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Fatehabad News: 9751 मामले आए, सहमति से 7733 का किया समाधान
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राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों की सुनवाई करते अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा। साथ ह
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फतेहाबाद। शनिवार को जिला व उपमंडल स्तर पर न्यायिक परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालतें लगाई गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव समप्रीत कौर ने बताया कि न्यायाधीशों ने राष्ट्रीय लोक अदालत में 9751 मामलों की सुनवाई करते हुए 7733 मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया। 81 लाख 34 हजार 126 रुपये जुर्माना व समझौता के रूप में राशि पास की गई।
उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा, प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) नताशा शर्मा, सिविल जज (सीनियर डिविजन) कम अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सविता कुमारी व न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी गौरी नारंग, रतिया उपमंडल पर एसडीजेएम संतोष बागोटिया तथा टोहाना उपमंडल पर एसडीजेएम राजीव की अदालतों में मामलों की सुनवाई की गई। सीजेएम समप्रीत कौर ने बताया कि प्री-लिटिगेशन के मामलों में 7124 में से 6835 मामलों का निपटारा किया गया जबकि दस लाख 18 हजार 651 रुपये की राशि जुर्माना व समझौता के रूप में पास की गई। कोर्ट में लंबित मामलों के 2627 मामलों में से 898 मामलों का निपटारा किया गया जबकि 71 लाख 15 हजार 475 रुपये की राशि जुर्माना व समझौता के रूप में पास की गई।
उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष डीआर चालिया के मार्गदर्शन में शनिवार को आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायाधीशों ने आपराधिक मामलों, एनआई एक्ट 138, एमएसीटी, वैवाहिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, किराया, बैंक रिकवरी, राजस्व, मनरेगा, बिजली व पानी बिल, वन अधिनियम, आपदा मुआवजा इत्यादि अन्य मामलों की सुनवाई की।
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सीजेएम समप्रीत कौर ने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निपटान दोनों पक्षों की आपसी सहमति से होता है, इसलिए फैसले को अन्य किसी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपने मामलों का समाधान लोक अदालत के माध्यम से करवाएं, ताकि उनके समय व धन की बचत हो सके।
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उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा, प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) नताशा शर्मा, सिविल जज (सीनियर डिविजन) कम अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सविता कुमारी व न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी गौरी नारंग, रतिया उपमंडल पर एसडीजेएम संतोष बागोटिया तथा टोहाना उपमंडल पर एसडीजेएम राजीव की अदालतों में मामलों की सुनवाई की गई। सीजेएम समप्रीत कौर ने बताया कि प्री-लिटिगेशन के मामलों में 7124 में से 6835 मामलों का निपटारा किया गया जबकि दस लाख 18 हजार 651 रुपये की राशि जुर्माना व समझौता के रूप में पास की गई। कोर्ट में लंबित मामलों के 2627 मामलों में से 898 मामलों का निपटारा किया गया जबकि 71 लाख 15 हजार 475 रुपये की राशि जुर्माना व समझौता के रूप में पास की गई।
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उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष डीआर चालिया के मार्गदर्शन में शनिवार को आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायाधीशों ने आपराधिक मामलों, एनआई एक्ट 138, एमएसीटी, वैवाहिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, किराया, बैंक रिकवरी, राजस्व, मनरेगा, बिजली व पानी बिल, वन अधिनियम, आपदा मुआवजा इत्यादि अन्य मामलों की सुनवाई की।
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सीजेएम समप्रीत कौर ने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निपटान दोनों पक्षों की आपसी सहमति से होता है, इसलिए फैसले को अन्य किसी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपने मामलों का समाधान लोक अदालत के माध्यम से करवाएं, ताकि उनके समय व धन की बचत हो सके।