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आरटीआई एक्टिविस्ट एवं गवाह खतरे की स्थिति में स्पेशल सेल से कर सकेगा सुरक्षा की मांग’
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गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर डीसी ने ली अधिकारियों की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा है कि सूचना के अधिकार अधिनियम जैसे विभिन्न नियमों व प्रावधानों के तहत यदि किसी एक्टीविस्ट या फिर गंभीर मामलों में गवाहों को किसी भी प्रकार का खतरा महसूस होता है तो वह इस दिशा में गठित स्पेशल सैल को अपनी स्थिति से अवगत करवाकर सुरक्षा की मांग कर सकता है।
मंगलवार को स्पेशल सैल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने वालों, विभिन्न मामलों में अनियमितता, गलत, अनैतिक या आपराधिक गतिविधियों इत्यादि को उजागर करने वाले व्हिसलब्लोअर, आरटीआई एक्टीविस्ट शिकायतकर्ता तथा गंभीर मामलों के गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में जिला में स्पेशल सैल गठित है। इस सैल को अपनी स्थिति से अवगत करवाकर कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सुरक्षा की मांग कर सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि नियमानुसार पुलिस को प्राप्त होने वाली विभिन्न शिकायतों की छटनी के उपरांत विभिन्न मामलों में अनियमितता, गलत, अनैतिक या आपराधिक गतिविधियों इत्यादि को उजागर करने वाले व्हिसलब्लोअर, आरटीआई एक्टीविस्ट या शिकायतकर्ता तथा सूचना मांगने या किसी प्रकार के गंभीर मामले को इस सैल के पास ट्रांसफर कर दिया जाता है। उन्होंने जिला के विभिन्न पुलिस थानों व चौकियों में कार्यरत जांच अधिकारियों को भी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस अधिनियम के तहत माह कोई नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत सूचना मांगने या किसी प्रकार के अधिक गंभीर मामले में गवाह को किसी अप्रिय घटना घटने की संभावना, कोई धमकी या खतरा होता है तो वे जिला स्तर पर गठित कमेटी व स्पेशल सेल में को भी शिकायत कर सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा है कि सूचना के अधिकार अधिनियम जैसे विभिन्न नियमों व प्रावधानों के तहत यदि किसी एक्टीविस्ट या फिर गंभीर मामलों में गवाहों को किसी भी प्रकार का खतरा महसूस होता है तो वह इस दिशा में गठित स्पेशल सैल को अपनी स्थिति से अवगत करवाकर सुरक्षा की मांग कर सकता है।
मंगलवार को स्पेशल सैल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने वालों, विभिन्न मामलों में अनियमितता, गलत, अनैतिक या आपराधिक गतिविधियों इत्यादि को उजागर करने वाले व्हिसलब्लोअर, आरटीआई एक्टीविस्ट शिकायतकर्ता तथा गंभीर मामलों के गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में जिला में स्पेशल सैल गठित है। इस सैल को अपनी स्थिति से अवगत करवाकर कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सुरक्षा की मांग कर सकता है।
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उपायुक्त ने कहा कि नियमानुसार पुलिस को प्राप्त होने वाली विभिन्न शिकायतों की छटनी के उपरांत विभिन्न मामलों में अनियमितता, गलत, अनैतिक या आपराधिक गतिविधियों इत्यादि को उजागर करने वाले व्हिसलब्लोअर, आरटीआई एक्टीविस्ट या शिकायतकर्ता तथा सूचना मांगने या किसी प्रकार के गंभीर मामले को इस सैल के पास ट्रांसफर कर दिया जाता है। उन्होंने जिला के विभिन्न पुलिस थानों व चौकियों में कार्यरत जांच अधिकारियों को भी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस अधिनियम के तहत माह कोई नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत सूचना मांगने या किसी प्रकार के अधिक गंभीर मामले में गवाह को किसी अप्रिय घटना घटने की संभावना, कोई धमकी या खतरा होता है तो वे जिला स्तर पर गठित कमेटी व स्पेशल सेल में को भी शिकायत कर सकता है।
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