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Fatehabad News: पंजाब में तटबंध टूटने से बढ़ी चिंता, एनडीआरएफ की दो टीमें बुलाई
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जाखल के बॉर्डर पर स्थित गांव में रिंग बांधते मजदूर।
फतेहाबाद। पंजाब क्षेत्र में मकोड़ साहिब और मंडोरी गांव में घग्गर नदी के तटबंध टूटने के कारण फतेहाबाद के जाखल क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। जलभराव की आशंका के चलते पंजाब बॉर्डर के साथ लगते गांवों के रास्ताें पर रिंग बांध बनाए जाने लगे हैं। रिंग बांध बनाने के लिए मनरेगा मजदूरों को जुटाया गया है। पूरे दिन डीसी मनदीप कौर व एसपी आस्था मोदी प्रशासनिक अमले के साथ जाखल क्षेत्र में ही रहीं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बठिंडा व डेरा बस्सी से एनडीआरएफ की दो टीमें जाखल बुलाई है। देर शाम को चांदपुरा रेस्ट हाउस में डीसी-एसपी ने एनडीआरफ टीम के साथ विस्तृत प्लान पर चर्चा की।
वहीं, सिंचाई विभाग का दावा है कि पंजाब में तटबंध टूटने के कारण घग्गर नदी में जलस्तर कम हुआ है। सुबह तक जहां घग्गर में जल प्रवाह 12 हजार 500 क्यूसिक था, वहीं शाम को यह घटकर 11 हजार 900 क्यूसिक तक पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अनुसार, घग्गर में अभी और पानी आना बाकी है। इसको देखते हुए सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई हैं। रतिया व जाखल से गुजरने वाली घग्गर नदी के सभी तटबंधों को पहले ही मजबूत कर लिया गया है। हालांकि, बुधवार को घग्गर में 16 हजार क्यूसिक पानी आने की आशंका थी, लेकिन पंजाब के दो गांवों में तटबंधों के टूटने के कारण पानी गांवों की ओर चला गया और फतेहाबाद की ओर आने वाली घग्गर में जलस्तर कम हो गया।
पूर्णमाजरा व हिम्मतपुरा में जलभराव की अधिक आशंका
चांदपुरा से जाखल के पास से गुजरने वाली घग्गर नदी की चौड़ाई काफी कम है। यहां पर 15 हजार क्यूसिक पानी तक की क्षमता है। यहां से रंगोई नाला भी गुजरता है, जिसमें घग्गर का पानी डाला जा रहा है। अगर चांदपुरा साइफन से 16 हजार क्यूसिक से अधिक पानी छोड़ा जाता है तो जाखल के गांव पूर्णमाजरा व हिम्मतपुरा में जलभराव होने की आशंका है।
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घग्गर पर ड्रोन से स्थिति का ले रहे जायजा
बुधवार को डीसी व एसपी ने गांव पूर्णमाजरा, हिम्मतपुरा, मामुपुर, चांदपुरा, मूसेअहली आदि का दौरा किया और वहां बनाए गए रिंग बांधों की स्थिति का मुआयना किया। वहीं, गांव म्योंदकलां में रिंग बांध बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को ड्राई राशन के पैकेट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, गोशालाओं में चारे की कमी न होने देने के भी आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन ड्रोन की मदद से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी दवाइयों के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहने के भी आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जाखल, रतिया व टोहाना में टीमें गठित कर दी हैं और पर्याप्त मात्रा में दवाइयों व उपकरण की व्यवस्था कर ली है।
16 जुलाई तक बंद रहेंगे जाखल क्षेत्र के स्कूल
घग्गर नदी में बढ़ते जलस्तर के चलते एहतियातन शिक्षा विभाग के जिला अधिकारियों के आदेश पर जाखल क्षेत्र के गांवों के स्कूलों को 16 जुलाई तक बंद करवा दिया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी जबकि स्टाफ सदस्य स्कूल आएंगे। जाखल के बीईओ ने डीईओ दयानंद सिहाग से दूरभाष पर मिले आदेशों का हवाला देकर 16 जुलाई तक स्कूलों की छुट्टी का ऐलान किया है।
कोट
पंजाब में घग्गर के तटबंध टूटने से चांदपुरा साइफन पर पानी का स्तर कम हुआ है। सुबह जहां पानी का जलस्तर 12 हजार 500 क्यूसिक तक पहुंचा हुआ था, वहीं शाम को छह बजे पानी का जलस्तर 11 हजार 900 क्यूसिक आंका गया है। अभी पीछे से पानी आने की आशंका जताई जा रही है।
-संजीव सिंघल, एसडीओ, घग्गर, वाटर सर्विसेज, टोहाना
कोट
जिले में अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। हालातों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। घग्गर नदी में चांदपुरा साइफन के पास आ रहे कचरे को क्रेनों से निकाला जा रहा है ताकि पानी का बहाव न रूके। ग्रामीण टीमें बनाकर गांवों व आसपास के क्षेत्रों में निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को उपलब्ध करवाएं।
-मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद
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वहीं, सिंचाई विभाग का दावा है कि पंजाब में तटबंध टूटने के कारण घग्गर नदी में जलस्तर कम हुआ है। सुबह तक जहां घग्गर में जल प्रवाह 12 हजार 500 क्यूसिक था, वहीं शाम को यह घटकर 11 हजार 900 क्यूसिक तक पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अनुसार, घग्गर में अभी और पानी आना बाकी है। इसको देखते हुए सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई हैं। रतिया व जाखल से गुजरने वाली घग्गर नदी के सभी तटबंधों को पहले ही मजबूत कर लिया गया है। हालांकि, बुधवार को घग्गर में 16 हजार क्यूसिक पानी आने की आशंका थी, लेकिन पंजाब के दो गांवों में तटबंधों के टूटने के कारण पानी गांवों की ओर चला गया और फतेहाबाद की ओर आने वाली घग्गर में जलस्तर कम हो गया।
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पूर्णमाजरा व हिम्मतपुरा में जलभराव की अधिक आशंका
चांदपुरा से जाखल के पास से गुजरने वाली घग्गर नदी की चौड़ाई काफी कम है। यहां पर 15 हजार क्यूसिक पानी तक की क्षमता है। यहां से रंगोई नाला भी गुजरता है, जिसमें घग्गर का पानी डाला जा रहा है। अगर चांदपुरा साइफन से 16 हजार क्यूसिक से अधिक पानी छोड़ा जाता है तो जाखल के गांव पूर्णमाजरा व हिम्मतपुरा में जलभराव होने की आशंका है।
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घग्गर पर ड्रोन से स्थिति का ले रहे जायजा
बुधवार को डीसी व एसपी ने गांव पूर्णमाजरा, हिम्मतपुरा, मामुपुर, चांदपुरा, मूसेअहली आदि का दौरा किया और वहां बनाए गए रिंग बांधों की स्थिति का मुआयना किया। वहीं, गांव म्योंदकलां में रिंग बांध बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को ड्राई राशन के पैकेट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, गोशालाओं में चारे की कमी न होने देने के भी आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन ड्रोन की मदद से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी दवाइयों के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहने के भी आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जाखल, रतिया व टोहाना में टीमें गठित कर दी हैं और पर्याप्त मात्रा में दवाइयों व उपकरण की व्यवस्था कर ली है।
16 जुलाई तक बंद रहेंगे जाखल क्षेत्र के स्कूल
घग्गर नदी में बढ़ते जलस्तर के चलते एहतियातन शिक्षा विभाग के जिला अधिकारियों के आदेश पर जाखल क्षेत्र के गांवों के स्कूलों को 16 जुलाई तक बंद करवा दिया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी जबकि स्टाफ सदस्य स्कूल आएंगे। जाखल के बीईओ ने डीईओ दयानंद सिहाग से दूरभाष पर मिले आदेशों का हवाला देकर 16 जुलाई तक स्कूलों की छुट्टी का ऐलान किया है।
कोट
पंजाब में घग्गर के तटबंध टूटने से चांदपुरा साइफन पर पानी का स्तर कम हुआ है। सुबह जहां पानी का जलस्तर 12 हजार 500 क्यूसिक तक पहुंचा हुआ था, वहीं शाम को छह बजे पानी का जलस्तर 11 हजार 900 क्यूसिक आंका गया है। अभी पीछे से पानी आने की आशंका जताई जा रही है।
-संजीव सिंघल, एसडीओ, घग्गर, वाटर सर्विसेज, टोहाना
कोट
जिले में अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। हालातों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। घग्गर नदी में चांदपुरा साइफन के पास आ रहे कचरे को क्रेनों से निकाला जा रहा है ताकि पानी का बहाव न रूके। ग्रामीण टीमें बनाकर गांवों व आसपास के क्षेत्रों में निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को उपलब्ध करवाएं।
-मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद