फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   ayushman, health, patient, hospital, fatehabad

आयुष्मान योजना : एक साल में महज सात निजी अस्पताल जुड़े, तीन तो दो दिन पहले शामिल हुए

Thu, 12 Sep 2019 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
ayushman, health, patient, hospital, fatehabad
फतेहाबाद का नागरिक अस्पताल। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। गरीब लोगों को निजी अस्पतालों में निशुल्क और अच्छा उपचार दिलाने के लिए सरकार ने आयुष्मान योजना शुरू की थी, लेकिन फतेहाबाद जिले के आला अधिकारी इस योजना को वो मुकाम नहीं दिला सके जिससे ये गरीब परिवारों के लिए सच में ‘आयुष्मान’ साबित हो पाती। इस योजना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की धीमी रफ्तार का आलम ये है कि एक साल से अधिक का समय बीतने के बावजूद पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग अभी तक महज सात अस्पतालों को ही इस योजना से जोड़ पाया है। इसमें से भी तीन अस्पताल ऐसे हैं जो महज तीन दिन पहले छह सितंबर को इस योजना में इन पैनल हुए हैं।
विज्ञापन

जिले में ढाई लाख लोग हैं योजना के पात्र, फिलहाल 50 हजार को ही मिला गोल्डन कार्ड
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जब ये योजना शुरू हुई थी तो इसके लिए साल 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया और इस तरह फतेहाबाद जिले में तकरीबन दो लाख 52 हजार लोग इस योजना के पात्र हो गए। लेकिन एक साल बीतने के बावजूद अभी तक इन सभी लोगों को आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाला गोल्डन कार्ड नहीं मिल सका है। खुद विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी तक ये आंकड़ा 50870 के करीब है। गोल्डन कार्ड की मदद से ही निजी अस्पतालों में गरीब लोगों का मुफ्त इलाज संभव है। इसके बाद लोगों में गोल्डन कार्ड के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभाग ने अब सक्षम युवाओं का सहारा लिया है। जो गांव-गांव जाकर लोगों को आयुष्मान योजना व गोल्डन कार्ड के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
विज्ञापन

फिलहाल जिले में 500 लोगों ने उठाया योजना का लाभ
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो योजना शुरू होने से लेकर अभी तक फतेहाबाद जिले के तकरीबन 540 लोगों ने आयुष्यमान योजना का लाभ उठा लिया है। ये वो लोग हैं जिनका उपचार फतेहाबाद जिले के अंदर हुआ है। जिले से बाहर जिन लोगों ने उपचार करवाया है, उनका नाम इस सूची में शामिल नहीं होता। विभाग के रिकार्ड के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत लोगों ने बच्चेदानी, रसौली, पथरी, आंखों व नाक-कान के ही आपरेशन करवाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुश्किल नियम-कायदे बने निजी अस्पतालों को जोड़ने में रोड़ा
आयुष्मान योजना के तहत गरीब लोगों को अच्छे अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिल सकता है। लेकिन निजी अस्पताल फिलहाल इस योजना से कन्नी काट रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इस योजना के सख्त नियम-कायदे हैं। मसलन एक अस्पताल को अगर आयुष्मान योजना के तहत इनपैनल होना है तो उसे अपने अस्पताल में फायर सिस्टम लगवाना पड़ेगा। इस सिस्टम में तकरीबन 2 से तीन लाख रुपये का खर्च है। इसके अलावा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट सरीखी कई अन्य महंगे खर्च हैं जिसके कारण निजी अस्पताल इस योजना से अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं।

दो माह बाद मिली नोडल अफसर
आयुष्मान योजना को लेकर भले ही केंद्र व प्रदेश सरकार लाख दावे कर लें, लेकिन हालात अभी बहुत ज्यादा बेहतर नहीं हैं। योजना के लिए सबसे पहले दंत विशेषज्ञ डा. कुलदीप गौरी को नोडल अधिकारी बनाया गया था। लेकिन उनके तबादले के बाद सीएमओ डा. मनीष बंसल ने इसका चार्ज संभाला। लेकिन अब खुद सीएमओ डॉ. बंसल मेडिकल लीव पर हैं तो उनके पीछे तकरीबन डेढ़-दो माह से इस योजना का कोई नोडल अधिकारी ही नहीं था। आयुष्यमान योजना की डीआईएम वर्षा ही इससे जुड़े सभी मामलों को देख रही थी और अच्छे से रिकार्ड मैंटेन कर रही हैं। अब जाकर स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. संगीता अबरोल को इस योजना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
ये अस्पताल हैं आयुष्मान योजना के तहत इनपैनल, यहां होगा मुफ्त उपचार
1. जयपुर बच्चों का अस्पताल, फतेहाबाद
2. बतरा ईएनटी अस्पताल, फतेहाबाद
3. पूनम आंखों का अस्पताल (आईक्यू), फतेहाबाद
4. बंसल अस्पताल, फतेहाबाद
5. राजन आई केयर टोहाना
6. पारूल ईएनटी अस्पताल, टोहाना
7. आरएमसी, टोहाना ।
(इनमें से जयपुर बच्चों का अस्पताल, बांसल अस्पताल और आरएमसी छह सितंबर को ही इस योजना से जुड़े हैं।)
‘मुझे अभी हाल ही इसकी जिम्मेदारी मिली है। इसके तहत अभी चीजों को समझ रही हूं। कुछ समय के बाद ही इस योजना पर विस्तृत बात कर सकूंगी।’
- डॉ. संगीता अबरोल, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed