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एमई ने दो करोड़ के टेंडर कर दिए रद्द, भड़के भूना नपा चेयरमैन सहित 15 पार्षदों ने दफ्तर को जड़ा ताला
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:05 AM IST
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एमई ने विकास कार्यों का टेंडर रद्द किया तो नपा चेयरपर्सन और 15 पार्षदों ने दफ्तर को जड़ा ताला
नगर पालिका भूना कार्यालय के बाहर शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना, नपा अफसरों पर लगाया सरकार को बदनाम करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
भूना। भूना नगर पालिका में पार्षदों और अधिकारियों के बीच एक बार फिर ठन गई है। मंगलवार को नपा एमई सुंदर श्योराण द्वारा दो करोड़ के टेंडर अलाट करने की बजाय रद्द करने पर नपा चेयरपर्सन राखी वाल्मीकि सहित सभी 15 पार्षद भड़क उठे और नपा अधिकारियों को बाहर निकालकर दफ्तर को ताला जड़ दिया। पार्षदों ने नगर पालिका अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए नपा कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू कर दिया है। मामले की जानकारी मिलते ही डीसी डा. जेके आभीर ने रतिया नपा सचिव सुरेंद्र कुमार को मौके पर भेजा लेकिन चेयरपर्सन और पार्षद टस से मस तक नहीं हुए। धरने पर बैठे पार्षदों ने आरोप लगाया कि एमई कई बार करोड़ों के टेंडर लगाने के बाद रद्द कर देता है। जिससे शहर के विकास कार्य ठप्प पड़े हैं। उसी के चलते सोमवार को दो करोड़ के टेंडर दोपहर को अचानक अलाट करने की बजाय रद्द कर दिए। एमई ने 12 बजे ही टेंडर रद्द कर दिए जबकि नियमानुसार शाम 5 बजे के बाद रद्द होने चाहिए थे।
अधिकारियों की मनमानी के कारण नहीं हो रहे विकास कार्य
चेयरपर्सन, वाइस चेयरमैन अनिल कंबोज, नरेंद्र बागड़ी, भूपेंद्र कौर, एडवोकेट प्रवीन कुमार राणा, ओमप्रकाश कंबोज, डाक्टर कशमीरी लाल कंबोज, रिम्पी सोनी, प्रवीन जैन, सुदेश ग्रोवर, सुदेश दहिया, सरोज बाला, नीलम देवी, रहीश कुमार रिसल आदि ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही व मनमानी के कारण विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। जिससे शहर के लोग पार्षदों से सवाल-जवाब कर रहे हैं। क्योंकि शहर में स्ट्रीट लाइट, गलिया, पार्क, निकासी नाले आदि की स्थिति बद से बदतर बनी हुई है। कहा, नगर पालिका के पास 13 करोड़ से अधिक का बजट है बावजूद शहर में विकास का ना होना इस बात की ओर इशारा करता है कि अधिकारियों की मंशा सरकार को बदनाम करने की है। पार्षदों ने कहा कि पिछले दो वर्षों से वह बार-बार एजेंडा बैठक में प्रस्ताव पास करके गलियां पक्की करने तथा शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाकर अंधेरा समाप्त करने के लिए योजनाएं बना चुके हैं । मगर सब अधिकारियों ने इन मामलों को महज फाइलों तक ही सीमित करके रख दिया है।
एमई के निलंबन और लिपिक के तबादले के बाद ही धरना खत्म करने का एलान
नगरपालिका कार्यालय पर तालाबंदी के बाद धरने पर बैठे पार्षदों ने कहा कि एमई सुंदर श्योराण को निलंबित करने, महिला लिपिक ज्योति देवी का तबादला करने तथा टेंडर जब तक नहीं खोले जाएंगे तब तक अनिश्चित कालीन धरना चलेगा। वाइस चेयरमैन अनिल कंबोज ने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने अधिकारियों को भूना विकास को लेकर आदेश दिए थे। किंतु बराला के आदेशों को एमई धत्ता बता रहे हैं और विपक्षी नेताओं के हाथों में खेलकर सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि महिला लिपिक ज्योति देवी का रवैया भी पार्षदों के प्रति ठीक नहीं है। इसलिए महिला का तबादला रतिया होने के बावजूद भी उसे रिलीव नहीं किया जा रहा है।
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तकनीकी समस्या के कारण पहले टेंडर रद्द किए गए थे। सोमवार को रतिया की एक ठेकेदार ने टेंडर लेने से संबंधित दस्तावेज कार्यालय में जमा करवाने थे। लेकिन वहां के कुछ ठेकेदारों ने उन्हें दस्तावेज जमा नहीं करवाने दिए। इसलिए दो करोड़ के टेंडर रद्द करने पर मजबूर होना पड़ा।
सुंदर श्योराण, एमई नगरपालिका भूना
18एफटीबीपी22 : भूना में नरगपालिका कार्यालय पर ताला लगाकर विरोध करते भूना के सभी पार्षदगण।
18एफटीबीपी23 : धरने पर बैठे पार्षद अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए।
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नगर पालिका भूना कार्यालय के बाहर शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना, नपा अफसरों पर लगाया सरकार को बदनाम करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
भूना। भूना नगर पालिका में पार्षदों और अधिकारियों के बीच एक बार फिर ठन गई है। मंगलवार को नपा एमई सुंदर श्योराण द्वारा दो करोड़ के टेंडर अलाट करने की बजाय रद्द करने पर नपा चेयरपर्सन राखी वाल्मीकि सहित सभी 15 पार्षद भड़क उठे और नपा अधिकारियों को बाहर निकालकर दफ्तर को ताला जड़ दिया। पार्षदों ने नगर पालिका अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए नपा कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू कर दिया है। मामले की जानकारी मिलते ही डीसी डा. जेके आभीर ने रतिया नपा सचिव सुरेंद्र कुमार को मौके पर भेजा लेकिन चेयरपर्सन और पार्षद टस से मस तक नहीं हुए। धरने पर बैठे पार्षदों ने आरोप लगाया कि एमई कई बार करोड़ों के टेंडर लगाने के बाद रद्द कर देता है। जिससे शहर के विकास कार्य ठप्प पड़े हैं। उसी के चलते सोमवार को दो करोड़ के टेंडर दोपहर को अचानक अलाट करने की बजाय रद्द कर दिए। एमई ने 12 बजे ही टेंडर रद्द कर दिए जबकि नियमानुसार शाम 5 बजे के बाद रद्द होने चाहिए थे।
अधिकारियों की मनमानी के कारण नहीं हो रहे विकास कार्य
चेयरपर्सन, वाइस चेयरमैन अनिल कंबोज, नरेंद्र बागड़ी, भूपेंद्र कौर, एडवोकेट प्रवीन कुमार राणा, ओमप्रकाश कंबोज, डाक्टर कशमीरी लाल कंबोज, रिम्पी सोनी, प्रवीन जैन, सुदेश ग्रोवर, सुदेश दहिया, सरोज बाला, नीलम देवी, रहीश कुमार रिसल आदि ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही व मनमानी के कारण विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। जिससे शहर के लोग पार्षदों से सवाल-जवाब कर रहे हैं। क्योंकि शहर में स्ट्रीट लाइट, गलिया, पार्क, निकासी नाले आदि की स्थिति बद से बदतर बनी हुई है। कहा, नगर पालिका के पास 13 करोड़ से अधिक का बजट है बावजूद शहर में विकास का ना होना इस बात की ओर इशारा करता है कि अधिकारियों की मंशा सरकार को बदनाम करने की है। पार्षदों ने कहा कि पिछले दो वर्षों से वह बार-बार एजेंडा बैठक में प्रस्ताव पास करके गलियां पक्की करने तथा शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाकर अंधेरा समाप्त करने के लिए योजनाएं बना चुके हैं । मगर सब अधिकारियों ने इन मामलों को महज फाइलों तक ही सीमित करके रख दिया है।
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एमई के निलंबन और लिपिक के तबादले के बाद ही धरना खत्म करने का एलान
नगरपालिका कार्यालय पर तालाबंदी के बाद धरने पर बैठे पार्षदों ने कहा कि एमई सुंदर श्योराण को निलंबित करने, महिला लिपिक ज्योति देवी का तबादला करने तथा टेंडर जब तक नहीं खोले जाएंगे तब तक अनिश्चित कालीन धरना चलेगा। वाइस चेयरमैन अनिल कंबोज ने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने अधिकारियों को भूना विकास को लेकर आदेश दिए थे। किंतु बराला के आदेशों को एमई धत्ता बता रहे हैं और विपक्षी नेताओं के हाथों में खेलकर सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि महिला लिपिक ज्योति देवी का रवैया भी पार्षदों के प्रति ठीक नहीं है। इसलिए महिला का तबादला रतिया होने के बावजूद भी उसे रिलीव नहीं किया जा रहा है।
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तकनीकी समस्या के कारण पहले टेंडर रद्द किए गए थे। सोमवार को रतिया की एक ठेकेदार ने टेंडर लेने से संबंधित दस्तावेज कार्यालय में जमा करवाने थे। लेकिन वहां के कुछ ठेकेदारों ने उन्हें दस्तावेज जमा नहीं करवाने दिए। इसलिए दो करोड़ के टेंडर रद्द करने पर मजबूर होना पड़ा।
सुंदर श्योराण, एमई नगरपालिका भूना
18एफटीबीपी22 : भूना में नरगपालिका कार्यालय पर ताला लगाकर विरोध करते भूना के सभी पार्षदगण।
18एफटीबीपी23 : धरने पर बैठे पार्षद अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए।