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Fatehabad News: 6 साल में 8000 उपकरण दे चुका कृषि विभाग, नहीं रुक रही पराली की आग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Oct 2023 11:40 PM IST
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Agriculture department has given 8000 equipment in 6 years, stubble fire is not stopping
फतेहाबाद ​स्थित लघु सचिवालय में अ​धिकारियों की बैठक लेते डीसी अजय सिंह तोमर।
फतेहाबाद। पराली जलाने के मामले में फतेहाबाद जिला अभी भी तीसरे नंबर पर बना हुआ है। पराली की आग को रोकने के लिए पिछले छह साल में जिले में आठ हजार से अधिक कृषि यंत्र बांटे गए हैं। हालांकि, इसकी वजह से पराली जलाने के मामलों में गिरावट दर्ज हुई है। मगर पूरी तरह से पराली को आग लगाने के मामलों को नहीं रोका जा सका है। स्थिति ऐसी है कि अभी मात्र दस दिन में ही जिले में पराली जलाने के 43 मामले आ चुके हैं। पिछले तीन दिन में ही 25 मामले आ गए हैं। मंगलवार को सात स्थानों पर पराली जलने के मामले आए। गांवों में निगरानी कमेटियां तो बना दी गई हैं, लेकिन वे गंभीरता से सूचनाएं नहीं दे रही हैं। प्रशासन के पास सिर्फ छह शिकायतें सीधे तौर पर आई हैं, बाकी 37 मामले हरसेक के जरिये ही मिले हैं। गौरतलब है कि पिछले साल भी फतेहाबाद जिला प्रदेश में पराली जलाने के मामले में तीसरे नंबर पर रहा था।
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744 कस्टम हायर सेंटर बनाकर दिए उपकरण
कृषि विभाग की ओर से किसानों के समूह बनाकर जिले में 744 कस्टम हायर सेंटर तैयार किए गए। साल 2017-18 से लेकर 2022-23 तक इन कस्टम हायर सेंटरों को 3226 कृषि यंत्र दिए गए हैं। इसके अलावा 4140 उपकरण व्यक्तिगत तौर पर 50 प्रतिशत राशि में किसानों को दिए गए हैं। इन उपकरणों में सबसे अधिक सुपर सीडर और बेलरों की संख्या है। इस वित्त वर्ष 2023-24 में भी 2207 कृषि उपकरण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ड्रा प्रक्रिया हुई है।
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सक्रिय हुआ प्रशासन, डीसी ने बुलाई बैठक
वहीं, पराली जलाने के मामले बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। डीसी अजय सिंह तोमर ने मंगलवार को कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर पराली जलाने की घटनाओं को रोकने पर अधिक फोकस करने के आदेश दिए। डीसी ने निर्देश दिए कि पंचायत विभाग, कृषि विभाग व राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें किसानों को पराली व अन्य फसलों के अवशेषों को न जलाने के लिए जागरूक करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोशाला व नंदीशालाओं में पराली भिजवाने के लिए किसानों को प्रेरित करें। जिन फैक्टरियों में पराली का प्रयोग किया जा रहा है और जहां-जहां जरूरत है, वहां का पूरा विवरण लेकर किसानों को भी अवगत करवाएं ताकि वे पराली बेचकर आमदनी कर सकें।
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इस बैठक में जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा, एसडीएम राजेश कुमार, जगदीश चंद्र, प्रतीक हुड्डा, सीटीएम सुरेश कुमार के अलावा डीडीपीओ बलजीत चहल, डीएफएससी विनीत जैन, कृषि विभाग के नोडल अधिकारी हरभगवान, एईओ पवन कुमार, एसडीओ भीम कुलड़िया, मुकेश मेहला सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

इतने दिए गए प्रमुख उपकरण
व्यक्तिगत सुपर सीडर : 907
सीएचसी में सुपर सीडर : 348
बेलर : 305

जिले के रेड जोन में गांव : 93
जिले के येलो जोन में गांव : 69

अब तक 17 किसानों से वसूला 42500 रुपये जुर्माना
कृषि विभाग की ओर से अब तक जिले में 17 किसानों से 42500 रुपये जुर्माना वसूला गया है। पराली जलाने पर प्रति एकड़ 2500 रुपये के हिसाब से किसानों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। अभी जिले में किसी किसान पर एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है।

कोट
पराली जलाने से बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। इस हालात से निपटने के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास करने होंगे। पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं समेत किसानों व अन्य ग्रामीणों का सहयोग जरूरी है। हम लगातार किसानों को जागरूक कर रहे हैं, इससे पिछले सालों की अपेक्षा पराली जलने के मामले कम हुए हैं।
-अजय सिंह तोमर, डीसी, फतेहाबाद
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