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बागवानी अपनाई तो शुरु हो गई कमाई
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
गांव डांगरा के युवा किसान अनिल कुमार ने जबसे परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी का रुख किया है, उसकी आमदनी करीब पांच गुणा बढ़ गई है। अनिल कुमार ने बताया कि वह 2002 से खेती कर रहा है, लेकिन 2014 में उसे बागवानी खेती से लाभ के बारे में जानकारी मिली तो उसने भी बागवानी करने का मन बनाया। किसान ने बताया कि उसके पास मात्र दो एकड़ जमीन है। जिस पर वह धान, ज्वार आदि की बिजाई करता था। इससे उसे करीब 60 हजार रुपए की आमदन होती थी। जिससे परिवार का पालन पोषण तो हो जाता था, लेकिन जो उसके सपने थे उसे वह पूरा नहीं कर पाता था। जिसके बाद उसने 2014 में बागवानी शुरू कर दी। अब वह अमरूद, भिंडी, मिर्च, मूली आदि की खेती कर रहा है। उसने बताया कि बागवानी खेती से उसकी सालभर में करीब तीन लाख रुपए तक आमदन हो जाती है। अनिल का कहना है कि अन्य किसानों को भी परंपरागत फसलों के साथ-साथ बागवानी भी अपनानी चाहिए। हमें खेत में सभी फसल उगानी चाहिए, ताकि सालभर आमदनी मिलती रहे। किसान को कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
अनिल ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में लखनऊ 49 किस्म के अमरूद की पौध लगाई है। यह काफी अच्छी किस्म काफी बड़े साइज का अमरूद होता है। इसके लिए उसने उत्तर प्रदेश से पौध मंगवाई है तथा अपने खेत में अमरूद के करीब 120 पौधे लगाए हैं। उसने बताया कि अच्छी फसल पाने के लिए तीन साल के बाद फसल ली जाती है उसे अगले साल से अमरूद का फल मिलेगा।
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टोहाना।
गांव डांगरा के युवा किसान अनिल कुमार ने जबसे परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी का रुख किया है, उसकी आमदनी करीब पांच गुणा बढ़ गई है। अनिल कुमार ने बताया कि वह 2002 से खेती कर रहा है, लेकिन 2014 में उसे बागवानी खेती से लाभ के बारे में जानकारी मिली तो उसने भी बागवानी करने का मन बनाया। किसान ने बताया कि उसके पास मात्र दो एकड़ जमीन है। जिस पर वह धान, ज्वार आदि की बिजाई करता था। इससे उसे करीब 60 हजार रुपए की आमदन होती थी। जिससे परिवार का पालन पोषण तो हो जाता था, लेकिन जो उसके सपने थे उसे वह पूरा नहीं कर पाता था। जिसके बाद उसने 2014 में बागवानी शुरू कर दी। अब वह अमरूद, भिंडी, मिर्च, मूली आदि की खेती कर रहा है। उसने बताया कि बागवानी खेती से उसकी सालभर में करीब तीन लाख रुपए तक आमदन हो जाती है। अनिल का कहना है कि अन्य किसानों को भी परंपरागत फसलों के साथ-साथ बागवानी भी अपनानी चाहिए। हमें खेत में सभी फसल उगानी चाहिए, ताकि सालभर आमदनी मिलती रहे। किसान को कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
अनिल ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में लखनऊ 49 किस्म के अमरूद की पौध लगाई है। यह काफी अच्छी किस्म काफी बड़े साइज का अमरूद होता है। इसके लिए उसने उत्तर प्रदेश से पौध मंगवाई है तथा अपने खेत में अमरूद के करीब 120 पौधे लगाए हैं। उसने बताया कि अच्छी फसल पाने के लिए तीन साल के बाद फसल ली जाती है उसे अगले साल से अमरूद का फल मिलेगा।
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