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Fatehabad News: जिंदगी के आंगन में मौत...नशा मुक्ति केंद्र में ओवरडोज से बुझ गया चिराग
Tue, 22 Apr 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 22 Apr 2025 11:25 PM IST
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फतेहाबाद के नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के लिए बना व्यायाम स्थलसंवाद
फतेहाबाद। नशा मुक्ति केंद्र में घर से दवा लेने के लिए आए युवक ने वहीं पर गोलियों का घोल बनाकर इंजेक्शन लगा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना सोमवार दोपहर की है परंतु इस बारे में मंगलवार को शहर पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई करके शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
सोमवार को नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज एवं मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश छुट्टी पर थे। ऐसे में उक्त युवक नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के व्यायाम को लेकर बनाई गई जगह पर गया। बताया जा रहा है कि वहां पर साथी युवकों के साथ नशे की गोलियों का घोल बनाकर इंजेक्शन के जरिए ले लिया।
मामले के मुताबिक भूना क्षेत्र के एक गांव निवासी 28 वर्षीय युवक नशे का आदी था। पिछले दिनों करीब तीन माह तक नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल रहा था और अब उसका उपचार चल रहा था। बताया जा रहा है कि सोमवार को वह नशा मुक्ति केंद्र में आया लेकिन वहां पर डॉक्टर नहीं मिले। बताया जा रहा है कि उसी दौरान वह साथी युवकों के साथ नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के व्यायाम के लिए बनाई गई जगह पर पहुंच गया।
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यहां पर उसने गोलियों का घोल बनाकर इंजेक्शन लगा लिया। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और थोड़ी ही देर में मौत हो गई। सूचना मिलने पर युवक के परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना के बाद शहर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचवाया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार को सौंप दिया। शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश का कहना है कि युवक का नशा मुक्ति केंद्र में उपचार चल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
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सुरक्षा पर सवाल, गेट करवाया गया बंद
नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में सुरक्षाकर्मी तैनात है लेकिन इसके बावजूद युवक द्वारा इंजेक्शन के जरिए नशा लिया गया और ओवरडोज से मौत हो गई। ऐसे में केंद्र में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे है। युवक आखिर कहां से बिना पर्ची गोलियां लाया। दूसरा सवाल ये भी है कि युवक व्यायाम स्थल पर गया और इंजेक्शन लिया, कर्मचारियों ने इस तरफ ध्यान क्यों नहीं दिया गया। वहीं घटना के बाद केंद्र से व्यायाम स्थल की तरफ जाने वाले गेट को बंद करवाया गया है।
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अस्पताल के शौचालय में भी हो चुकी है ओवरडोज से मौत
अस्पताल में नशे की ओवरडोज से युवक की मौत का मामला नया नहीं है। मार्च 2019 में भी अस्पताल के शौचालय में युवक का शव मिला था। इस दौरान नशीला पदार्थ भी मिला था। आशंका जताई गई थी की उक्त युवक की भी मौत ओवरडोज से हुई थी।
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बिना पर्ची बिक रही है नशे की गोलियां, मामले दर्ज पर कार्रवाई नहीं
शहर और गांवों के कई मेडिकलों पर नशे की गोलियां बिना डॉक्टर की पर्ची बेची जा रही है। युवक हेरोइन न मिलने पर इन नशे की गोलियां का घोल बनाकर सिरिंज के जरिए ले रहे हैं और ओवरडोज होने पर मौत हो रही है। नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में रोजाना 50 से 60 मरीज ओपीडी में नशे की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसमें 30 फीसदी ऐसे मरीज हैं जो कि काउंसिलिंग में बता रहे है कि वे गोलियों का नशा ले रहे हैं।
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नशा मुक्ति केंद्र में पिछले साल ओपीडी और दाखिल मरीजों की स्थिति
माह ओपीडी दाखिल मरीज
जनवरी 160 14
फरवरी 186 19
मार्च 153 17
अप्रैल 232 20
मई 206 20
जून 174 13
जुलाई 209 24
अगस्त 187 36
सितंबर 228 25
अक्तूबर 144 15
नवंबर 186 21
दिसंबर 166 20
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केस नंबर एक
फतेहाबाद शहर के गढ़ी मोहल्ला में एक युवक की पिछले साल नवंबर माह में मौत हुई थी। युवक के परिजनों का आरोप था कि वह मेडिकल से युवक गोली लेकर आया था और इसके बाद घोल बनाकर इंजेक्शन जरिए ली गई थी। इससे उसकी मौत हुई थी। मामले में पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था।
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केस नंबर दो
शहर के रतिया रोड पर पिछले साल जुलाई माह में नशे की ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई थी। युवक का रतिया रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास खाली भूखंड में शव मिला था। शव के पास ही सिरिंज पड़ी मिली थी। मृतक के पिता की शिकायत पर मामला भी दर्ज हुआ लेकिन कार्रवाई कोई नहीं हुई।
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केस नंबर तीन
गांव नागपुर में 10 अप्रैल को नशे की ओवरडोज से 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। आरोप है कि युवक ने मेडिकल से नशे की गोलियां लाकर खाई और इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। युवक का शव नागपुर से नकटा रोड पर पड़ा हुआ मिला था। घर पर युवक की चारपाई से गोलियों का पत्ता भी मिला था। मामले में पुलिस ने युवक के पिता के बयान पर आरोपी मेडिकल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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सोमवार को छुट्टी पर था। बताया जा रहा है कि युवक दवा लेने के लिए आया था। नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों के व्यायाम के लिए बनाई गई जगह पर शव मिला है। केंद्र से व्यायाम स्थल की जगह का गेट बंद करवा दिया गया है ताकि वहां पर कोई बेवजह न जा पाए। केंद्र में पहले से ही सख्ती है। सीसीटीवी से निगरानी रखी जाती है।
- डॉ. गिरीश, नशा मुक्ति केंद्र इंचार्ज, फतेहाबाद।
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सोमवार को नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज एवं मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश छुट्टी पर थे। ऐसे में उक्त युवक नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के व्यायाम को लेकर बनाई गई जगह पर गया। बताया जा रहा है कि वहां पर साथी युवकों के साथ नशे की गोलियों का घोल बनाकर इंजेक्शन के जरिए ले लिया।
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मामले के मुताबिक भूना क्षेत्र के एक गांव निवासी 28 वर्षीय युवक नशे का आदी था। पिछले दिनों करीब तीन माह तक नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल रहा था और अब उसका उपचार चल रहा था। बताया जा रहा है कि सोमवार को वह नशा मुक्ति केंद्र में आया लेकिन वहां पर डॉक्टर नहीं मिले। बताया जा रहा है कि उसी दौरान वह साथी युवकों के साथ नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के व्यायाम के लिए बनाई गई जगह पर पहुंच गया।
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यहां पर उसने गोलियों का घोल बनाकर इंजेक्शन लगा लिया। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और थोड़ी ही देर में मौत हो गई। सूचना मिलने पर युवक के परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना के बाद शहर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचवाया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार को सौंप दिया। शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश का कहना है कि युवक का नशा मुक्ति केंद्र में उपचार चल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
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सुरक्षा पर सवाल, गेट करवाया गया बंद
नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में सुरक्षाकर्मी तैनात है लेकिन इसके बावजूद युवक द्वारा इंजेक्शन के जरिए नशा लिया गया और ओवरडोज से मौत हो गई। ऐसे में केंद्र में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे है। युवक आखिर कहां से बिना पर्ची गोलियां लाया। दूसरा सवाल ये भी है कि युवक व्यायाम स्थल पर गया और इंजेक्शन लिया, कर्मचारियों ने इस तरफ ध्यान क्यों नहीं दिया गया। वहीं घटना के बाद केंद्र से व्यायाम स्थल की तरफ जाने वाले गेट को बंद करवाया गया है।
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अस्पताल के शौचालय में भी हो चुकी है ओवरडोज से मौत
अस्पताल में नशे की ओवरडोज से युवक की मौत का मामला नया नहीं है। मार्च 2019 में भी अस्पताल के शौचालय में युवक का शव मिला था। इस दौरान नशीला पदार्थ भी मिला था। आशंका जताई गई थी की उक्त युवक की भी मौत ओवरडोज से हुई थी।
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बिना पर्ची बिक रही है नशे की गोलियां, मामले दर्ज पर कार्रवाई नहीं
शहर और गांवों के कई मेडिकलों पर नशे की गोलियां बिना डॉक्टर की पर्ची बेची जा रही है। युवक हेरोइन न मिलने पर इन नशे की गोलियां का घोल बनाकर सिरिंज के जरिए ले रहे हैं और ओवरडोज होने पर मौत हो रही है। नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में रोजाना 50 से 60 मरीज ओपीडी में नशे की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसमें 30 फीसदी ऐसे मरीज हैं जो कि काउंसिलिंग में बता रहे है कि वे गोलियों का नशा ले रहे हैं।
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नशा मुक्ति केंद्र में पिछले साल ओपीडी और दाखिल मरीजों की स्थिति
माह ओपीडी दाखिल मरीज
जनवरी 160 14
फरवरी 186 19
मार्च 153 17
अप्रैल 232 20
मई 206 20
जून 174 13
जुलाई 209 24
अगस्त 187 36
सितंबर 228 25
अक्तूबर 144 15
नवंबर 186 21
दिसंबर 166 20
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केस नंबर एक
फतेहाबाद शहर के गढ़ी मोहल्ला में एक युवक की पिछले साल नवंबर माह में मौत हुई थी। युवक के परिजनों का आरोप था कि वह मेडिकल से युवक गोली लेकर आया था और इसके बाद घोल बनाकर इंजेक्शन जरिए ली गई थी। इससे उसकी मौत हुई थी। मामले में पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था।
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केस नंबर दो
शहर के रतिया रोड पर पिछले साल जुलाई माह में नशे की ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई थी। युवक का रतिया रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास खाली भूखंड में शव मिला था। शव के पास ही सिरिंज पड़ी मिली थी। मृतक के पिता की शिकायत पर मामला भी दर्ज हुआ लेकिन कार्रवाई कोई नहीं हुई।
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केस नंबर तीन
गांव नागपुर में 10 अप्रैल को नशे की ओवरडोज से 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। आरोप है कि युवक ने मेडिकल से नशे की गोलियां लाकर खाई और इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। युवक का शव नागपुर से नकटा रोड पर पड़ा हुआ मिला था। घर पर युवक की चारपाई से गोलियों का पत्ता भी मिला था। मामले में पुलिस ने युवक के पिता के बयान पर आरोपी मेडिकल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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सोमवार को छुट्टी पर था। बताया जा रहा है कि युवक दवा लेने के लिए आया था। नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों के व्यायाम के लिए बनाई गई जगह पर शव मिला है। केंद्र से व्यायाम स्थल की जगह का गेट बंद करवा दिया गया है ताकि वहां पर कोई बेवजह न जा पाए। केंद्र में पहले से ही सख्ती है। सीसीटीवी से निगरानी रखी जाती है।
- डॉ. गिरीश, नशा मुक्ति केंद्र इंचार्ज, फतेहाबाद।