फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   पिता की मौत के बाद, बेटे ने स्वयं को बैंक में प्रस्तुत कर दिया पिता

पिता की मौत के बाद, बेटे ने स्वयं को बैंक में प्रस्तुत कर दिया पिता

Thu, 11 Jan 2018 11:54 PM IST
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:54 PM IST
विज्ञापन
पिता की मौत के बाद, बेटे ने स्वयं को बैंक में प्रस्तुत कर दिया पिता
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

टोहाना।
गांव ललौदा के एक व्यक्ति ने पिता की मृत्यु के बाद स्वयं को अपने पिता के रुप में बैंक में प्रस्तुत कर दिया और करीब दो सालों से पिता के नाम की पेंशन हड़पता रहा। बैंक की आंख दो साल बाद खुली, तब तक वह अपने पिता की पेंशन के नाम पर लाखों रुपये निकाल ले गया। फिलहाल टोहाना पुलिस ने बैंक के जांच अधिकारी की शिकायत पर आरोपी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

पुलिस को दी शिकायत में स्टेट बैंक आफ इंडिया, चंडीगढ़ रोड शाखा के जांच अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि पहले उनकी नेहरू मार्केट में शाखा थी। जिसमें बूटा सिंह पुत्र गोमा सिंह निवासी गांव ललौदा का पेंशन खाता था। उन्होंने बताया कि बाद में उनकी शाखा का विलय चंडीगढ़ रोड शाखा में हो गया। इस दौरान बुटा सिंह का खाता भी इस बैंक शाखा में आ गया। 8 अक्तूबर 2017 को हमारी शाखा के संज्ञान में आया कि बूटा सिंह का तो पहले ही स्वर्गवास हो गया है और उनका बेटा सुरजीत सिंह अपने पिता बूटा सिंह के पेंशन खाते से लगातार बूटा सिंह बनकर पेंशन ले रहा है। उसने अपने पिता की मृत्यु की सूचना भी बैंक को नहीं दी है। 2 फरवरी 2017 को स्वयं बूटा सिंह बनकर अपने पिता का जीवन प्रमाण-पत्र जमा करवाया था। उसके पिता की मृत्यु दिसंबर 2015 में हो चुकी है। सुरजीत सिंह ने बिना बैंक को अपने पिता की मौत की जानकारी दिए बैंक से लगातार पेंशन निकलवाता रहा। उसने 30 दिसंबर 2015 से 31 अक्तूबर 2016 तक अपने पिता का 18 बार एटीएम प्रयोग करके 96 हजार 500 रुपये तथा 30 जनवरी 2017 से 7 अक्तूबर 2017 तक उसके पिता की जारी की गई चेक बुक के चेकों से 8 बार में 1 लाख 15 हजार रुपये निकलवाए। इस अवधि में कुल 3 लाख 49 हजार 301 रुपये की पेंशन राशि उसके पिता के खाते में जमा करवाई गई। इसमें उसके पिता द्वारा पेंशन पर मांगा गया लोन भी शामिल है। जोकि करीब 1 लाख 3 हजार 75 रुपये शामिल हैं। बैंक ने इस मामले की जांच की तो सुरजीत सिंह ने सारी बात स्वीकार कर ली और उसने अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र भी बैंक में जमा करवा दिया। पुलिस ने इस संबंध में जांच अधिकारी की शिकायत पर सुरजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed