी अस्पताल में भी व्यवस्था है। करीब 350 बेड उपलब्ध है।
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सवाल : कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी मची थी, अब किस स्तर पर व्यवस्था है।
जवाब : ऑक्सीजन की अस्पतालों में कमी नहीं रहेगी। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में 500, रतिया में 250 और टोहाना में 200 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इसके अलावा फतेहाबाद के निजी अस्पताल सद्भावना में 200 एलपीएम का प्लांट शुरू हो चुका है। टोहाना के संगम अस्पताल में एक हजार लीटर का लिक्विड ऑक्सीजन टैंक लगाया गया है।
सवाल : कोरोना संक्रमण का जिले में पीक कब तक होगा, अब क्या स्थिति है।
जवाब : कोरोना संक्रमण का जिले में पीक जनवरी के अंतिम सप्ताह में होगा। जिले में रोजाना कोरोना के केस दोगुना हो रहे है। 10 दिनों में ही कोरोना केस 200 तक पहुंच गए है।
सवाल : कोरोना संक्रमण के क्या लक्षण है, कैसे सावधानी बरतें।
जवाब : बुखार, खांसी, जुकाम, शरीर में दर्द, सांस की तकलीफ होना कोरोना संक्रमण के लक्षण है। इसके अलावा शरीर पर चकते पड़ना भी कोरोना के लक्षण है। अगर इस तरह के लक्षण दिख रहे हैं तो जांच जरूर करवाएं।
सवाल : डॉक्टरों को किस तरह से तैयार किया गया है।
जवाब : डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को वेंटिलेटर चलाने और ऑक्सीजन थैरेपी की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसके अलावा डॉक्टरों को ये भी कहा गया है कि उन्हें दोबारा ट्रेनिंग की जरूरत है तो वह ले लें। 5 डॉक्टरों ने दोबारा ट्रेनिंग के लिए कहा है।
सवाल : डॉक्टरों की जिले में कमी है, खासकर यहां एक ही शिशु रोग विशेषज्ञ है।
जवाब : ये बात सही है कि जिले में डॉक्टरों की कमी है, इस संबंध में मुख्यालय को लिखा गया है। भूना और टोहाना को एसएमओ मिला है। शिशु रोग विशेषज्ञ को लेकर आईएमए से चर्चा हुई है, हमें अगर शिशु रोग विशेषज्ञ की जरूरत पड़ी तो निजी चिकित्सक से मदद ले सकते है।
सवाल : होम आइसोलेट किटों की क्या व्यवस्था है।
जवाब : जिले में 4500 होम आइसोलेट किट उपलब्ध है। अभी हमें और जरूरत नहीं है। अगर जरूरत पड़ती है तो खरीद ली जाएंगी।
सवाल : गांवों में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए क्या तैयारी है।
जवाब : कोरोना संक्रमण को लेकर गांवों में टीमें बनाई गई है। संक्रमित मरीजों से टीमें संपर्क कर रही है, अगर किसी संक्रमित को अस्पताल में दाखिल करने की जरूरत है तो पीएचसी और सीएचसी में दो बेड रिजर्व रखे गए हैं और उन पर ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की व्यवस्था है। प्राथमिक उपचार के बाद यहां से फतेहाबाद, रतिया और टोहाना शिफ्ट कर दिया जाएगा।
सवाल : कोरोना टीकाकरण को लेकर लोग अभी गंभीर नहीं है।
जवाब : कोरोना टीकाकरण को लेकर टीमें डोर टू डोर तक जा रही है। जगह-जगह शिविर लगा रहे हैं। लोगों को उदाहरण देकर जागरूक किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से अभी हाल ही में दो मौतें हुई है, उन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई थी। ऐसे में लोगों को कोरोना टीकाकरण को लेकर गंभीर होना चाहिए।
सवाल : मोबाइल मेडिकल यूनिट कब तक शुरू हो जाएगा।
जवाब : मोबाइल मेडिकल यूनिट को अगले सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा। दो सीएचसी पर एक मोबाइल मेडिकल यूनिट दी जाएगी। इसमें डॉक्टर व टेस्ट की सुविधा होगी।
सवाल : आरटीपीसीआर लैब की क्या स्थिति है, कुछ बदलाव किया जाएगा।
जवाब : गांव बड़ोपल में आरटीपीसीआर लैब में सैंपलों की जांच हो रही है। जिले में जितने भी सैंपल लिए जा रहे हैं सभी को यहीं भेजा जा रहा है। हम इस प्रयास में हैं कि सैंपलों की रिपोर्ट 12 घंटे में मिल जाएं।