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-प्रस्तावित लीड- पार्षदों ने लगाया सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप, एमई ने जांचा तो मिली काफी अनियमितताएं
Updated Mon, 19 Feb 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रतिया।
रतिया में भगत सिंह चौक से लाल गोदाम मंडी रोड तक करीब 65 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सड़क में घटिया निर्माण सामग्री का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने जमकर हंगामा किया और काम को रोक दिया। साथ ही प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्षदों के रोष को देखते हुए मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। वहीं पार्षदों व ठेकेदार तथा पालिका अधिकारियों के बीच जमकर तू तड़ाक भी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद के एमई ने मौके पर जांच की तो पाया कि इंटरलॉकिंग टाइलों के नीचे खुदाई करने पर 6 इंच पत्थर की बजाय एक फुट तक मिटटी ही डाली गई थी। इस पर एमई ने ठेकेदार को नोटिस देकर दो दिन में जवाब देने को कहा है। साथ ही आदेश दिए हैं कि इस सड़क को उखाड़कर दोबारा शुरू करवाया जाए। इस सड़क का निर्माण पालिका अभियंता की देखरेख में करवाने के आदेश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार रतिया नगर पालिका द्वारा भगत सिंह चौक से मंडी रेाड पर लाल गोदाम तक 65 लाख रुपये की इंटरलाकिंग सड़क का निर्माण ठेके पर दिया हुआ है। यहां पर निर्माण कार्य आरंभ भी हो गया है। सोमवार को वार्ड नंबर- 10 के पार्षद प्रतिनिधि कपिल सिगंला के नेतृत्व में पार्षद हरजिन्द्र सोनी, सुरेंद्र कुमार, विनोद बंसल, पार्षद प्रतिनिधि ईश्वर, बजरग गर्ग, पूर्व पार्षद गोबिन्द कक्कड़, सतपाल गर्ग, सोनू मित्तल, गौरव शर्मा, दीपक बंसल, विकास ग्रोवर, जसपाल खोखर, बिट्टु आदि लोगों ने नगरपालिका पहुंचकर एमई सुमेर सिंह के समक्ष आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणानुसार भगत सिंह चौक से लेकर लाल गोदाम मंडी रोड तक करीबन 65 लाख की लगात से इंटरलाकिंग सड़क बनाई जा रही है। उसमें घटिया सामग्री लगाई जा रही है और नियमानुसार टाइलों के नीचे नया 6 इंच पत्थर डालने की बजाय पुरानी उखाड़ी गई सड़क की मिट्टी व मलबे को ही पत्थरों की जगह पर डाला जा रहा है। पुराना मलबा डालकर नए पत्थर के बिल बनाकर घपला किया जा रहा है व टाइलें भी काफी घटिया स्तर की है । जिस पर एमई सुमेर सिंह पार्षद प्रतिनिधियों के साथ मंडी रोड पर सड़क निर्माण कार्यों की सामग्री जांचने पहुंचे। एमई ने मौके पर पहुंचकर सड़क उखड़वाकर खुदाई करवाई तो टाइलों के नीचे पत्थर ही नहीं डाले गए व नीचे पुरानी मिट्टी पड़ी हुई थी। जिसके बाद लोगो ंने नपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित लोगों ने मामले को लेकर अधिकारियों व ठेकेदारों पर मिलीभगत के आरोप जड़ते हुए ठेकेदार व नपा कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की और मौके पर ही पुलिस को बुला लिया। पार्षद प्रतिनिधि कपिल सिंगला ने आरोप लगाया कि नगरपालिका के अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणानुसार चल रहे कार्यों में भी कमीशनबाजी कर घटिया सामग्री लगाकर जनता से धोखाधड़ी कर रहे हैं इसलिए इस मामले में शिकायत देकर मामला भी दर्ज करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने मामले में उचित कार्रवाई ना की तो नपा में धरना देने को मजबूर होना पड़ेगा। वहीं मौके पर पहुंचे शहरी चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश ने बताया की उन्हें सड़क निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री लगाकर धोखाधड़ी करने की सूचना मिली थी जिसके बाद नपा अधिकारियों को दस्तावेज उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
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नगरपालिका ने ठेकेदार को नोटिस थमाया
वहीं इस प्रकरण के बाद जागी नगर पालिका ने भी ठेकेदार को नोटिस थमा दिया है। नगर परिषद के एमई सुमेर सिंह ने ठेकेदार संजय कुमार गर्ग को नोटिस देकर कहा है कि जांच में पाया गया है कि इस सड़क में इंटरलॉकिंग टाइलों के नीचे पत्थर की संख्या नगर पालिका द्वारा अलाट आर्डर वर्क के अनुरूप नहीं है। इंटरलाकिंग टाइल भी निम्र स्तर की है। इसलिए ठेकेदार दो दिन के भीतर जवाब कार्यालय में जमा करवाए व सड़क को उखाड़कर उसमें उचित मात्रा में सामग्री का प्रयोग करे। कार्य पालिका अभियंता की देखरेख में शुरू करवाया जाए, अन्यथा बिल की अदायगी नहीं की जाएगी और पालिका अधिनियम 1973 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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ठेकेदार को दिया गया है नोटिस: एमई
वही जब इस बारे में जब एमई सुमेर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सड़क को उखड़वाकर नया पत्थर डलवाया जाएगा और निर्माण के दौरान पार्षद, पूर्व पार्षद व वार्ड के गणमान्य लोगों के सामने ही निर्माण सामग्री डलवाई जाएगी। ठेकेदार को नोटिस देकर दो दिन में जवाब देने को कहा गया है और उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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रतिया।
रतिया में भगत सिंह चौक से लाल गोदाम मंडी रोड तक करीब 65 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सड़क में घटिया निर्माण सामग्री का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने जमकर हंगामा किया और काम को रोक दिया। साथ ही प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्षदों के रोष को देखते हुए मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। वहीं पार्षदों व ठेकेदार तथा पालिका अधिकारियों के बीच जमकर तू तड़ाक भी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद के एमई ने मौके पर जांच की तो पाया कि इंटरलॉकिंग टाइलों के नीचे खुदाई करने पर 6 इंच पत्थर की बजाय एक फुट तक मिटटी ही डाली गई थी। इस पर एमई ने ठेकेदार को नोटिस देकर दो दिन में जवाब देने को कहा है। साथ ही आदेश दिए हैं कि इस सड़क को उखाड़कर दोबारा शुरू करवाया जाए। इस सड़क का निर्माण पालिका अभियंता की देखरेख में करवाने के आदेश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार रतिया नगर पालिका द्वारा भगत सिंह चौक से मंडी रेाड पर लाल गोदाम तक 65 लाख रुपये की इंटरलाकिंग सड़क का निर्माण ठेके पर दिया हुआ है। यहां पर निर्माण कार्य आरंभ भी हो गया है। सोमवार को वार्ड नंबर- 10 के पार्षद प्रतिनिधि कपिल सिगंला के नेतृत्व में पार्षद हरजिन्द्र सोनी, सुरेंद्र कुमार, विनोद बंसल, पार्षद प्रतिनिधि ईश्वर, बजरग गर्ग, पूर्व पार्षद गोबिन्द कक्कड़, सतपाल गर्ग, सोनू मित्तल, गौरव शर्मा, दीपक बंसल, विकास ग्रोवर, जसपाल खोखर, बिट्टु आदि लोगों ने नगरपालिका पहुंचकर एमई सुमेर सिंह के समक्ष आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणानुसार भगत सिंह चौक से लेकर लाल गोदाम मंडी रोड तक करीबन 65 लाख की लगात से इंटरलाकिंग सड़क बनाई जा रही है। उसमें घटिया सामग्री लगाई जा रही है और नियमानुसार टाइलों के नीचे नया 6 इंच पत्थर डालने की बजाय पुरानी उखाड़ी गई सड़क की मिट्टी व मलबे को ही पत्थरों की जगह पर डाला जा रहा है। पुराना मलबा डालकर नए पत्थर के बिल बनाकर घपला किया जा रहा है व टाइलें भी काफी घटिया स्तर की है । जिस पर एमई सुमेर सिंह पार्षद प्रतिनिधियों के साथ मंडी रोड पर सड़क निर्माण कार्यों की सामग्री जांचने पहुंचे। एमई ने मौके पर पहुंचकर सड़क उखड़वाकर खुदाई करवाई तो टाइलों के नीचे पत्थर ही नहीं डाले गए व नीचे पुरानी मिट्टी पड़ी हुई थी। जिसके बाद लोगो ंने नपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित लोगों ने मामले को लेकर अधिकारियों व ठेकेदारों पर मिलीभगत के आरोप जड़ते हुए ठेकेदार व नपा कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की और मौके पर ही पुलिस को बुला लिया। पार्षद प्रतिनिधि कपिल सिंगला ने आरोप लगाया कि नगरपालिका के अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणानुसार चल रहे कार्यों में भी कमीशनबाजी कर घटिया सामग्री लगाकर जनता से धोखाधड़ी कर रहे हैं इसलिए इस मामले में शिकायत देकर मामला भी दर्ज करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने मामले में उचित कार्रवाई ना की तो नपा में धरना देने को मजबूर होना पड़ेगा। वहीं मौके पर पहुंचे शहरी चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश ने बताया की उन्हें सड़क निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री लगाकर धोखाधड़ी करने की सूचना मिली थी जिसके बाद नपा अधिकारियों को दस्तावेज उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
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नगरपालिका ने ठेकेदार को नोटिस थमाया
वहीं इस प्रकरण के बाद जागी नगर पालिका ने भी ठेकेदार को नोटिस थमा दिया है। नगर परिषद के एमई सुमेर सिंह ने ठेकेदार संजय कुमार गर्ग को नोटिस देकर कहा है कि जांच में पाया गया है कि इस सड़क में इंटरलॉकिंग टाइलों के नीचे पत्थर की संख्या नगर पालिका द्वारा अलाट आर्डर वर्क के अनुरूप नहीं है। इंटरलाकिंग टाइल भी निम्र स्तर की है। इसलिए ठेकेदार दो दिन के भीतर जवाब कार्यालय में जमा करवाए व सड़क को उखाड़कर उसमें उचित मात्रा में सामग्री का प्रयोग करे। कार्य पालिका अभियंता की देखरेख में शुरू करवाया जाए, अन्यथा बिल की अदायगी नहीं की जाएगी और पालिका अधिनियम 1973 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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ठेकेदार को दिया गया है नोटिस: एमई
वही जब इस बारे में जब एमई सुमेर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सड़क को उखड़वाकर नया पत्थर डलवाया जाएगा और निर्माण के दौरान पार्षद, पूर्व पार्षद व वार्ड के गणमान्य लोगों के सामने ही निर्माण सामग्री डलवाई जाएगी। ठेकेदार को नोटिस देकर दो दिन में जवाब देने को कहा गया है और उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।