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स्वास्थ्य केंद्र के फर्श पर पीड़ा से कहराती रही गर्भवती युवती, चिकित्सकों ने नहीं ली सुध
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:17 AM IST
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स्वास्थ्य केंद्र में पीड़ा से कराहती रही गर्भवती युवती, चिकित्सकों ने नहीं ली सुध
अमर उजाला ब्यूरो
भूना । जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को गांव सनियाना से इलाज के लिए आई एक गर्भवती युवती मुख्य गेट पर इलाज न मिलने के कारण काफी देर तक पीड़ा से कराहती रही। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक या कर्मचारी किसी ने भी उसकी सुध नही ली। आंगनबाड़ी वर्कर के द्वारा मीडिया कर्मियों को मौके पर बुलाने व विरोध करने पर गर्भवती महिला को फर्श से उठाकर बेड पर लिटाया गया और प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। आंगनबाड़ी वर्कर सुनीता देवी ने कहा लड़ाई-झगड़े में महिला को गंभीर चोटे लगी हुई थी। महिला को भर्ती करने के बाद भी उसका ढंग से उपचार नही किया गया। थोड़ी देर तक खानापूर्ति करने के बाद उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने गर्भवती महिला के जेठ व जेठानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
क्या है मामला
गांव सनियाना निवासी तीस वर्षीय दमनप्रीत कौर पत्नी बलजीत सिंह का झगड़ा अपने जेठ व जेठानी के साथ हो गया था। जिसके बाद जेठ व जेठानी ने मिलकर उसे बेरहमी से पीटा जिसमें उसे काफी चोटें आईं व उसके तीन दांत भी टूट गए थे। इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंची महिला गर्भावस्था में होने के कारण पेट को पकड़कर बार-बार चिला रही थी। लेकिन किसी भी नर्स या चिकित्सक ने उसकी सुध लेने की जहमत नही उठाई। महिला को चिलाता देखकर आंगनबाड़ी वर्कर सुनीता देवी ने इसका विरोध किया पवव मीडिया को बुलाया जिसके बाद महिला को भर्ती तो कर लिया लेकिन कुछ समय खानापूर्ति करने के बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर करके अपना पल्ला झाड़ दिया।
क्या कहते हैं चिकित्सक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सक राजेश क्रांति ने बताया कि गर्भवती महिला लड़ाई -झगड़े के मामले में एमएलआर कटवाने आई थी। जिसकी फीस लेकर एमआरएल काट दी और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन उसने पीड़ा होने व दांत टूटने इत्यादि की जानकारी नहीं दी। लड़ाई -झगड़े में गर्भवती महिला को एम्बुलेंस मुहैया नहीं करवाई जा सकती। इसलिए वह फर्श पर लेट गई थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
भूना । जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को गांव सनियाना से इलाज के लिए आई एक गर्भवती युवती मुख्य गेट पर इलाज न मिलने के कारण काफी देर तक पीड़ा से कराहती रही। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक या कर्मचारी किसी ने भी उसकी सुध नही ली। आंगनबाड़ी वर्कर के द्वारा मीडिया कर्मियों को मौके पर बुलाने व विरोध करने पर गर्भवती महिला को फर्श से उठाकर बेड पर लिटाया गया और प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। आंगनबाड़ी वर्कर सुनीता देवी ने कहा लड़ाई-झगड़े में महिला को गंभीर चोटे लगी हुई थी। महिला को भर्ती करने के बाद भी उसका ढंग से उपचार नही किया गया। थोड़ी देर तक खानापूर्ति करने के बाद उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने गर्भवती महिला के जेठ व जेठानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
क्या है मामला
गांव सनियाना निवासी तीस वर्षीय दमनप्रीत कौर पत्नी बलजीत सिंह का झगड़ा अपने जेठ व जेठानी के साथ हो गया था। जिसके बाद जेठ व जेठानी ने मिलकर उसे बेरहमी से पीटा जिसमें उसे काफी चोटें आईं व उसके तीन दांत भी टूट गए थे। इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंची महिला गर्भावस्था में होने के कारण पेट को पकड़कर बार-बार चिला रही थी। लेकिन किसी भी नर्स या चिकित्सक ने उसकी सुध लेने की जहमत नही उठाई। महिला को चिलाता देखकर आंगनबाड़ी वर्कर सुनीता देवी ने इसका विरोध किया पवव मीडिया को बुलाया जिसके बाद महिला को भर्ती तो कर लिया लेकिन कुछ समय खानापूर्ति करने के बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर करके अपना पल्ला झाड़ दिया।
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क्या कहते हैं चिकित्सक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सक राजेश क्रांति ने बताया कि गर्भवती महिला लड़ाई -झगड़े के मामले में एमएलआर कटवाने आई थी। जिसकी फीस लेकर एमआरएल काट दी और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन उसने पीड़ा होने व दांत टूटने इत्यादि की जानकारी नहीं दी। लड़ाई -झगड़े में गर्भवती महिला को एम्बुलेंस मुहैया नहीं करवाई जा सकती। इसलिए वह फर्श पर लेट गई थी।
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