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Fatehabad News: कमजोर छतों तले बच्चों की पढ़ाई
Fri, 28 Aug 2026 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 28 Aug 2026 10:31 PM IST
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गांव समैन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जर्जर हो रही छत संवाद
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समैन। गांव समैन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा पर जर्जर कमरों का खतरा मंडरा रहा है। कक्षा 6 से 8 के भवन में बने छह कमरों में तीन की हालत बेहद खराब है। बारिश के दौरान छत से पानी रिसता है और कभी भी हादसा हो सकता है।
विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक कुल 167 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें 77 लड़के और 90 लड़कियां हैं। इन विद्यार्थियों के लिए छह कमरे बने हैं। पड़ताल में सामने आया कि इनमें से तीन कमरे जर्जर स्थिति में हैं। कमरों की छत बेहद खराब है। पक्की छत नहीं होने के कारण लेंटर में पानी का रिसाव होता है। लगातार रिसाव से भवन की स्थिति और खराब होती जा रही है।
जर्जर कमरों का इस्तेमाल भी हो रहा है। एक कमरे में मिड-डे मील का स्टोर बनाया गया है। दूसरे कमरे में साइंस लैब चल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। स्कूल प्रशासन के अनुसार कमरों की स्थिति से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। संवाद
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अतिथि अध्यापक पढ़ा रहे गणित और हिंदी
यू-डायस पोर्टल पर भी पूरी जानकारी अपलोड की गई है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। विद्यालय में शिक्षकों की स्थिति पर नजर डालें तो संस्कृत, पंजाबी और अंग्रेजी विषय के स्थायी शिक्षक नियुक्त हैं। गणित और हिंदी विषय के लिए गेस्ट शिक्षक कार्यरत हैं। विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षक एचकेआरएन के तहत नियुक्त हैं। विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्कूल में ड्राइंग शिक्षक नहीं है। मिड-डे मील व्यवस्था के लिए तीन कर्मचारी कार्यरत हैं। जर्जर कमरों की स्थिति सामने आने के बावजूद इनका इस्तेमाल जारी है। विभाग को सूचना दिए जाने के बाद भी मरम्मत या पुनर्निर्माण की कार्रवाई नहीं होने से विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक बने भवन में जिन तीन कमरों की छत खराब है उसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। इनसे संबंधित जानकारी यू डाइज पर भी अपलोड की जा चुकी है। विभाग की ओर से कमरों के निर्माण का प्रस्ताव पास हो चुका है, जल्द ही इन जर्जर कमरों को ठीक करवाया जाएगा।
- सुशील कुमार गुप्ता, प्रिंसिपल
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विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक कुल 167 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें 77 लड़के और 90 लड़कियां हैं। इन विद्यार्थियों के लिए छह कमरे बने हैं। पड़ताल में सामने आया कि इनमें से तीन कमरे जर्जर स्थिति में हैं। कमरों की छत बेहद खराब है। पक्की छत नहीं होने के कारण लेंटर में पानी का रिसाव होता है। लगातार रिसाव से भवन की स्थिति और खराब होती जा रही है।
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जर्जर कमरों का इस्तेमाल भी हो रहा है। एक कमरे में मिड-डे मील का स्टोर बनाया गया है। दूसरे कमरे में साइंस लैब चल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। स्कूल प्रशासन के अनुसार कमरों की स्थिति से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। संवाद
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यू-डायस पोर्टल पर भी पूरी जानकारी अपलोड की गई है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। विद्यालय में शिक्षकों की स्थिति पर नजर डालें तो संस्कृत, पंजाबी और अंग्रेजी विषय के स्थायी शिक्षक नियुक्त हैं। गणित और हिंदी विषय के लिए गेस्ट शिक्षक कार्यरत हैं। विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षक एचकेआरएन के तहत नियुक्त हैं। विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्कूल में ड्राइंग शिक्षक नहीं है। मिड-डे मील व्यवस्था के लिए तीन कर्मचारी कार्यरत हैं। जर्जर कमरों की स्थिति सामने आने के बावजूद इनका इस्तेमाल जारी है। विभाग को सूचना दिए जाने के बाद भी मरम्मत या पुनर्निर्माण की कार्रवाई नहीं होने से विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक बने भवन में जिन तीन कमरों की छत खराब है उसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। इनसे संबंधित जानकारी यू डाइज पर भी अपलोड की जा चुकी है। विभाग की ओर से कमरों के निर्माण का प्रस्ताव पास हो चुका है, जल्द ही इन जर्जर कमरों को ठीक करवाया जाएगा।
- सुशील कुमार गुप्ता, प्रिंसिपल