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फतेहाबाद: स्कूल में अभिभावकों से बोला प्राध्यापक- शिक्षा मंत्री तो 12वीं फेल है... सरकार ने शिक्षा का भट्ठा बिठा दिया, यह है पूरा मामला

Tue, 19 Apr 2022 09:29 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 19 Apr 2022 09:29 PM IST
सार

मॉडल संस्कृति स्कूल को शिक्षा विभाग ने अब अंग्रेजी माध्यम में बदल दिया है। पहले से हिंदी माध्यम से पढ़ रहे विद्यार्थियों को स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट ले जाने के लिए अध्यापकों द्वारा फोन किया जा रहा है। इसी कारण मंगलवार को कुछ अभिभावक स्कूल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्राध्यापक से पूछा कि हिंदी माध्यम वाले विद्यार्थी कहां पढ़ेंगे और इसपर बहस शुरू हो गई।

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Argument between teachers and parents in Fatehabad of Haryana
अभिभावक और प्राध्यापक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के फतेहाबाद स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में मंगलवार को हंगामा हो गया। इस दौरान एक प्राध्यापक ने तो यहां तक कह दिया कि प्रदेश का शिक्षा मंत्री तो 12वीं फेल हैं। सरकार ने शिक्षा का भट्ठा बिठा दिया है। आरटीई से समस्या हुई है। पहले आठवीं का बोर्ड होता था, लेकिन सरकार ने बोर्ड खत्म कर दिया। जब अभिभावकों ने पूछा कि शिक्षा मंत्री हमने बनाया है क्या।

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इस पर प्राध्यापक बोला, मैंने तो नहीं बनाया। सरकार बना रही है। काफी देर तक अभिभावकों और प्राध्यापक के बीच बहस चलती रही। बाद में अभिभावक डीसी प्रदीप कुमार से मिले। डीसी ने डीईओ को फिलहाल विद्यार्थियों को इसी स्कूल में ही पढ़ाने के निर्देश दिए।
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यह है पूरा मामला
दरअसल, मॉडल संस्कृति स्कूल को शिक्षा विभाग ने अब अंग्रेजी माध्यम में बदल दिया है। इस कारण पहले से हिंदी माध्यम से पढ़ रहे विद्यार्थियों को स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) ले जाने के लिए अध्यापकों द्वारा फोन किया जा रहा है। मंगलवार को कुछ अभिभावक जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह को साथ लेकर स्कूल पहुंचे।
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इस दौरान उन्होंने प्राध्यापक से पूछा कि हिंदी माध्यम वाले विद्यार्थी कहां पढ़ेंगे। इस पर एक प्राध्यापक ने कहा कि विधायक के पास जाओ। इसी बीच शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्राध्यापक नवीन शर्मा और अभिभावक के बीच बहस शुरू हो गई। प्राध्यापक ने कह दिया कि शिक्षा का भट्ठा तो सरकार ने ही बिठा रखा है। आरटीई से सारी समस्या हुई है। पहले आठवीं का बोर्ड होता था। मगर सरकार ने बोर्ड खत्म कर दिया। हम कुछ नहीं कर सकते। 
 
मैंने भाजपा को वोट नहीं दिया, बबली को दिया है
गांव जांडली कलां निवासी प्राध्यापक नवीन शर्मा ने कहा कि मैंने तो भाजपा को वोट नहीं दिया, बबली को वोट दिया है, यह बात रूक्का मारकर कहता हूं। इस पर अभिभावकों ने कहा कि बबली भी तो सरकार में है, उनको भी आवाज उठानी चाहिए।
 
तीन दिन से चक्कर काट रही हूं
एक महिला अभिभावक ने कहा कि उसके दो बच्चे हैं, दोनों बच्चे इसी स्कूल में हैं। अब कह अध्यापक कह रहे हैं कि बड़ा बच्चा पढ़ाई में कमजोर है, इसका कहीं और दाखिला करवाओ। महिला ने कहा कि वह दोनों बच्चों को अलग-अलग स्कूल में नहीं पढ़ा सकती। तीन दिन से चक्कर काटकर अध्यापकों से समाधान की मांग कर रही हूं।
 

सरकार के आदेश हैं कि मॉडल संस्कृति स्कूल में सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में दाखिला देना है। अभिभावक छठी कक्षा में दाखिले के लिए दबाव डाल रहे थे कि उसका किया जाए लेकिन उसे अंग्रेजी नहीं आ रही थी। हिंदी माध्यम में यहां दाखिला नहीं हो सकता है। मैंने सिर्फ ये कहा कि ये सरकार का दोष है। इसको लेकर विधायक से मिल लें। इसके अलावा कुछ गलत नहीं कहा है। - नवीन कुमार, प्राध्यापक, मॉडल संस्कृति स्कूल फतेहाबाद

 

मेरे संज्ञान में मामला आया है। वीडियो मिली है, उसमें शिक्षक बहस कर रहा है। शिक्षक को बहस नहीं करनी चाहिए। खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। बीईओ से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी छात्र को दाखिले से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। - दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी

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