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पुलिस ने पिपली रैली में जाने से रोका, नहीं माने तो आढ़तियों समेत 40 को हिरासत में लिया
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फतेहाबाद की अनाज मंडी में प्रदर्शन करते व्यापारी।
- फोटो : Fatehabad
केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के लिए जारी किए गए तीन अध्यादेशों के खिलाफ वीरवार को पिपली में होने वाली रैली को लेकर व्यापारियों, किसानों व सरकार के बीच बुधवार रात से लेकर वीरवार दोपहर तक लुक्का छिप्पी का खेल चलता रहा। आढ़ती व किसान पिपली न जा सकें, इसलिए पुलिस प्रशासन ने बुधवार रात को ही अनाज मंडी में पुलिसबल तैनात कर दिया था। वीरवार सुबह पुलिस ने पिपली रैली में जाने वाले किसानों व आढ़तियों समेत 40 को हिरासत में ले लिया।
फतेहाबाद के छह आढ़तियों व मुनीमों को फतेहाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया तो पांच लोगों को कैथल थाने में गिरफ्तार किया गया। रतिया के प्रधान अमन जैन सहित कई व्यापारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस बीच अनाज मंडी पूरी तरह से बंद रही व कामकाज ठप रहा। व्यापारियों ने एकत्रित होकर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।
फतेहाबाद में पिपली रैली में जा रहे मुनीमों प्रवीन धमीजा, गौरव छाबड़ा, नरेंद्र कुक्कड़, जुगल किशोर, रिंकू, ओमप्रकाश, राजेश तथा व्यापार मंडल के सचिव रमेश तनेजा को पुलिस ने अनाज मंडी से हिरासत में ले लिया। व्यापार मंडल के उपप्रधान संतलाल मेहता व कैशियर नरेश नागपाल यहां से कैथल तह पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अध्यादेशों के खिलाफ फतेहाबाद की अनाज मंडी बंद रही और व्यापार मंडल ने लालबत्ती चौक पर सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। बाद में सभी हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया। इस दौरान फतेहाबाद की अनाज मंडी पूरी तरह से बंद रही और कामकाज ठप रहा। व्यापार मंडल के प्रधान सुभाष मुंजाल, विजय कक्कड़, अजय मंगल ने स्वयं जाकर मंडी में खुली दुकानों को बंद करवाया।
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रतिया में सुबह ही व्यापार मंडल के प्रधान अमन जैन ,महासचिव विजय जैन व सुरेश झांब के नेतृत्व में 3 दर्जन के करीब व्यापारी गाड़ियों में सवार होकर पिपली के लिए रवाना हो गए लेकिन जैसे ही व्यापारियों का काफि ला भूना रोड पर पहुंचा तो वहां पर पहले से ही तैनात पुलिस के कर्मचारियों ने व्यापारियों के काफि ले को रुकवा लिया और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। जिस पर व्यापारियों की थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह से काफी तकरार भी हुई। पुलिस ने उनकी गाड़ियों को आगे नहीं निकलने दिया और सभी व्यापारियों को हिरासत में लेकर रतिया सिटी थाना में ले आए। जिस पर व्यापार मंडल प्रधान ने इसकी सूचना अन्य व्यापारियों को दे दी। सूचना मिलने पर सैकड़ों की संख्या में व्यापारी सिटी थाना में पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया । व्यापारियों के विरोध को देखते हुए पुलिस कर्मचारियों ने हिरासत में लिए सभी व्यापारियों की लिस्ट बनाई और उनकी दस्तावेज कार्रवाई कर उन्हें रिहा कर दिया, जिसके बाद सभी व्यापारी अनाज मंडी में पहुंचे और केंद्र सरकार में हरियाणा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की व डोर टू डोर जाकर अनाज मंडी की दुकानों को बंद करवाया व मंडी में ही शेड के नीचे धरने पर बैठ गए। व्यापार मंडल के प्रधान अमन जैन व महासचिव विजय जैन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तीन अध्यादेश लागू कर व्यापारियों व किसानों को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं जिसके विरोध स्वरूप वह शांतिपूर्ण ढंग से पिपली जा रहे थे।
उधर, टोहाना में पिपली में आयोजित किसान रैली के लिए रवाना होते समय कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों की बस को प्रशासन द्वारा कब्जे में लिए जाने के चलते आढ़तियों, मजदूरों व किसानों मे रोष हो गया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान आढ़तियों ने बस को छोड़े जाने की मांग को लेकर आढ़ती, मुनीम व पल्लेदार हिसार चंडीगढ़ रोड को जाम करने के लिए जाने लगे तो पुलिस की टीम डीएसपी बिरम सिंह के नेतृत्व में पहुंची व आढ़तियों को रोक कर बस में भरकर सदर थाने ले गई।
आढ़ती एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान मास्टर रघुवीर नैन ने बताया कि पिपली में किसानों के लिए जनसभा का आयोजन किया गया था, जिसमें सरकार द्वारा जारी अध्यादेशों के खिलाफ चर्चा की जानी थी। भूना में पिपली में प्रस्तावित किसान रैली में पहुंचने के लिए दर्जनों किसानों के साथ भूना से रवाना हुए तो गांव सनियाना के पास भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया और रैली में जानने के लिए किसानों ने जिद की तो पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
किसान नेता चांदी राम कड़वासरा ने पुलिस हिरासत से छूटने के बाद अनाज मंडी भूना में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब भी सत्तासीन सरकार ने किसानों पर लाठियां बरसाई है, उसका उसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। जिस प्रकार से बुजुर्ग किसानों पर भी पुलिस बल ने लाठियां बरसाई है और उन्हें गंभीर रूप से घायल किया है, इस शर्मनाक कृत्य की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।
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फतेहाबाद के छह आढ़तियों व मुनीमों को फतेहाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया तो पांच लोगों को कैथल थाने में गिरफ्तार किया गया। रतिया के प्रधान अमन जैन सहित कई व्यापारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस बीच अनाज मंडी पूरी तरह से बंद रही व कामकाज ठप रहा। व्यापारियों ने एकत्रित होकर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।
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फतेहाबाद में पिपली रैली में जा रहे मुनीमों प्रवीन धमीजा, गौरव छाबड़ा, नरेंद्र कुक्कड़, जुगल किशोर, रिंकू, ओमप्रकाश, राजेश तथा व्यापार मंडल के सचिव रमेश तनेजा को पुलिस ने अनाज मंडी से हिरासत में ले लिया। व्यापार मंडल के उपप्रधान संतलाल मेहता व कैशियर नरेश नागपाल यहां से कैथल तह पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अध्यादेशों के खिलाफ फतेहाबाद की अनाज मंडी बंद रही और व्यापार मंडल ने लालबत्ती चौक पर सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। बाद में सभी हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया। इस दौरान फतेहाबाद की अनाज मंडी पूरी तरह से बंद रही और कामकाज ठप रहा। व्यापार मंडल के प्रधान सुभाष मुंजाल, विजय कक्कड़, अजय मंगल ने स्वयं जाकर मंडी में खुली दुकानों को बंद करवाया।
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रतिया में सुबह ही व्यापार मंडल के प्रधान अमन जैन ,महासचिव विजय जैन व सुरेश झांब के नेतृत्व में 3 दर्जन के करीब व्यापारी गाड़ियों में सवार होकर पिपली के लिए रवाना हो गए लेकिन जैसे ही व्यापारियों का काफि ला भूना रोड पर पहुंचा तो वहां पर पहले से ही तैनात पुलिस के कर्मचारियों ने व्यापारियों के काफि ले को रुकवा लिया और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। जिस पर व्यापारियों की थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह से काफी तकरार भी हुई। पुलिस ने उनकी गाड़ियों को आगे नहीं निकलने दिया और सभी व्यापारियों को हिरासत में लेकर रतिया सिटी थाना में ले आए। जिस पर व्यापार मंडल प्रधान ने इसकी सूचना अन्य व्यापारियों को दे दी। सूचना मिलने पर सैकड़ों की संख्या में व्यापारी सिटी थाना में पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया । व्यापारियों के विरोध को देखते हुए पुलिस कर्मचारियों ने हिरासत में लिए सभी व्यापारियों की लिस्ट बनाई और उनकी दस्तावेज कार्रवाई कर उन्हें रिहा कर दिया, जिसके बाद सभी व्यापारी अनाज मंडी में पहुंचे और केंद्र सरकार में हरियाणा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की व डोर टू डोर जाकर अनाज मंडी की दुकानों को बंद करवाया व मंडी में ही शेड के नीचे धरने पर बैठ गए। व्यापार मंडल के प्रधान अमन जैन व महासचिव विजय जैन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तीन अध्यादेश लागू कर व्यापारियों व किसानों को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं जिसके विरोध स्वरूप वह शांतिपूर्ण ढंग से पिपली जा रहे थे।
उधर, टोहाना में पिपली में आयोजित किसान रैली के लिए रवाना होते समय कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों की बस को प्रशासन द्वारा कब्जे में लिए जाने के चलते आढ़तियों, मजदूरों व किसानों मे रोष हो गया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान आढ़तियों ने बस को छोड़े जाने की मांग को लेकर आढ़ती, मुनीम व पल्लेदार हिसार चंडीगढ़ रोड को जाम करने के लिए जाने लगे तो पुलिस की टीम डीएसपी बिरम सिंह के नेतृत्व में पहुंची व आढ़तियों को रोक कर बस में भरकर सदर थाने ले गई।
आढ़ती एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान मास्टर रघुवीर नैन ने बताया कि पिपली में किसानों के लिए जनसभा का आयोजन किया गया था, जिसमें सरकार द्वारा जारी अध्यादेशों के खिलाफ चर्चा की जानी थी। भूना में पिपली में प्रस्तावित किसान रैली में पहुंचने के लिए दर्जनों किसानों के साथ भूना से रवाना हुए तो गांव सनियाना के पास भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया और रैली में जानने के लिए किसानों ने जिद की तो पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
किसान नेता चांदी राम कड़वासरा ने पुलिस हिरासत से छूटने के बाद अनाज मंडी भूना में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब भी सत्तासीन सरकार ने किसानों पर लाठियां बरसाई है, उसका उसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। जिस प्रकार से बुजुर्ग किसानों पर भी पुलिस बल ने लाठियां बरसाई है और उन्हें गंभीर रूप से घायल किया है, इस शर्मनाक कृत्य की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।