{"_id":"69122b474bc0033cd20f3bcb","slug":"balwant-dhaka-from-bongaon-created-history-in-goa-became-ironman-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-143429-2025-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बनगांव के बलवंत ढाका ने गोवा में रचा इतिहास, बने आयरनमैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बनगांव के बलवंत ढाका ने गोवा में रचा इतिहास, बने आयरनमैन
Mon, 10 Nov 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 10 Nov 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
गोवा में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले गांव बनगांव के बलवंत ढाका स्त्रोत स्वयं
फतेहाबाद। जिले के गांव बनगांव के बेटे बलवंत ढाका ने गोवा में आयोजित इंटरनेशनल आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। करीब 70 देशों के 1,500 प्रतिभागियों के बीच उन्होंने यह कठिन ट्रायथलॉन महज 8 घंटे 18 मिनट में पूरा कर आयरनमैन का गौरव हासिल किया।
इस उपलब्धि के साथ बलवंत ढाका उन चुनिंदा भारतीयों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने यह चुनौतीपूर्ण परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी की है। बलवंत ढाका भारतीय तटरक्षक बल में कार्यरत हैं। देश सेवा के साथ-साथ उन्होंने अपने व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर इस प्रतियोगिता की तैयारी की। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता की शुरुआत रविवार सुबह मिरामार बीच से सूर्योदय के साथ हुई।
सबसे पहले 1.9 किलोमीटर तैराकी के चरण में उन्हें समुद्र की तेज लहरों और धाराओं से जूझना पड़ा, लेकिन आत्मविश्वास और संतुलन के दम पर उन्होंने यह चरण सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद 90 किलोमीटर साइक्लिंग के दौरान गोवा की ऊंची-नीची, घुमावदार सड़कों पर अपनी गति और सहनशक्ति का परिचय दिया।
विज्ञापन
अंत में 21.1 किलोमीटर हाफ मैराथन दौड़ते हुए उन्होंने थकान को मात दी और दृढ़ संकल्प के साथ फिनिश लाइन पार की। आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता को सामान्यत: ‘हाफ आयरनमैन’ कहा जाता है, जिसमें कुल 70.3 मील (लगभग 113 किलोमीटर) की दूरी तीन चरणों में तय करनी होती है। प्रतिभागियों को सभी चरण लगातार, बिना रुके पूरे करने होते हैं।
-- -- -- -- -- -- --
बलवंत ढाका का जन्म बनगांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता राजपाल ढाका खेतीबाड़ी से जुड़े हैं, जबकि माता कमला देवी गृहिणी हैं। परिवार में तीन भाई-बहन हैं। बड़े भाई रमेश, बहन दर्शना और सबसे छोटे बलवंत हैं। बलवंत का कहना है कि यह सफलता उनके परिवार, कोच और साथियों के सहयोग से संभव हुई। उनका लक्ष्य अब फुल आयरनमैन प्रतियोगिता में देश का नाम ऊंचा करना है।
विज्ञापन
इस उपलब्धि के साथ बलवंत ढाका उन चुनिंदा भारतीयों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने यह चुनौतीपूर्ण परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी की है। बलवंत ढाका भारतीय तटरक्षक बल में कार्यरत हैं। देश सेवा के साथ-साथ उन्होंने अपने व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर इस प्रतियोगिता की तैयारी की। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता की शुरुआत रविवार सुबह मिरामार बीच से सूर्योदय के साथ हुई।
विज्ञापन
सबसे पहले 1.9 किलोमीटर तैराकी के चरण में उन्हें समुद्र की तेज लहरों और धाराओं से जूझना पड़ा, लेकिन आत्मविश्वास और संतुलन के दम पर उन्होंने यह चरण सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद 90 किलोमीटर साइक्लिंग के दौरान गोवा की ऊंची-नीची, घुमावदार सड़कों पर अपनी गति और सहनशक्ति का परिचय दिया।
विज्ञापन
अंत में 21.1 किलोमीटर हाफ मैराथन दौड़ते हुए उन्होंने थकान को मात दी और दृढ़ संकल्प के साथ फिनिश लाइन पार की। आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता को सामान्यत: ‘हाफ आयरनमैन’ कहा जाता है, जिसमें कुल 70.3 मील (लगभग 113 किलोमीटर) की दूरी तीन चरणों में तय करनी होती है। प्रतिभागियों को सभी चरण लगातार, बिना रुके पूरे करने होते हैं।
बलवंत ढाका का जन्म बनगांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता राजपाल ढाका खेतीबाड़ी से जुड़े हैं, जबकि माता कमला देवी गृहिणी हैं। परिवार में तीन भाई-बहन हैं। बड़े भाई रमेश, बहन दर्शना और सबसे छोटे बलवंत हैं। बलवंत का कहना है कि यह सफलता उनके परिवार, कोच और साथियों के सहयोग से संभव हुई। उनका लक्ष्य अब फुल आयरनमैन प्रतियोगिता में देश का नाम ऊंचा करना है।