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जेल भरो आंदोलन : पुलिस को हिलने की भी जररूत नहीं पड़ी, धरने के बाद खुद ही बसों में बैठ गए कर्मचारी
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:05 AM IST
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पुलिस को हिलने की भी जरूरत नहीं पड़ी, धरने के बाद खुद ही बसों में बैठ गए कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले मंगलवार को जेल भरो आंदोलन के दौरान अलग-अलग विभागों के 740 कर्मचारियों ने गिरफ्तारियां दी। आंदोलनकारी कर्मचारी सब्जी मंडी के पास एकत्रित हुए और रोष मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। आंदोलनकारियों ने यहां शांतिपूर्वक धरना दिया। लघु सचिवालय के बाहर तैनात पुलिस बल को हिलने की जरूरत ही नहीं पड़ी, कर्मचारी खुद ही मौके पर खड़ी रोडवेज बसों में सवार हो गए। इसके बाद बसों के जरिए कर्मचारियों को पुलिस लाइन में बनाई गई अस्थाई जेल ले जाया गया और दोपहर बाद रिहा कर दिया गया। सिटी एसएचओ जगदीश चंद्र के आंदोलन के दौरान 597 पुरुष एवं 143 महिला कर्मचारियों ने अपनी गिरफ्तारियां दी है। हालांकि सर्वकर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूप सिंह भड़ोलावाली का दावा है कि 12 सौ से अधिक कर्मचारियों ने गिरफ्तारियां दी है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भूप सिंह ने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से निलंबित किए गए कर्मचारियों को बहाल करे। एस्मा जैसे काले कानून को निरस्त करें वरना सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा बड़े आंदोलन करने पर मजबूर होगा।
संघ के राज्य कोषाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद बाटू, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष सीएन भारती व हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव सरबत सिंह पूनियां ने बताया कि आंदोलन में सरकारी व अर्ध सरकारी विभागों के अलावा बोर्ड-निगमों, नगर निगमों, पालिका, परिषदों, सहकारी समितियों, पंचायत समितियों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित परियोजनाओं में कार्यरत फतेहाबाद जिले के कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर जेल भरो आंदोलन के बाद भी सरकार ने बातचीत के जरिये मुद्दे का समाधान नहीं किया तो सभी कर्मचारी मिलकर आंदोलन चलाने को मजबूर होंगे।
इन नेताओं ने दी गिरफ्तारियां
इस अवसर पर रघुवीर सिंह नडेल जिला प्रधान गेस्ट टीचर्ज यूनियन, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सुरजीत दुसाद, ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशनज वर्कर्स यूनियन के सचिव रामनिवास शर्मा, सुभाष बैजलपुरिया, पूर्व प्रधान बेगराज, रामदिया, चन्द्रभान, हरपाल हुड्डा, रजवंत रतिया, देवीलाल रतिया, प्रेम नैन, राजकुमार निराणियां, मास्टर राजकुमार भूना, विरेन्द्र भट्टू, रामनिवास ठाकर बस्ती, सुनीता झलनियां, सीआईटीयू के जिला उप प्रधान रमेश जांडली, धर्मेन्द्र ढांडा सहित अन्य संघ के नेताओं ने गिरफ्तारियां दी।
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जेल भरो आंदोलन के दौरान इन मुद्दों को उठाया
स्वास्थ्य व रोडवेज कर्मचारियों पर लगाए गए एस्मा को तुरंत हटाया जाए
एस्मा के तहत अब तक जितने कर्मचारियों पर कार्रवाई की वह रद्द हो।
आर्डिनेंस जारी करके सरकार हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित कर्मियों को राहत दी जाए।
विभिन्न विभागों व बोर्ड-निगमों में कार्यरत सभी कच्चे कर्मचारी नियमित किए जाएं।
विधानसभा घेराव के दौरान जिन कर्मचारी नेताओं पर केस दर्ज किए, वे वापस हों।
संघ के ऑडिटर सतीश सेठी के तबादला आदेश सरकार तुरंत प्रभाव से रद्द करे।
चुनावी घोषणा पत्र में किए गए कर्मचारियों से जुड़े सभी वायदे पूरे किए जाएं।
पुरानी पेंशन स्कीम व एक्सग्रेशिया स्कीम बहाल करने, समान काम समान वेतन।
कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने, मकान किराए भत्ते में बढ़ोतरी, ठेका प्रथा समाप्त करना।
ठेकेदार के माध्यम से लगे कर्मचारियों को सीधा विभागों के रोल पर करना।
शिक्षा विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी के साथ किए समझौते को लागू करना।
रोडवेज कर्मचारियों के भूख हड़ताल को समर्थन
जिला प्रेस सचिव सतीश जिलेदार व खंड फतेहाबाद प्रधान प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार रोडवेज के बेड़े में किलोमीटर स्कीम के तहत 720 बसों को शामिल करने की जिद्द पर अड़ी हुई है। सरकार द्वारा जारी किए ई-टेंडर खुल गये है। 19 से 21 सितंबर को मुख्यालय में जीएम और बस मालिकों के बीच औपचारिक करार किया जाएगा। रोडवेज के कर्मचारियों की सभी यूनियन आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर इस निर्णय के खिलाफ संयुक्त आंदोलन का ऐलान कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले 20 व 21 सितंबर की भूख हड़ताल सहित अन्य किये जाने वाले आंदोलन का सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा समर्थन करेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले मंगलवार को जेल भरो आंदोलन के दौरान अलग-अलग विभागों के 740 कर्मचारियों ने गिरफ्तारियां दी। आंदोलनकारी कर्मचारी सब्जी मंडी के पास एकत्रित हुए और रोष मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। आंदोलनकारियों ने यहां शांतिपूर्वक धरना दिया। लघु सचिवालय के बाहर तैनात पुलिस बल को हिलने की जरूरत ही नहीं पड़ी, कर्मचारी खुद ही मौके पर खड़ी रोडवेज बसों में सवार हो गए। इसके बाद बसों के जरिए कर्मचारियों को पुलिस लाइन में बनाई गई अस्थाई जेल ले जाया गया और दोपहर बाद रिहा कर दिया गया। सिटी एसएचओ जगदीश चंद्र के आंदोलन के दौरान 597 पुरुष एवं 143 महिला कर्मचारियों ने अपनी गिरफ्तारियां दी है। हालांकि सर्वकर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूप सिंह भड़ोलावाली का दावा है कि 12 सौ से अधिक कर्मचारियों ने गिरफ्तारियां दी है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भूप सिंह ने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से निलंबित किए गए कर्मचारियों को बहाल करे। एस्मा जैसे काले कानून को निरस्त करें वरना सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा बड़े आंदोलन करने पर मजबूर होगा।
संघ के राज्य कोषाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद बाटू, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष सीएन भारती व हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव सरबत सिंह पूनियां ने बताया कि आंदोलन में सरकारी व अर्ध सरकारी विभागों के अलावा बोर्ड-निगमों, नगर निगमों, पालिका, परिषदों, सहकारी समितियों, पंचायत समितियों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित परियोजनाओं में कार्यरत फतेहाबाद जिले के कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर जेल भरो आंदोलन के बाद भी सरकार ने बातचीत के जरिये मुद्दे का समाधान नहीं किया तो सभी कर्मचारी मिलकर आंदोलन चलाने को मजबूर होंगे।
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इन नेताओं ने दी गिरफ्तारियां
इस अवसर पर रघुवीर सिंह नडेल जिला प्रधान गेस्ट टीचर्ज यूनियन, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सुरजीत दुसाद, ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशनज वर्कर्स यूनियन के सचिव रामनिवास शर्मा, सुभाष बैजलपुरिया, पूर्व प्रधान बेगराज, रामदिया, चन्द्रभान, हरपाल हुड्डा, रजवंत रतिया, देवीलाल रतिया, प्रेम नैन, राजकुमार निराणियां, मास्टर राजकुमार भूना, विरेन्द्र भट्टू, रामनिवास ठाकर बस्ती, सुनीता झलनियां, सीआईटीयू के जिला उप प्रधान रमेश जांडली, धर्मेन्द्र ढांडा सहित अन्य संघ के नेताओं ने गिरफ्तारियां दी।
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जेल भरो आंदोलन के दौरान इन मुद्दों को उठाया
स्वास्थ्य व रोडवेज कर्मचारियों पर लगाए गए एस्मा को तुरंत हटाया जाए
एस्मा के तहत अब तक जितने कर्मचारियों पर कार्रवाई की वह रद्द हो।
आर्डिनेंस जारी करके सरकार हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित कर्मियों को राहत दी जाए।
विभिन्न विभागों व बोर्ड-निगमों में कार्यरत सभी कच्चे कर्मचारी नियमित किए जाएं।
विधानसभा घेराव के दौरान जिन कर्मचारी नेताओं पर केस दर्ज किए, वे वापस हों।
संघ के ऑडिटर सतीश सेठी के तबादला आदेश सरकार तुरंत प्रभाव से रद्द करे।
चुनावी घोषणा पत्र में किए गए कर्मचारियों से जुड़े सभी वायदे पूरे किए जाएं।
पुरानी पेंशन स्कीम व एक्सग्रेशिया स्कीम बहाल करने, समान काम समान वेतन।
कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने, मकान किराए भत्ते में बढ़ोतरी, ठेका प्रथा समाप्त करना।
ठेकेदार के माध्यम से लगे कर्मचारियों को सीधा विभागों के रोल पर करना।
शिक्षा विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी के साथ किए समझौते को लागू करना।
रोडवेज कर्मचारियों के भूख हड़ताल को समर्थन
जिला प्रेस सचिव सतीश जिलेदार व खंड फतेहाबाद प्रधान प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार रोडवेज के बेड़े में किलोमीटर स्कीम के तहत 720 बसों को शामिल करने की जिद्द पर अड़ी हुई है। सरकार द्वारा जारी किए ई-टेंडर खुल गये है। 19 से 21 सितंबर को मुख्यालय में जीएम और बस मालिकों के बीच औपचारिक करार किया जाएगा। रोडवेज के कर्मचारियों की सभी यूनियन आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर इस निर्णय के खिलाफ संयुक्त आंदोलन का ऐलान कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले 20 व 21 सितंबर की भूख हड़ताल सहित अन्य किये जाने वाले आंदोलन का सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा समर्थन करेगा।