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फतेहाबाद: लंपी स्किन बीमारी के चलते मंत्री ने लगाई थी पशु मेले पर रोक, फिर भी पहुंचे तीन राज्यों से पशु

Sun, 14 Aug 2022 08:18 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 14 Aug 2022 08:18 PM IST
सार

लंपी स्किन बीमारी के चलते मंत्री ने मेला लगाने पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद भी फतेहाबाद जिले में राजस्थान, पंजाब व यूपी से पशु पहुंचे। पशुपालन विभाग के उप निदेशक भी पशु मेला बंद करने की सिफारिश  कर चुके हैं। मेले में दो हजार से भी ज्यादा पशु पहुंचे, संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा है। 

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Animal fair organized even after despite ban due to lumpy disease in Fatehabad
फतेहाबाद के रतिया रोड पर गांव अयाल्की के पास पशु मेला लगाया गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में लंपी स्किन बीमारी के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पशुओं में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पिछले सप्ताह कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने पशु मेले पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। लेकिन पाबंदी के बावजूद रविवार को फतेहाबाद के रतिया रोड पर गांव अयाल्की के पास पशु मेला लगाया गया। यहां पर पहले की तरह ही कई राज्यों से पशु पालक पहुंचे और उनकी खरीद-बेच की गई। राजस्थान से भी यहां पर पशु पहुंचे और उनकी खरीद-बेच की गई।

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मेले में पाबंदी जैसे कोई हालात नहीं दिखे और न ही लंपी बीमारी को लेकर कोई जांच की गई। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भी उपायुक्त और बीडीपीओ को पशु मेला बंद करने की सिफारिश की थी। लेकिन बावजूद मेला बंद नहीं हुआ। हालांकि रविवार को फतेहाबाद में पशु मेला लगने की सूचना मंत्री जेपी दलाल के पास पहुंचने के बाद उन्होंने कहा है कि कार्रवाई की जाएगी।
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पंजाब-राजस्थान और यूपी से भी आ रहे पशु
फतेहाबाद में प्रत्येक रविवार को पशु मेला लगाया जाता है। यहां पर अधिकतर भैंस की खरीद व बेच की जाती है। यहां पर हरियाणा के कई जिलों के अलावा राजस्थान, पंजाब और यूपी से पशुओं को लाया जाता है। इन पशुओं को व्यापारी खरीद व बेच करते है। यूपी में काफी संख्या में पशु यहां से ले जाए जाते हैं। 
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मेले में एंट्री पर नहीं कोई जांच
पशु मेले का ठेका निजी एजेंसी को दिया गया है। लंपी स्किन बीमारी के बावजूद रविवार को यहां पर कोई रोकथाम नहीं देखने को मिली। एंट्री गेट पर बाहर से आने वाले पशुओं की विशेषज्ञ द्वारा जांच नहीं की गई। पहले की तरह ही यहां पर पशुओं की एंट्री होती रही और लोग खरीद व बेच करते रहे है।

जिले में लंपी स्किन के 59 नए केस आए सामने
जिले में लंपी स्किन बीमारी के रविवार को 59 और नए केस सामने आए हैं। जिले में अब लंपी स्किन ग्रस्त पशुओं की संख्या बढ़कर 513 हो गई है। वहीं 190 पशु ठीक हो चुके हैं। अब जिले में लंपी स्किन बीमारी के 323 केस एक्टिव हैं। वहीं रविवार को लंपी स्किन से एक गाय की मौत भी हुई है। इसके साथ लंपी स्किन से मरने वाले पशुओं की संख्या आठ हो गई है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखविन्द्र सिंह ने बताया कि लंपी स्किन से ग्रस्त सभी पशुुुओं को आइसोलेट करके उनका उपचार किया जा रहा है। एक गाय की रविवार को मौत हुई है और 59 नए मामले सामने आए हैं। 190 पशु इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।

गांव अयाल्की में लगने वाले पशु मेले को लेकर बीडीपीओ फतेहाबाद और उपायुक्त को सिफारिश की थी कि बंद किया जाए। बीडीपीओ से मिला भी था, उन्होंने बताया था कि पशु मेला अब हमारे अधीन नहीं है और इसका टेंडर मुख्यालय द्वारा दिया जाता है। एहतियात को लेकर ठेकेदार को पत्र लिखने की उन्होंने बता कही थी। - डॉ. सुखविंद्र सिंह, उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग 


कार्रवाई की जाएगी : मंत्री 
लंबी स्किन बीमारी को लेकर मेले पर रोक लगाई गई है, मेरे संज्ञान में मामला आया है कि फतेहाबाद में पशु मेला लग रहा है। इस मामले में जांच करके कार्रवाई की जाएगी।  - जेपी दलाल, कृषि एवं पशुपालन मंत्री

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